महानगर अध्यक्ष युवा कांग्रेस, वाराणसी , पूर्व प्रदेश महासचिव-उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस (पूर्वी) पूर्व कोऑर्डिनेटर कैण्ट विधानसभा युवा कांग्रेस,वाराणसी
प्रधानमंत्री जी का क्योटो..
प्रधानमंत्री जी वर्ष 2014 से लगातार वाराणसी के सांसद हैं। विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन महज आधे घंटे की बारिश ने इन दावों की हकीकत सामने ला दी।
यह काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) का मुख्य द्वार है, जहाँ प्रतिदिन हजारों मरीजों, छात्र-छात्राओं और आम लोगों का आवागमन होता है। आप देख सकते हैं कि किस तरह जलजमाव और अव्यवस्था के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थिति प्रधानमंत्री जी के क्षेत्र की है.आधे घंटे की बारिश में चारों तरफ़ जलमग्न हो जाता है.डबल इंजन सरकार के विकास को दिखाते फोटो वायरल हैं.
PM @narendramodi के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में महज कुछ देर की बारिश ने शहर की बदहाल जलनिकासी व्यवस्था और विकास के दावों की पोल खोल दी।
BHU के मुख्य द्वार समेत शहर के कई इलाकों में भारी जलजमाव के खिलाफ IYC वाराणसी ने जोरदार प्रदर्शन किया।
सवाल सीधा है - हर बारिश में वाराणसी की यही तस्वीर क्यों?
विकास के नाम पर सिर्फ दावे नहीं, जमीन पर काम चाहिए।
"प्रधानमंत्री जी का संसदीय क्षेत्र 'क्योटो' - बदहाल काशी, मालामाल भाजपाई!"
वाराणसी में महज आधे घंटे की बारिश ने एक बार फिर तथाकथित 'विकास' के बड़े-बड़े दावों की पोल खोलकर रख दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के संसदीय क्षेत्र की सड़कें, गलियां और प्रमुख चौराहे जलमग्न हो चुके हैं। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के मुख्य द्वार पर भारी जलजमाव के कारण प्रतिदिन आने-जाने वाले हजारों मरीजों, छात्र-छात्राओं, परिजनों और आम नागरिकों को भीषण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। देश और प्रदेश की भाजपा सरकार के पास कागजों और विज्ञापनों में तो 'विश्वस्तरीय' शहर का खाका है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि मामूली सी बारिश भी नगर निगम और शासन की जलनिकासी व्यवस्था को ध्वस्त कर देती है।
जनता को विज्ञापनों में सिमटा विकास नहीं, बल्कि जमीन पर बेहतर सड़कें, साफ-सफाई और सुचारु जल निकासी चाहिए। वाराणसी जैसे सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व के शहर में हर बारिश के बाद ऐसी स्थिति पैदा होना प्रशासनिक और शासकीय इच्छाशक्ति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
इस विकट जनसमस्या के खिलाफ और सरकार को नींद से जगाने के लिए पानी में उतरकर महानगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष श्री चंचल शर्मा जी, कैंट विधानसभा अध्यक्ष युवा कांग्रेस धीरज सोनकर जी, महानगर महासचिव युवा कांग्रेस आयुष पटेल जी और महानगर उपाध्यक्ष युवा कांग्रेस आशुतोष श्रीवास्तव जी सहित समस्त युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और अविलंब जलनिकासी का स्थायी समाधान निकालने की मांग की।
प्रधानमंत्री जी का क्योटो….!
प्रधानमंत्री जी वाराणसी के सांसद हैं।महज आधे घंटे की बारिश में (BHU) का मुख्य द्वार है, जहाँ प्रतिदिन हजारों मरीजों, छात्र-छात्राओं और आम लोगों का आवागमन होता है। आप देख सकते हैं जलभराव ।@IYC@srinivasiyc@Pawankhera@INCUttarPradesh@INCIndia
VIDEO | Ayodhya: Uttar Pradesh Congress chief Ajay Rai offers prayers at Hanuman Garhi Temple.
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7)
#Ayodhya
किस आधार पर सत्ता पक्ष के वाराणसी में कई विधायक , मंत्री , और एमएलसी के पुत्रों को सरकारी सुरक्षा और स्कोर्ट की सुविधा मिली है माननीय मुख्यमंत्री जी ..!
कृपया इसकी जाँच होनी चाहिए ..! @CMOfficeUP@dgpup@varanasipolice@ANINewsUP@PTI_News
भाजपा-आरएसएस के कुछ इतिहास-निर्माता इन दिनों बड़े उत्साह से घोषणा कर रहे हैं कि नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री कार्यकाल अब नेहरू से लंबा हो गया है। इस “उपलब्धि” तक पहुँचने के लिए उन्होंने एक अनोखा तरीका निकाला है, 15 अगस्त 1947 से 1952 तक की पहली सरकार को ही इतिहास से गायब कर दो!
यानि स्वतंत्र भारत की पहली सरकार कोई सरकार थी ही नहीं। अगर ऐसा है, तो फिर सरदार वल्लभभाई पटेल पहले गृह मंत्री कैसे हुए? डॉ. भीमराव आंबेडकर पहले कानून मंत्री कैसे हुए? और सबसे दिलचस्प बात, भाजपा के वैचारिक पुरखे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उस सरकार में 1947 से 1950 तक उद्योग और आपूर्ति मंत्री कैसे थे?
