अंतरराष्ट्रीय पाक्षिक पत्रिका ‘चाणक्य वार्ता’ के ग्यारहवें वर्ष का अंक -16 (16-31 अगस्त, 2026) में शिक्षाविद एवं स्तंभकार श्वेता गोयल का लेख "79 वर्षों में स्वाभिमान की नई ऊंचाइयों पर भारत'' प्रकाशित किया गया है। आप सभी की प्रतिक्रियाओं का हमें इंतजार रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय पाक्षिक पत्रिका ‘चाणक्य वार्ता’ के ग्यारहवें वर्ष का अंक -16 (16-31 अगस्त, 2026) में भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू का लेख ''मेक इन इंडिया से बिल्ड ग्लोबल फ्रॉम इंडिया तक'' प्रकाशित किया गया है। आप सभी की प्रतिक्रियाओं का हमें इंतजार रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय पाक्षिक पत्रिका ‘चाणक्य वार्ता’ के ग्यारहवें वर���ष का अंक -16 (16-31 अगस्त, 2026) में चाणक्य वार्ता के कार्यकारी संपादक आर पी तोमर का लेख “80वां स्वतंत्रता दिवस : प्रधानमंत्री का 'विकसित भारत' का संकल्प” प्रकाशित किया गया है। आपकी प्रतिक्रियाओं का हमें इंतजार रहेगा।
अंतरराष्ट्र��य पाक्षिक पत्रिका ‘चाणक्य वार्ता’ के ग्यारहवें वर्ष का अंक -16 (16-31 अगस्त, 2026) में चाणक्य वार्ता के संपादक डॉ. अमित जैन का सम्पादकीय "भारतीय संसद को अखाड़ा बनाने स��� रोकना होगा'' प्रकाशित किया गया है। आप सभी की प्रतिक्रियाओं का हमें इंतजार रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय पाक्षिक पत्रिका ‘चाणक्य वार्ता’ के ग्यारहवें वर्ष का अंक -16 (16-31 अगस्त, 2026) आप सभी पाठकों को सादर समर्पित है। इस अंक पर आप सभी की प्रतिक्रियाओं का हमें इंतजार रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय पाक्षिक पत्रिका ‘चाणक्य वार्ता’ के ग्यारहवें वर्ष का अंक -15 (1-15 अगस्त, 2026) में ''उत्तर भारत की खबरें, पूर्वोत्तर भारत की खबरें, दक्षिण भारत की खबरें, पश्चिम भारत की खबरें" प्रकाशित की गयी है। आप सभी की प्रतिक्रियाओं का हमें इंतजार रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय पाक्षिक पत्रिका ‘चाणक्य वार्ता’ के ग्यारहवें वर्ष का अंक -15 (1-15 अगस्त, 2026) में श्रीमती सोनम जैन द्वारा संकलित स्थाय�� स्तंभ ''खबरों में देश विदेश'' प्रकाशित किया गया है। आप सभी की प्रतिक्रियाओं का हमें इंतजार रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय पाक्षिक पत्रिका ‘चाणक्य वार्ता’ के ग्यारहवें वर्ष का अंक -15 (1-15 अगस्त,2026) में चाणक्य वार्ता के पूर्वोत्तर क्षेत्र प्रभारी राजीब अगस्ती का लेख ''असम में विनाशकारी बाढ़ सरकार : जुटी राहत कार्यों में'' प्रकाशित किया गया है। आपकी प्रतिक्रियाओं का हमें इंतजार रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय पाक्षिक पत्रिका ‘चाणक्य वार्ता’ के ग्यारहवें वर्ष का अंक -15 (1-15 अगस्त, 2026) में विद्याभारती नागालैंड के संगठन मंत्री पंकज सिन्हा का लेख ''भारत का वैचारिक संघर्ष और राष्ट्रनिर्माण की दिशा'' प्रकाशित किया गया है। आप सभी की प्रतिक्रियाओं का हमें इंतजार रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय पाक्षिक पत्रिका ‘चाणक्य वार्ता’ के ग्यारहवें वर्ष का अंक -15 (1-15 अगस्त, 2026) में रांची के वरिष्ठ साहित्यकार ललन चतुर्वेदी का लेख ''जेन-जी आंदोलन और भाषा की सुचिता