Before 800 CE, these were the Gods the world worshipped in different regions with different names.
And grand temples were built for them..
The similarities just cannot be ignored...
पहली बार हिंदी में शिव तांडव स्तोत्र 🔱
आशुतोष राणा की दमदार प्रस्तुति ने रोंगटे खड़े कर दिए हर शब्द में भक्ति, हर स्वर में महादेव की शक्ति का एहसास
नमः पार्वती पतये, हर-हर महादेव 🚩🙏
निजी स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की पहल!
प्रदेश के निजी स्कूलों में मनमानी रोकने, फीस को नियंत्रित करने और छात्रों व अभिभावकों के हितों की रक्षा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
निजी विद्यालयों को फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य, मनमानी बढ़ोतरी व अनावश्यक शुल्क पर रोक होगा।
साथ ही किताबें-यूनिफॉर्म कहीं से भी खरीदने की स्वतंत्रता, छात्रों को फीस बकाया पर भी परीक्षा/परिणाम से वंचित नहीं किया जाएगा।
आदेश उल्लंघन होने पर कड़ी कार्रवाई तय है।
इससे प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और सुलभ बनेगी।
जला अस्थियाँ बारी-बारी
छिटकाई जिनने चिंगारी,
जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर
लिए बिना गर्दन का मोल।
क़लम आज उनकी जय बोल !
महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह-सुखदेव-राजगुरू को #शहीद_दिवस पर सादर कृतज्ञ प्रणाम🇮🇳🙏🫡
आप ही हमारे देश के असली हीरो और आदर्श हो🇮🇳💖🙏
#जयहिंद 🇮🇳🫡
#ShaheedDiwas
कांग्रेस का काला अध्याय
6. आज यानि 22 मार्च 1957 को नेहरु जी ने भारत में नया कलेंडर/ पंचांग लागू किया ।हिंदू कोड बिल के बाद भारत की सनातन संस्कृति को मिटाने की यह बड़ी साज़िश थी ।1953 में कलेंडर कमिटि महान वैज्ञानिक मेघनाथ साहा जी के नेतृत्व में बनी,जिनको सांसद नहीं बनने के लिए नेहरु जी ने ऐडी चोटी का ज़ोर लगाया,निर्दलीय सांसद बने 1955 में रिपोर्ट आई ।दोनों के बीच इतने मतभेद थे कि अक्टूबर 1956 में मेघनाथ जी के मृत्यु के बाद यह लागू हुआ,हिंदुस्तान का नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यानि विक्रमसंवत ख़त्म हो गया,अंग्रेज़ी कैलेंडर के साथ शक कलेंडर लागू हो गया ।हमारे बच्चे अब पूर्णिमा,अमावस्या,एकादशी,ग्रहण,मलमास,कुम्भ कुछ पढ़ते ही नहीं,जानते ही नहीं ।
#CongressDarkHistory
वृंदावन की पावन धरा केवल एक भू-भाग नहीं, बल्कि दिव्यता और भक्ति का जीवंत अनुभव है, जहाँ प्रत्येक कण में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं की गूंज सुनाई देती है।
हम में से बहुत से लोग अपना पासवर्ड, या ATM पिन भूल जाते हैं इस कारण हम उसे कहीं पर लिख कर रखते हैं पर अगर वो कागज का टुकड़ा किसी के हाथ लग जाए या खो जाए तो परेशानी हो जाती, पर अपने पासवर्ड या पिन नम्बर को हम लोग “कटपयादि संख्या” से आसानी से याद रख सकते है।
“कटपयादि” (क ट प य आदि) संख्याओं को शब्द या श्लोक के रूप में आसानी से याद रखने की प्राचीन भारतीय पद्धति है।
चूँकि भारत में वैज्ञानिक/तकनीकी/खगोलीय ग्रंथ पद्य रूप में लिखे जाते थे, इसलिये संख्याओं को शब्दों के रूप में अभिव्यक्त करने हेतु भारतीय चिन्तकों ने इसका समाधान 'कटपयादि' के रूप में निकाला।
कटपयादि प्रणाली के उपयोग का सबसे पुराना उपलब्ध प्रमाण, 869 AD में “शंकरनारायण” द्वारा लिखित “लघुभास्कर्य” विवरण में मिलता है।
तथा “शंकरवर्मन” द्वारा रचित “सद्रत्नमाला” का निम्नलिखित श्लोक इस पद्धति को स्पष्ट करता है।
इसका शास्त्रीय प्रमाण:-
नज्ञावचश्च शून्यानि संख्या: कटपयादय:।
मिश्रे तूपान्त्यहल् संख्या न च चिन्त्यो हलस्वर: ॥
[अर्थ: न, ञ तथा अ शून्य को निरूपित करते हैं। (स्वरों का मान शून्य है) शेष नौ अंक क, ट, प और य से आरम्भ होने वाले व्यंजन वर्णों द्वारा निरूपित होते हैं। किसी संयुक्त व्यंजन में केवल बाद वाला व्यंजन ही लिया जायेगा। बिना स्वर का व्यंजन छोड़ दिया जायेगा।]
अब चर्चा करते हैं कि आधुनिक काल में इसकी उपयोगिता क्या है और कैसे की जाए?
