Bangladesh: Another Hindu Panditji b*aten by Islamists in Chandgaon, Chittagong. He is the head priest of Maa Chandi Temple.
He stood his ground, took the beatings and still chose to continue protecting his temple. Indeed, bad times breed strong men.
Hello @RailMinIndia@RPF_INDIA
ये बाबा ताजुद्दीन की फैमिली और उनके चेले
चपाटों का कौन सा पास है जिसमें किसी को टिकट लेने की जरूरत नहीं पड़ती...
और ये BSD के अंदर रील बना बनाकर
लोगों को टिकट न लेने के लिए उकसा रहे हैं..
Repost जबतक
ताजुद्दीन की औलादें पकड़ी न जाएं 🖐️
Hello @BhimArmyChief
दलित परिवार की नाबालिग बेटी को जिहादी अयान खान ने किडनैप करके रेप किया फिर लाश को नदी में फेंक दिया।
यह घटना आपके घर से कुछ ही दूरी पर हुई है।
तो है गांव में इतना दम, आरोपी के खिलाफ एक धरना प्रदर्शन भी कर सको ?
यह वही प्रोफेसर नंदिता नारायण है जो आजकल कॉकरोच आंदोलन में रोज हिंदू धर्म के खिलाफ जहर उगल रही है
इसका असली नाम नंदिता नारायण अंसारी है इसके पति का नाम रशीद अंसारी है इसकी बेटी का नाम निदा अंसारी है
इसका परिवार कट्टरपंथी और जिहादी विचारधारा के तथा सिम्मी आतंकवादियों को सपोर्ट करने वाले भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का रिश्तेदार है
“घर वापिसी पर स्वागत” ❤️: लोहरदगा के हाटी गांव में जब मुझे एक “घर वापिसी” की हुई दीदी से मिलाया गया , तो मैंने कुछ इस प्रकार से उनका स्वागत किया
⭐️हाटी गाँव में धर्मांतरण के उद्देश्य से पादरी के प्रवेश पर रोक है । ⭐️ लेकिन ईसाई धर्म के आम गाँव वासी पर कोई रोक नहीं है
१) सूचना पट्टी पर क्या लिखा है ?
👉🏽सूचना पट्ट पर पादरी ,पास्टर तथा अन्य लोगों के “धर्मांतरण के उद्देश्य से गाँव में आने पर रोक” लगाने का आदेश सूचना पट्टी पर लिखा गया है । यह ग्राम सभा का निर्णय है
२) क्या यह सूचना पट्टी गैर कानूनी है ?
👉🏽 माननीय सर्वोच्च न्यायालय तथा छत्तीसगढ़ न्यायालय ने पूर्व में इसी विषय पर , ग्राम सभा के निर्णय तथा सूचना पट्टी को संवैधानिक ठहराया है । ⭐️पेसा क़ानून तथा संविधान तहत यह बोर्ड कानूनन बिल्कुल सही है
३) कोर्ट और क़ानून क्या कहते हैं ?
👉🏽 संविधान के अनुच्छेद 25 तथा पेसा कानून तहत ग्राम सभा धर्मांतरण पर रोक लगा सकती है । पांचवी अनुसूचित के ग्राम सभा को विशेष शक्तियां हैं
४) गाँव पर आने जाने से किसपर रोक है ?
👉🏽 आम नागरिक , गाँव वासी या ईसाई समुदाय पर आने जाने पर कोई रोक नहीं है । ⭐️ केवल धर्मांतरण हेतु चंगाई सभा तथा प्रार्थना सभा , इत्यादि , करवाने के उद्देश्य से गाँव में आने जाने पर रोक है
५) ग्राम सभा द्वारा धर्मांतरण पर रोक लगाने का क्या आधार है ?