का सवाल'' प्रकाशित किया गया है। आप सभी की प्रतिक्रियाओं का हमें इंतजार रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय पाक्षिक पत्रिका ‘चाणक्य वार्ता’ के ग्यारहवें वर्ष का अंक -15 (1-15 अगस्त, 2026) ���ें चाणक्य वार्ता के कार्यकारी संपादक आर पी तोमर का लेख ''जेन-जी के कंधे पर बन्दूक रखकर युद्ध जितने की मंशा'' प्रकाशित किया गया है। आप सभी की प्रतिक्रियाओं का हमें इंतजार रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय पाक्षिक पत्रिका ‘चाणक्य वार्ता’ के ग्यारहवें वर्ष का अंक -15 (1-15 अगस्त, 2026) में राष्ट्रपति पुरुष्कार से सम्मानित जैन साहित्य के वरिष्ठ विद्वान प्रो फूलचंद जैन प्रेमी का लेख ''श्रमण जैन परम्परा में चातुर्मास की अवधारणा'' प्रकाशित किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय पाक्षिक पत्रिका ‘चाणक्य वार्ता’ के ग्यारहवें वर्ष का अंक -15 (1-15 अगस्त, 2026) में टीकमगढ़ की प्रमुख समाजसेवी एवं जैन विद्वान पवन घुवारा का लेख ''विश्व प्रसिद्द णमोकार तीर्थ और राष्ट्रसंत सारस्वताचार्य श्री देवनन्दी जी महाराज'' प्रकाशित किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय पाक्षिक पत्रिका ‘चाणक्य वार्ता’ के ग्यारहवें वर्ष का अंक -15 (1-15 अगस्त, 2026) में चाणक्य वार्ता के संपादक डॉ. अमित जैन का सम्पादकीय "बाढ़ की विभीषिका : केंद्र व राज्य मिलकर निकालें स्थायी समाधान'' प्रकाशित किया गया है। आप सभी की प्रतिक्रियाओं का हमें इंतजार रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय पाक्षिक पत्रिका ‘चाणक्य वार्ता’ के ग्यारहवें वर्ष का अंक -14 (16-31 जुलाई, 2026) में चाणक्य वार्ता के नेशनल सोशल मीडिया हेड हेमंत उपाध्याय का लेख “योगी का प्रहार - रामभक्तों प�� गोली चलवाते वक्त आस्था कहाँ गई थी ?” प्रकाशित किया गया है। प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय पाक्षिक पत्रिका ‘चाणक्य वार्ता’ के ग्यारहवें वर्ष का अंक -14 (16-31 जुलाई, 2026) में श्रीमती सोनम जैन द्वारा संकलित स्थायी स्तंभ ''खबरों में देश विदेश'' प्रकाशित किया गया है। आप सभी की प्रतिक्रियाओं का हमें इंतजार रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय पाक्षिक पत्रिका ‘चाणक्य वार्ता’ के ग्यारहवें वर्ष का अंक -14 (16-31 जुलाई, 2026) में ''उत्तर भारत की खबरें, पूर्वोत्तर भारत की खबरें, दक्षिण भारत की खबरें, पश्चिम भारत की खबरें" प्रकाशित की गयी है। आप सभी की प्रतिक्रियाओं का हमें इंतजार रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय पाक्षिक पत्रिका ‘चाणक्य वार्ता’ के ग्यारहवें वर्ष का अंक -14 (16-31 जुलाई, 2026) में चाणक्य वार्ता के पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश कंदोई का लेख ''राज्यपाल ने विधानस��ा में रखी पश्चिम बंगाल के नव-निर्माण की रूपरेखा” प्रकाशित किया गया है। प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा
अंतरराष्ट्रीय पाक्षिक पत्रिका ‘चाणक्य वार्ता’ के ग्यारहवें वर्ष का अंक -14 (16-31 जुलाई, 2026) में चाणक्य वार्ता के राजस्थान ब्यूरो चीफ डॉ अमर सिंहल का लेख ''हल्दीघाटी में जीते थे महाराणा प्रताप'' प्रकाशित किया गया है। आप सभी की प्रतिक्रियाओं का हमें इंतजार रहेगा।