रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में झूठ बोला!
मोदी सरकार ने 14 महीनों तक ऑपरेशन सिंदूर के शहीदों के नाम देश से छिपाए रखे!
कांग्रेस ने लगातार शहीदों को सम्मान दिलाने के लिए आवाज़ उठाई, देशभर में 'जय हिंद सभाएँ' आयोजित कीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस कीं और उनके बलिदान, शौर्य एवं पराक्रम को नमन किया।
सेना ने भी शहीद होने की पुष्टि की थी। कांग्रेस पार्टी के पूर्व सैनिक विभाग ने 10 शहीदों की सूची जारी की थी और शहीद सैनिकों के परिवारों को न्याय दिलाने के लिए लगातार संघर्ष किया। अन्ततः रक्षामंत्री का झूठ पकड़ा गया।
सेना के सम्मान में, कांग्रेस सदा मैदान में 🇮🇳
30 जुलाई 2025 (सदाकत आश्रम, पटना)👇🏾
अब मोदी सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए भारतीय सैनिकों के नाम साझा किए हैं
• सूबेदार मेजर पवन कुमार (Army)
• राइफलमैन सुनील कुमार, वीर चक्र (Army)
• लांस नायक दिनेश कुमार (Army)
• एविएशन टेक्नीशियन मुरलीनायक (Army)
• हवलदार सुनील कुमार सिंह (Army)
• सार्जेंट सुरेंद्र कुमार, वायु मेडल (Airforce)
इसका मतलब राजनाथ सिंह ने बतौर रक्षा मंत्री 28 जुलाई, 2025 को भरी संसद में झूठ बोलता था कि एक भी क्षति नहीं हुई है - संसद को जानबूझकर गुमराह किया गया था
यह सदन की अवमानना और breach of parliamentary privilege के साथ साथ उन शहीदों का कितना बड़ा अपमान है - जिनकी शहादत को इस सरकार ने अपनी फ़र्ज़ी छवि के चक्कर में संसद में नकार दिया
लानत है
मोहन यादव जी दूरदर्शी नेता हैं,
चूंकि मध्यप्रदेश के ऊपर कर्जा बहुत ज्यादा हो गया है,
इसी कारण से मोहन जी जमीन खरीद रहे हैं, ताकि भविष्य में वो जमीन बेचकर प्रदेश का कर्ज उतार सके।
लेकिन कुछ लोग इस पर भी राजनीत कर रहे हैं।
कड़ी निंदा।
भाई के हिम्मत को सलाम🫡
"आप पेड़ लगाने की बात करते हैं, लेकिन ज़मीन पर हो रही अवैध पेड़ कटाई पर चुप क्यों हैं?
ये वीडियो आपको कोई भी गोदी मीडिया नहीं दिखाएगी। डिलिट होने से पहले जल्दी देखो, RT करलो।
जेबकतरों से सावधान - आज वो CBSE के अंदर बैठे हैं। CBSE की गलती से नंबर ग़लत आए तो आपको क्या मिलता है?
एक bill:
Digital scan copy: ₹100/विषय
Re-totalling: ₹100/paper
Re-evaluation: ₹25/सवाल
अपनी ही answer sheet की सही जाँच के लिए एक बच्चे को ₹2000 तक भरने पड़ सकते हैं।
सोचिए, जब 4 लाख बच्चों ने ऐसे आवेदन डालें हैं तो CBSE कितनी कमाई कर रहा है।
जब scanning फ़ोन से हुई हो, ग़लत मार्किंग तय है। और उसे ठीक करवाने की क़ीमत बच्चा भर रहा है।
गलती CBSE की। सज़ा बच्चे की। कमाई सरकार की।
जब शिक्षा को सेवा नहीं, कारोबार बना दिया जाए तब गलती सुधारी नहीं जाती। बढ़ाई जाती है। और इसकी सबसे बड़ी क़ीमत हमारे बच्चे चुका रहे हैं - अपने समय से, अपने आत्मविश्वास से, और अपने भविष्य से।
युवाओं को कॉकरोच कहे जाने पर शेखर सुमन ने शानदार , जबरदस्त धुलाई की है। 💥💥🔥🔥🫡🫡
"खाने में मिलावट है,सांस लेने में रुकावट है, चारों तरफ कूड़ा करकट है, सिस्टम में सड़ांध है" 💯💯🔥🔥
"इतना सब झेलने के बाद भी....अगर हम जिंदा है तो हम कॉकरोच ही है" 🪳🔥🪳🔥🪳🔥🪳
NEET छात्रों से मुलाक़ात में एक बात बिल्कुल साफ़ हो गई - भारत का युवा नरेंद्र मोदी पर भरोसा नहीं करता।
उन्होंने मुझे बताया - पेपर WhatsApp और Telegram पर खुलेआम बिक रहे हैं। किस कीमत पर बिक रहे हैं, कौन ख़रीद रहा है, माफ़िया कैसे काम कर रहे हैं - यह सब इन बच्चों को पता है।
उनका एक ही सवाल था - जो हमें पता है, वो सरकार और संस्थाओं को क्यों नहीं? सच यह है ये बच्चे सरकार से बेहतर जानते हैं कि इस सड़ी हुई व्यवस्था को कैसे ठीक किया जा सकता है।
और दूसरी ओर कितनी शर्मनाक बात है कि जिस सेना का काम दुश्मनों से देश की रक्षा करना है, आज उसे मोदी सरकार के अपने भ्रष्टाचार से बच्चों के पेपर बचाने भेजा जा रहा है।
टुकड़ों के सुधार से अब काम नहीं चलेगा। छात्रों, शिक्षकों और Experts के साथ मिलकर पूरी परीक्षा व्यवस्था नए सिरे से बनानी होगी।
हम और बच्चे नहीं खो सकते। और एक भी पीढ़ी का भविष्य इस भ्रष्ट तंत्र के हवाले नहीं कर सकते।
भारत के कुछ जाने-माने अर्थशास्त्रियों और विश्लेषकों ने मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखे सवाल उठाए हैं. इनमें से कुछ वो भी हैं जो एक समय में इसी सरकार के साथ खड़े थे. आलोचना करते हुए इन्होंने आख़िर कौन से तर्क दिए हैं?
