#अशोक_विजयदशमी को #नागपुर_दिक्षाभूमि में लाखों लोग बाबासाहब अंबेडकर जी को नमन करने आए थे,
भारत की एक भी टीवी चैनल ने यह प्रोग्राम नही दिखाया है इसे कहते हैं,
जातिवाद वर्ण वादी, मनुवादी मीडिया
#जयभीम_जयमूलनिवासी 🌹🙏
This government must understand that the students' anger has not subsided. There is immense anger among the people, and if required, protests will happen again and be bigger than the previous one.
बहुजन समाज पार्टी, अयोध्या के जिलाध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार पासी जी के भतीजे के असामयिक निधन का समाचार सुनकर हृदय को गहरी पीड़ा पहुँची है।
इतनी छोटी उम्र में यूँ अचानक साथ छूट जाना, ये वह दुख है जिसके लिए को�� शब्द पूरा नहीं पड़ता। एक परिवार अपने बच्चों के लिए जो सपने देखता है, जो कल की उम्मीदें बुनता है, वह सब एक पल में रुक जाता है। ऐसे समय में सांत्वना देना आसान नहीं है।
लेकिन इतना ज़रूर कहना चाहूँगा कि श्री कृष्ण कुमार पासी जी को जो लोग जानते हैं, और उनके संघर्ष के साथी रहे हैं, सब आज इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े हैं।
भावभीनी श्रद्धांजलि।
आज छत्रपति राजर्षि शाहू जी महाराज की जयंती है, एक ऐसे महापुरुष को याद करने का दिन, जिन्होंने अपने समय से बहुत आगे की सोच रखी।
1902 में, जब देश का बड़ा हिस्सा जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता से जूझ रहा थ���, तब शाहू जी महाराज ने पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण लागू कर यह साबित किया कि सत्ता का असली उद्देश्य समाज के आख़िरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी न्याय दिलाना होता है, न कि केवल कुछ लोगों के हितों की रक्षा करना।
मैं मानता हूँ कि हर पीढ़ी को बराबरी की लड़ाई अपने तरीक़े से लड़नी होती है। शाहू जी महाराज ने अपनी पीढ़ी की लड़ाई पूरी ईमानदारी से लड़ी। आज जब संविधान, आरक्षण और समान अवसर जैसे सवालों पर ���हसें फिर से तेज़ हैं तो उनका जीवन हमें याद दिलाता है कि लोकतंत्र की ताक़त उसके सबसे ऊँचे पदों से नहीं, उसके सबसे आख़िरी नागरिक के साथ हुए व्यवहार से मापी जाती है।
आज सिर्फ़ श्रद्धांजलि देना काफ़ी नहीं है। उनके अधूरे काम को आगे बढ़ाना हर वंचित और पिछड़े व्यक्ति तक शिक्षा, सम्मान और बराबर अवसर पहुँचाना ही शाहू जी महाराज के लिए हमारी असली श्रद्धांजलि होगी।
छत्रपति राजर्षि शाहू जी महाराज को मेरा कोटि कोटि नमन।
यह वीडियो इतिहास में याद रखा जाएगा।
कल मुंबई में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आम नागरिकों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया
यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि आम लोगों का विरोध था
जब पुलिस प्रदर्शनकारियों को गाड़ी में बैठाकर ले जा रही थी, तभी एक बहादुर लड़की निडर होकर पुलिस की गाड़ी के सामने खड़ी हो गई
उसने अपने साथियों को बिना आवाज़ उठाए ले जाने देने से इनकार कर दिया
इस लड़की का साहस सचमुच काबिल-ए-तारीफ़ है..👏🇮🇳
देश मानता है, भाजपा आक्रांता है।
इतिहास गवाह है कि विश्वविद्यालय तोड़नेवाले कभी अपने लोग नहीं रहे। यूपी की भाजपा सरकार नकारात्मकता का नया इतिहास लिख रही है।
शर्मनाक!
इतिहास में दुनिया के किसी भी देश प्रधानमंत्री को कभी इतनी गलिया नहीं मिली होंगी!
जितनी हमारे देश के प्रधानमंत्री मोदी को मिल चुकी हैं ये उनके कर्मों का ही फल हैं!💔
A female student alleges that police called her a “prostitute,” threatened to strip and beat her inside a police station and assaulted her so severely that her ear started bleeding.
Where are the Women’s Commission and Human Rights Commission? Will they act, or remain silent ?