👉🏽 पेसा क़ानून तहत ग्राम सभा अपने धर्म , संस्कृति , परंपरा का संरक्षण कर सकती है
👉🏽चंगाई सभा में सरना धर्म तथा देवी देवता का अक्सर अपमान किया जाता है । इससे गांव का माहौल खराब हो सकता है । ग्राम सभा शांति बनाए रखने के लिए कदम उठा सकती है
👉🏽चंगाई सभा में “चमत्कार से चंगा” करने का अंधविश्वास फैलाया जाता है । *ग्राम सभा अंधविश्वास पर रोक लगा सकती है
⭐️यह केवल सूचना पट्टी ही नहीं बल्कि गाँव का स्वाभिमान है तथा धर्म - परंपरा को बचाने का संकल्प है ।
बिरसा भगवान की इस तस्वीर में, उनके बलिदान और संघर्ष के साथ-साथ “अपनों” से ग़द्दारी की कहानी भी है
👉🏽भगवान बिरसा मुंडा की इस तस्वीर में उनके साथ अंग्रेज़ नहीं हैं - बल्कि अपने ही समाज के ग़द्दार हैं जिन्होनें बिरसा मुंडा भगवान के संघर्ष को कुचलने में अंग्रेज़ों का साथ दिया था
⭐️आदिवासी समाज के ही किसी सदस्य ने अंग्रेजों को बिरसा भगवान के छिपने की जानकारी दी थी
⭐️अंग्रेज़ के सैनिक में भी भारतीय होते थे - जो कि अपने ही भाइयों पर गोली चलाते थे
👉🏽आज भी ऐसे गद्दार / विभीषण / जयचंद - अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए समाज को धोखा दे रहे हैं
🌱वे आदिवासी समाज के अधिकार को बाधित कर रहे है ,
🌱ज़मीन दलाली कर रहे हैं
🌱 अवैध धर्मांतरण का साथ दे रहे हैं …
🌱“भाईचारा” की दुहाई दे रहे हैं लेकिन आदिवासी भाई को “चारा” बना कर खा जा रहे हैं
👉🏽बिरसा भगवान ख़ुद ईसाइयत छोड़ कर वापिस मूल धर्म में लौटे थे
🌱वे धर्मांतरण के ख़िलाफ़ थे
🌱वे अंग्रेज़ों और जमींदारों को दीकू कहते थे
🌱धर्म और ज़मीन की रक्षा के लिए बलिदान दिया था
👉🏽अंग्रेज़ चले गए - लेकिन अंग्रेज़ी विचारधारा छोड़ गए
👉🏽 बिरसा भगवान अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ तीर धनुष से लड़े थे :- आज “अंग्रेज़ी मानसिकता” के ख़िलाफ़ समाज क़ानून की मदद से अपने अधिकार के लिए लड़ रहा है
👉🏽आज समाज के सामने मुख्य चुनौती है - अवैध धर्मांतरण तथा उससे संबंधित - सांस्कृतिक घुसपैठ , राजनीतिक तथा आर्थिक नियंत्रण , आरक्षण लाभ पर धर्मांतरित आदिवासी का कब्जा , इत्यादि
अंग्रेज़ी विचारधारा और विघटनकारी षड्यंत्र , को भस्म करना ही बिरसा मुंडा भगवान को सच्ची श्रद्धांजलि होगी … 🇦🇹🙏🏽💐
आईआरएस ऑफिसर @OraonNesha ने कहा है कि ग्रामसभा की अनुमति के बिना चंगाई सभा का आयोजन नहीं हो। उन्होंने पैसा कानून उल्लंघन पर भी रोक लगाने की मांग को लेकर लोहरदगा के डीसी को ज्ञापन सौंपा।
#NeshaOraon#Jharkhand#Adivasi
⭐️बिना ग्राम सभा के अनुमति के “चंगाई सभा” नहीं की जा सकती है
🌱माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में स्पष्ट किया गया है की ग्राम सभा “चंगाई सभा” को रोक सकती है
🌱ग्राम सभा में निर्णय “सर्वसम्मति” से लिया जाता है
🌱यानी अगर ग्राम सभा के ५-१० लोग भी अगर विरोध करते हैं , तो चंगाई सभा नहीं की जा सकती है
🌱आज लोहरदगा जिला (झारखंड ) के जिला उपायुक्त को ज्ञापन दिया गया कि जिला प्रशासन बिना ग्राम सभा के अनुमति के चंगाई सभा की अनुमति ना दे
रोहित के बारे कुछ नहीं कहना लेकिन उरांव साहब की ईमानदारी और मिटटी से प्रेम के सभी गुण निशा दीदी में है I पलामू का कोई भी उरांव साहब से मिलता था तो आईपीएस रहते हुए उन्होंने उस पलामूवासी को कभी निराश नहीं किया, नेता बनने के बाद का तो पता नहीं ! निशा दीदी आपको शुभकामनायें
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के लोगों, बेशर्मी के साथ डूब मरो...