नेहरू से इतनी वैचारिक खुन्नस कि अब सरदार पटेल, आंबेडकर और अपने ही वैचारिक पूर्वज श्यामा प्रसाद मुखर्जी तक को कैबिनेट से बेदखल किया जा रहा है। लगता है संघ परिवार का नया इतिहास-लेखन यह कहेगा कि स्वतंत्रता 1947 में नहीं, बल्कि तब मिली जब उन्हें सुविधाजनक लगे; और पहली सरकार भी वही मानी जाएगी जो उनके राजनीतिक आख्यान में फिट बैठे।
वास्तविकता यह है कि 15 अगस्त 1947 को गठित सरकार ही स्वतंत्र भारत की पहली राष्ट्रीय सरकार थी। उसी सरकार ने रियासतों के एकीकरण का काम किया, संविधान निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया और नवजात गणराज्य की नींव रखी। लेकिन नेहरू-विरोध के उन्माद में भाजपा-आरएसएस का एक वर्ग अब उस पूरी सरकार को ही अमान्य बताने पर आमादा है।
यह सिर्फ नेहरू का अपमान नहीं है। यह पटेल, आंबेडकर के साथ भारत सरकार की पहली कैबिनेट का अपमान है। विडंबना देखिए नेहरू को छोटा दिखाने के प्रयास में वे अपने ही वैचारिक पूर्वज को ही इतिहास से बाहर फेंक रहे हैं। यदि 1947-52 की सरकार को मान्यता नहीं दी जाएगी, तो फिर मुखर्जी भी मंत्री नहीं थे, सरदार पटेल भी गृह मंत्री नहीं थे और आंबेडकर भी कानून मंत्री नहीं थे।
इतिहास के साथ यह खिलवाड़ केवल हास्यास्पद नहीं, बल्कि बौद्धिक बेईमानी का उदाहरण है। नेहरू से राजनीतिक लड़ाई लड़िए, लेकिन इतनी भी नहीं कि अपने ही नायकों की कुर्बानी देनी पड़े। नेहरू-विरोध में अंधे हुए लोग आज उस पहली कैबिनेट की वैधता पर सवाल उठाकर स्वतंत्र भारत की बुनियादी संस्थाओं और अपने ही पूज्य नेताओं का अवमूल्यन कर रहे हैं। यह इतिहास का पुनर्लेखन नहीं, इतिहास का उपहास है।
#LongestServingElectedPMModi
वाराणसी में राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया जब युवा कांग्रेस महानगर अध्यक्ष चंचल शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने लंका थाने पहुंचकर प्रार्थना पत्र सौंपा और कार्रवाई की मांग की...
#varanasi#Congress
@IANSKhabar जवाब दिया गया ….
आज भाजपा ने जिला मुख्यालय पर नेता विपक्ष और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पुतला फूंका उसके विरोध में कांग्रेस द्वारा जबाबी कार्यवाही करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ,मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ,मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के छायाचित्र को फूंका गया
लड़े है ..लड़ेंगे
जवाब दिया गया..
वाराणसी भाजपा ने जिला मुख्यालय पर नेता विपक्ष और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पुतला फूंका।
जवाब में कांग्रेस ने भी वहीं प्रधानमंत्री @narendramodi,@myogiadityanath और @dpradhanbjp के छायाचित्र जलाकर विरोध दर्ज कराया।
एकतरफा राजनीति अब नहीं चलेगी…
लड़े हैं, लड़ेंगे
न डरे , न बिके , न झुके आज भी चट्टान की तरह पूरे प्रदेश की आवाज बनकर माननीय अजय राय जी खड़े है और लड़ रहे है ….!
उनका एक एक सिपाही उनके साथ अन्याय, अत्याचार की इस लड़ाई में डटा है और डटा रहेगा ….! @kashikirai@ANI
महोबा (बुंदेलखंड) की दलित बिटिया के साथ हुई दरिंदगी—16 दिनों तक बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म, सिगरेट से जलाना और जबरन विवाह—ने मानवता को शर्मसार कर दिया है।
रूह कंपा देने वाली यह घटना प्रदेश में कानून-व्यवस्था की बदहाली का जीता-जागता सबूत है।
आज सिजहरी (महोबा) जाते समय पुलिस ने कई जगह हमें रोकने और डराने का प्रयास किया, लेकिन कांग्रेस के संकल्प को कोई बाधा नहीं रोक सकती। पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया है।
भाजपा सरकार का "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" का नारा एक ढोंग और खोखला जुमला बनकर रह गया है।
असल में ये अपराधियों को संरक्षण देने वाली सरकार है। हम चुप नहीं बैठेंगे, इस अन्याय के खिलाफ सड़क से सदन तक आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। दोषियों को ऐसी सजा मिले जो नजीर बने।
#Mahoba #JusticeForOurDaughter #LawAndOrderUP #BetiBachaoBetiPadhao #UPCongress
*वाराणसी*
महानगर युवा कांग्रेस की मासिक बैठक रखने पर हमे और मेरे साथियों को हाउस कर रही है यह निकम्मी सरकार …!
चंचल शर्मा
महानगर अध्यक्ष
महानगर युवा कांग्रेस, वाराणसी