@PTI_News Since law and order is a State subject, wouldn't it undermine India's federal structure if the Central Government directed a State not to initiate action against a particular individual?
@abhinaymaths जहां गलती होगी मतलब इसको अभी गलती दिखाई नहीं दे रहा है झारखंड में एक भी परीक्षा फेयर नहीं हो रहा है इसको दिखाई नहीं दे रहा है। हिम्मत नहीं है बीजेपी छोड़ के और किसी के विरोध में बोलने का क्योंकि तुम्हारा एजेंडा को ये सूट नहीं करता है।
झारखंड में युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाला एक बड़ा सिंडिकेट सक्रिय है। चाहे जेएसएससी की परीक्षाएं हों या जेपीएससी की, लगभग हर भर्ती प्रक्रिया को इस सिंडिकेट ने प्रभावित किया है। सरकारी नौकरियों की खरीद-फरोख्त के गंभीर आरोप लगातार सामने आए हैं। इसमें कोई संदेह नहीं कि लाखों युवाओं के सपनों के साथ अन्याय हुआ है।
यह अत्यंत चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य के मुख्य सचिव जैसे सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर रहे व्यक्ति, जब जेपीएससी के अध्यक्ष बनते हैं, तब उनके कार्य को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। इतना ही नहीं, परीक्षा आयोजन से जुड़ी एजेंसियों द्वारा संबंधित अधिकारियों के विदेश भ्रमण प्रायोजित किए जाने की सूचना भी आई है। यह अत्यंत गंभीर विषय है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। राज्य सरकार को इस पूरे मामले पर जनता के सामने स्पष्ट जवाब देना चाहिए। पिछले दो दिनों में हुई कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि झारखंड में एक संगठित सिंडिकेट युवाओं को झारखंडियत का झूठा सपना दिखाकर उनके भविष्य से खेलता रहा है।
इसलिए मैं बार-बार कहता हूं कि राज्य की किसी भी जांच एजेंसी द्वारा की जा रही कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। यदि राज्य सरकार वास्तव में युवाओं को न्याय दिलाना चाहती है, तो इस पूरे मामले की जांच तत्काल सीबीआई को सौंपनी चाहिए तथा सभी संबंधित लोगों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
आखिर यह कैसे संभव है कि राज्य शासन के संरक्षण या लापरवाही के बिना कोई संस्था इतने बड़े स्तर पर अनियमितताएं कर ले? इससे भी अधिक आश्चर्यजनक यह है कि कांग्रेस केंद्र सरकार पर सवाल उठाती है, जबकि झारखंड में वही सरकार की सहयोगी है। ऐसे गंभीर मामले पर कांग्रेस की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
झारखंड का युवा सब कुछ देख और समझ रहा है। राज्य की जनता भी सच्चाई से परिचित है। समय आने पर झारखंड के युवा और जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका करारा जवाब देंगे।
#Jharkhand #JPSC #JSSC
@BJP4India@BJP4Jharkhand
#DharmendraPradhan के इस्तीफे के बाद झारखंड के युवाओं ने भी कमर कस ली है।
अब झारखंड का अपना "जंतर-मंतर" बहुत जल्द देखने को मिल सकता है।
हेमंत सोरेन इस्तीफा दो इस मांग ने अब युवाओं के बीच राजनीतिक चर्चा का रूप लेना शुरू कर दिया है।
@WeAreJharkhand#HemantSoren_इस्तीफा_दो#JPSC #JSSC #PaperLeak #Jharkhand
झारखंड के शिक्षा मंत्री हेमंत सोरेन जी के नाक के नीचे से JPSC PT रिजल्ट्स में धांधली होती है, JSSC-CGL परीक्षा में धांधली होती है, वो मौन रहते है, झारखंड में युवाओं के भविष्य के साथ आपको खेलने का कोई हक नहीं है।
हेमंत सोरेन जी तुरंत इस्तीफा दीजिए।
JPSC घोटाले का तार JSSC तक पहुंच गया है इसीलिए - "JPSC- JSSC भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान" शुरू.. प्रथम चरण के आंदोलन "अनिश्चितकालीन सत्याग्रह"
@JharkhandCMO@Tigerjairam@jhar_governor
आदरणीय
आपकी सरकार में उत्पाद सिपाही की दौड़ में 13 लोगों की असमय मौत हो गई थी आपके अव्यवस्था के कारण। उमस भरी गर्मी में लंबी दौड़ पूरा करने के लिए अव्यावहारिक समय का निर्धारण किया था। ऐसे भी नौकरी नहीं मिल रही थी। तो नौकरी की तलाश में युवाओं ने अपनी जान की बाजी लगा दी।लेकिन 13 युवा कभी भी अपने घर नहीं लौटे।
तत्कालीन डीजीपी साहब ने ही 12 का आंकड़ा आधिकारिक तौर पर बताया था। बाद में एक व्यक्ति की और मौत हो गई।
उस समय दौड़ तो स्थगित हो गई।लेकिन आपसे आग्रह है पूरा विवरण दें कि क्या आपने एक करोड़ रूपया मुआवजा उन मृत अभ्यर्थी के परिजनों को दिया।इन अभ्यर्थियों की मौतें आपकी सरकार के दौड़ में रखी गई अव्यवहारिक शर्तों के कारण हो गई थी महोदय।
जवाब का इंतजार रहेगा। मर्यादा में सार्थक चर्चा का हमेशा स्वागत है।
जोहार रहेगा 🙏