पुरानी पेंशन का निजीकरण नहीं,राष्ट्रीयकरण करें महाराज,हमें भी स्वतंत्रता से जीने और अपने पैसे को अपने तरीके से invest करने का अधिकार मिले
जब देश के आधे से ज्यादा सरकारी कर्मियों की पेंशन है तो हमसे कौन सी दुश्मनी है श्रीमान,देश का सबसे बड़ा मुद्दा है राष्ट्रीयकरण हल करें श्रीमान