रिपोर्ट: टीम बीबीसी न्यूज़ हिन्दी
आवाज़: भरत शर्मा
एडिट: कुलसूम फैज़
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव खत्म होते ही देश के हर वर्ग को सलाह दे डाली।
लेकिन ऐसा संकट क्यों पैदा हुआ?
नरेंद्र मोदी को अब यह सलाह इसलिए देनी पड़ रही है, क्योंकि सरकार के पास कोई प्लानिंग नहीं थी।
देश का विदेशी मुद्रा भंडार एक हफ़्ते में 8 बिलियन डॉलर घट गया। हम एक गैरकानूनी युद्ध में पार्टी बन गए।
नरेंद्र मोदी जब भी मुंह खोलते हैं, देश की जनता से कुछ न कुछ मांगते ही हैं।
• चुनाव से पहले वोट मांगते हैं
• चुनाव के बाद त्याग मांगते हैं
सवाल है- अगर सारा त्याग देश और जनता ही करेगी, तो आप क्या करेंगे प्रधानमंत्री जी?
: AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
इसलिए राहुल गाँधी को लोग पसंद करते हैं ❤️
कुछ महीने पहले तमिलनाडु में राहुल गांधी एक स्कूल कार्यक्रम में गए थे, तभी अचानक बारिश शुरू हो गई।
प्रधानाचार्य ने राहुल गाँधी को बारिश से बचाने के लिए छाता खोला, लेकिन राहुल गांधी ने विनम्रता से मना कर दिया।
फिर उन्होंने अपने सुरक्षाकर्मियों की ओर मुड़कर उनसे कहा कि वे उनके लिए बारिश में न खड़े हों।
यही है उनका व्यक्तित्व।
एक ऐसा नेता जो खुद को दूसरों से ऊपर नहीं समझता।
एक ऐसा नेता जो बोलने से पहले सोचता है।
एक ऐसा नेता जो हर व्यक्ति का सम्मान करता है।
यही कारण है कि तमिलनाडु उनसे जुड़ाव महसूस करता है।
यही कारण है कि तमिलनाडु उनका सम्मान करता है।
और फिर भी कुछ क्षेत्रीय दल सोचते हैं कि कांग्रेस का दौर खत्म हो चुका है।
वे भ्रम में जी रहे हैं।
राहुल गांधी एक दिन भारत की राजनीति में एक नया अध्याय लिखेंगे, जिस दिन ये PM बनेगे।
पेट्रोल डीजल और सोना कम खरीदने की अपील से पहले आपको ये सब करना था -
1- आप कोई भी रैली नहीं करते
2- सभी राज्यों के मुख्यमंत्री विधायक को रैली के लिए नहीं बुलाते
3- सांसदों के फ्री विदेश यात्रा में रोक लगा देते
4- गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन वर्चुअल करते, 3000 बसे नहीं बुलवाते
5- जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन वर्चुअल करते
6- विधायकों सांसदों को फ्री पानी बिजली सब बंद करते
7- सुधीर चौधरी का 14 करोड़ वाला पैकेज बंद करते
8- चुनाव में फ्रीबीज का वादा न करते
9-मुख्यमंत्रियों को हेलिकॉप्टर में उड़ने पर प्रतिबंध लगाते।
लेकिन नहीं, आप सोचते हैं कि बस जनता ही सारी कुर्बानी दे, नेता मौज काटें।
शाम 5 बजे PM मोदी - “कृपया मेट्रो का इस्तेमाल करें और ईंधन बचाएं।”
ठीक 16 घंटे बाद - राजस्थान की सड़कों पर पूरा सिनेमा चालू 😭
सबक – पेट्रोल बस जनता को बचाना है