कल Pakistan और USA का मैच चल रहा था जिसमें बाउंड्री पर साहिबजादा फरहान फील्डिंग कर रहा था
तभी एक दर्शक उनसे कहता है कि
फरहान भाई इस बार बुमराह को छक्के मार के पूरी 32 घंटे की फिल्म बनाएंगे छोड़ना नहीं है, ये सुनकर साहिबजादा फरहान स्माइल दे रहा था🤣
एक बार गलती से हमारे बुमराह को छक्के मार दिया तो डाक्यूमेंट्री बनाया था इस बार फिल्म बनाने के सपने देख रहा है😂
महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा की फिल्मों में धमाकेदार एंट्री हुई है।
मोनालिसा की पहली फिल्म 'The Diary of Manipur' का ट्रेलर कल लॉन्च हो गया। इसी मौके पर मोनालिसा ने कहा कि
"उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह इतनी दूर तक पहुंच जाएंगी।"
उन्होंने यह भी कहा कि वह अपनी पहली फिल्म की कमाई से स्कूल खोलेंगी।
हवाई जहाज का दरवाजा अगर उड़ते समय ""खुल"" जाए तो क्या होगा??
क्या आपने कभी सोचा है, की हवाई जहाज का दरवाजा अगर खुल जाए तो क्या होगा?
अक्सर हॉलीवुड फिल्मों ने इस दृश्य को काफी डरावना बना रखा है—चारों तरफ चीख-पुकार, सामान का उड़ना और लोगों का बाहर खिंचा चला जाना।
तो आइए जानते हैं इसकी वास्तविकता के बारे में
1️⃣ क्या दरवाजा खोलना संभव है?
सबसे पहले एक राहत भरी खबर: उड़ते विमान का दरवाजा खोलना लगभग नामुमकिन है।
हवाई जहाज के दरवाजे "प्लग डोर" (Plug Doors) तकनीक पर आधारित होते हैं।
इसका मतलब है कि दरवाजा बाहर खुलने के बजाय पहले थोड़ा अंदर की तरफ आता है और फिर बाहर या बगल में खिसकता है।
👉 हवा का दबाव: ऊंचाई पर बाहर की हवा बहुत पतली होती है, जबकि केबिन के अंदर दबाव (Pressure) बहुत ज्यादा होता है।
यह दबाव दरवाजे को एक "प्लग" की तरह अपनी जगह पर कसकर चिपकाए रखता है।
👉 ताकत: 30,000 फीट की ऊंचाई पर दरवाजे पर कई टन का दबाव होता है।
दुनिया का सबसे ताकतवर इंसान भी उस दबाव के खिलाफ दरवाजा नहीं हिला सकता।
2️⃣. अगर दरवाजा (या खिड़की) सच में खुल जाए तो?
मान लीजिए किसी तकनीकी खराबी या विस्फोट की वजह से केबिन में छेद हो जाए या दरवाजा खुल जाए, तो उसे "एक्सप्लोसिव डिकंप्रेशन" (Explosive Decompression) कहते हैं।
ऐसी स्थिति में ये चीजें होंगी:
👉 . हवा का तेज बहाव
केबिन के अंदर की हवा बहुत तेजी से बाहर निकलेगी। इससे इतना शक्तिशाली वैक्यूम बन सकता है कि जो भी चीज दरवाजे के पास अनबेल्टेड (बिना सीट बेल्ट के) होगी, वह बाहर खिंच सकती है।
👉. तापमान में भारी गिरावट
हवाई जहाज जिस ऊंचाई पर उड़ते हैं, वहां तापमान -40°C से -60°C तक होता है।
दरवाजा खुलते ही केबिन का तापमान कुछ ही सेकंड में जमने वाली ठंड तक पहुंच जाएगा।
👉. ऑक्सीजन की कमी (Hypoxia)
ऊंचाई पर ऑक्सीजन बहुत कम होती है। केबिन का प्रेशर खत्म होते ही ऊपर से ऑक्सीजन मास्क गिर जाएंगे।
आपके पास बेहोश होने से पहले खुद को मास्क लगाने के लिए केवल 15 से 20 सेकंड का समय होगा।
👉कान के पर्दों पर असर
अचानक प्रेशर बदलने से कान के पर्दों में तेज दर्द हो सकता है या वे फट भी सकते हैं।
3️⃣. पायलट क्या करेंगे?
ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि पायलटों को इसके लिए कड़ी ट्रेनिंग दी जाती है।
👉 इमरजेंसी डिसेंट: पायलट तुरंत विमान को 30,000 फीट से नीचे 10,000 फीट की ऊंचाई पर ले आएंगे।
👉 सांस लेने लायक हवा: 10,000 फीट पर हवा इतनी घनी होती है कि यात्री बिना ऑक्सीजन मास्क के भी सांस ले सकते हैं।
👉इमरजेंसी लैंडिंग: इसके बाद विमान को नजदीकी एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया जाता है।
🔥🔥निष्कर्ष ---- 🔥🔥
हवाई जहाज के दरवाजे को उड़ान के दौरान खोलना विज्ञान के नियमों के खिलाफ है, इसलिए आप अपनी यात्रा का आनंद बेफिक्र होकर ले सकते हैं।
विमान को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वह विपरीत परिस्थितियों में भी आपको सुरक्षित रख सके। बस एक बात याद रखें—अपनी सीट बेल्ट हमेशा बांधकर रखें, क्योंकि सुरक्षा के लिए वही सबसे बड़ी ढाल है।
जीवन के सबसे मधुर क्षण उस शुभकामना से नहीं आते जो आपको मिलती बल्कि उस विचार से आते है जो कोई आपके हर दिन के लिए शुभकामनाएं देता है
शुभ प्रभात 🌞
एक खूबसूरत दिन मुबारक हो दोस्तों
नमो बुद्धाय जय भीम
@polticalkeeda बिल्कुल सही, हार और जीत जीवन के दो पहलू है अगर जीत गए तो हमें सफलता प्राप्त होगी और अगर हार गए तो हमें उससे एक अच्छा अनुभव प्राप्त होगा जो हमें फिर से आगे ले जाने में मदद करेगा।