कटपयादि:
अक्षरों के द्वारा संख्या को बताकर संक्षेपीकरण करने का एक शास्त्रोक्त विधि है, हर संख्या का प्रतिनिधित्व कुछ अक्षर करते हैं जैसे
1. क,ट,प,य
2. ख,ठ,फ,र
3. ग,ड,ब,ल
4. घ,ढ,भ,व
5. ङ,ण,म,श
6. च,त,ष
7. छ,थ,स
8. ज,द,ह
9. झ,ध
0. ञ,न,अ,आ,इ,ई,उ,ऊ,ऋ,ॠ,लृ,ए,ऐ, ओ,औ_
हमारे आचार्यों ने संस्कृत के अर्थवत् वाक्यों में इनका प्रयोग किया, जैसे गौः = 3, श्रीः = 2 इत्यादि।
इसके लिए बीच में विद्यमान मात्रा को छोड़ देते हैं। स्वर अक्षर (vowel) यदि शब्द के आदि (starting) मे हो तो ग्राह्य (acceptable) है, अन्यथा अग्राह्य (unacceptable) होता हैं।
जैसे समझिए कि मेरा ATM पिन 0278 है, पर कभी कभी संख्या को याद रखते हुए ATM में जाकर हम भ्रमित हो जातें हैं कि 0728 था कि 0278? यह भी अक्सर बहुत लोगों के साथ होता है, ये इनसे बचने के उपाय हैं।
जैसे ATM पिन के लिए कोई भी चार अक्षर वाले संस्कृत शब्द को उस के कटपयादि मे परिवर्तन करें (उस शब्द को सिर्फ अपने ही मन मे रखें, किसी को न बताएं)।
उदाहरण के लिए...
इभस्तुत्यः = 0461
गणपतिः = 3516
गजेशानः = 3850
नरसिंहः = 0278
जनार्दनः = 8080
सुध्युपास्यः = 7111
शकुन्तला = 5163
सीतारामः = 7625
इत्यादि (अपने से किसी भी शब्द को चुन लें)
ऐसे किसी भी शब्द को याद रखें और तत्काल “कटपयादि संख्या” में परिवर्तन करके अपना ATM पिन आदि में प्रयोग करें ।
Ex-Muslim Salim Vastic was brutally attacked after being found alone, with his throat slit in a violent assault.
The two accused, Zeeshan (white kurta) and Gulfam (green kurta), have now been eliminated.
होली पर रात 3 बजे गर्लफ्रेंड के घर पहुंचा युवक, घरवालों ने पकड़ लिया
होली के मौके पर एक युवक देर रात अपनी गर्लफ्रेंड को सरप्राइज देने उसके घर पहुंच गया।
बताया जा रहा है कि वह सबसे पहले रंग लगाकर होली की शुरुआत करना चाहता था।
लेकिन जैसे ही वह घर के बाहर पहुंचा, अचानक घरवालों ने उसे देख लिया।
रोमांटिक सरप्राइज प्लान वहीं फेल हो गया और माहौल असहज हो गया।
Source: chalte_phirte098
इस्लामी विद्वान सुआद सालिह ने आईएसआईएस द्वारा यज़ीदी महिलाओं के बलात्कार पर कहा:
“अल्लाह मुसलमानों को गैर-मुस्लिम महिलाओं के साथ बलात्कार और उन्हें अपमानित करने की अनुमति देता है।
अगर हम इज़राइल से लड़ेंगे, तो हम यहूदी महिलाओं को यौन गुलाम बनाकर उनके साथ बलात्कार करेंगे।
कुरान और हदीस में इसकी अनुमति है।”
ये आवाज़ें सड़क पर उठने वाले कुछ लोगों की नहीं हैं — ये एक ऐसी शख्सियत हैं जिन्हें धार्मिक अधिकारी के रूप में पेश किया जा रहा है।
हिंदू लड़कियाँ इसे कब समझेंगी?
भुवनेश्वर में मदरसा वैज्ञानिक 72 हूरों को रवाना
शाहनवाज मलिक अपनी छत पर अपने परिवार के साथ
कच्चा बम बनाते समय ब्लास्ट हुआ और जन्नत चल गए
देश में एक और आतंकी परिवार कम हुआ