आज जिन्हें नागरिकता प्रदान की जा रही है, उनमें ज्यादातर लोग दलित, वंचित और पिछड़ी जाति के हैं...
आखिर इनके लिए आवाज क्यों नहीं उठाई?
CJP प्रोटेस्ट बना नमाजियों का अड्डा!
प्रदर्शन में सनातन का विरोध, इस्लाम का तुष्टिकरण!
क्या आपने CJP प्रदर्शन में पूजा, आरती, मंत्रोच्चार देखा!
लेकिन प्रदर्शन स्थल पर एक नमाज़ी आपको नमाज पढ़ते हुए जरूर दिख जाएगा।
गया था ताजिया जुलूस में, करने लगा रेप...
60 साल के अबरार को बदायूं में हाफ-एनकाउंटर के बाद अलापुर में मुहर्रम ताजिया जुलूस के दौरान 4 साल की बच्ची को कथित तौर पर किडनैप करके रेप करने के आरोप में गिरफ्तार किया।
आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी, और एक पिस्टल बरामद हुई।
गर्म चिमटे से दगा, गोमांस खाने और कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया।
कानपुर में एक नाबालिग को सात दिन बंधक बनाकर कन्वर्जन का प्रयास।
उसे ज़बरन कलमा पढ़ने, उर्दू में लिखे एक दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने, गोमांस खाने के लिए मजबूर किया गया।
21 जून को लड़की किसी काम से घर से बाहर गई थी लेकिन वो घर वापस नहीं लौटी शनिवार को वह बुरी हालत में घर लौटी, उसके शरीर पर जलने के निशान साफ़ दिख रहे थे।
लड़की ने बताया कि उसकी किसी अरमान नाम के एक युवक से जान-पहचान हुई थी । 21 जून को उसने कथित तौर पर उसे नमक फैक्ट्री चौराहा पर बुलाया। जब वह वहाँ पहुँची, तो अरमान और उसके दो साथी एक कार में उसका इंतज़ार कर रहे थे।
वे पहले उसे मोतीझील ले गए, लेकिन जब उसने घर छोड़ने को कहा, तो वे कथित तौर पर उसे एक मुस्लिम बहुल इलाके में स्थित एक घर में ले गए।
अगर लव जिहाद प्रोपगेंडा है तो हमेशा टार्गेट हिन्दु लड़की ही क्यों, मुस्लिम लड़की क्यों नहीं ?
भारत मे अनेक धर्म मानने वाले लोग हैं, लेकिन पहचान छुपाकर दोस्ती, शारिरिक शोषण, धर्म परिवर्तन आदि घटनाओं को अंजाम देने वाला हर व्यक्ति मुस्लिम ही क्यों ?
ये दो महत्वपूर्ण सवाल हर जिम्मेदार नागरिक को अपने आप से जरूर पूछना चाहिए।
अमेरिका और यूरोप वाले कितने मूर्ख हैं बेटियों को विज्ञान और गणित पढ़ाने में लगे हैं,
एक तरफ हमारे बिहार के मौलाना हैं छोटी छोटी बच्चियों को अभी से अच्छी तालीम दे रहे