बहुत दुख की बात है कि लक्ष्य कम्पनी द्वारा GL IV के नाम पर 4 व्यवसायिक प्रशिक्षकों को निकाल दिया है। जबकि शासन का आदेश है कि GL IV लिए कंपनी पहले वीटी को एडवांस देना है l जब कंपनिया ही एडवांस नहीं देगी तो किस आधार पर उनको टर्मिनेट करना।
और वहीं समग्र शिक्षा के अधिकारी मौन हैं ।
व्यावसायिक शिक्षा-जब कंपनी व्यवस्था 1947 के बाद खत्म हो गई तो व्यावसायिक शिक्षा को चलाने के लिए 21 से ज्यादा कंपनियां क्यों लगा रखी हैं जो कंपनियों के ठेका प्रथा में उलझ गई हैं मंत्रियों ने स्थाई जॉब पॉलिसी लागू करने के लिए CM को लिखा पत्र #हरियाणा_मॉडल_लागू_करो@RavindraBhati__
बधाई हो, हम व्यावसायिक प्रशिक्षकों का कार्यकाल भी 4399 दिन हो गया है। आज तक कोई इंक्रीमेंट नहीं, न कोई पॉलिसी। 12 वर्षों से एक ही वेतन 20000 में इस महंगाई में गुजारा कर रहे हैं। लेकिन मोदीजी को कोई दया नहीं आती। उनको प्रधानमंत्री बनाने में हमने पूरा सहयोग दिया पर उम्मीद टूटा।
क्या व्यवसायिक प्रशिक्षकों को माह बीत जाने के 15 दिन बाद भी विगत माह का मानदेय भुगतान नहीं होने पर शिकायत कर सकते है क्या??
क्या व्यावसायिक प्रशिक्षको के GL IV राशि सत्र बीत जाने के बाद अप्राप्त होने और राशि में कटौती होने पर भी शिकायत कर सकते है क्या??
पूछते हैं CG के वीटी??
@GajendraYdvBJP स्कूल में व्यवसायिक शिक्षा नाम से भी एक प्रोजेक्ट चल रहा है महोदय जी, आपको बताना चाहूंगा कि आधा सत्र बीत जाने के बाद भी बच्चों कों किताबें नहीं मिल पाती है। और मिलती भी है तो पर्याप्त संख्या नहीं रहती है। हमलोगों को समय पर सैलरी नहीं मिलता पर बच्चों को तो समय पर किताबें मिले। 🙏
व्यावसायिक शिक्षा में आप निविदा के पीछे क्यों पड़े हो,इन कंपनियों का राज्य में ऑफिस तक नहीं हैं आपने आदेश निकाला 31 मई तक इन लोगों ने वादा किया लेकिन आज 2 जून हो गई आज तक वेतन नहीं आया हैं
इसलिए स्थाई जॉब पॉलिसी का होना जरूरी हैं
@rajeduofficial@Bhajanlalofc
व्यावसायिक शिक्षा में व्याप्त ठेका प्रथा के दंश को खत्म करने के लिए आदरणीया सांसद महोदया @kamleshjangde15 जी से मुलाकात कर समस्याओं से अवगत करवाया। आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास हैं कि आप हमारी मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगी।