जनसंघ से भारतीय जनता पार्टी तक: एक अनवरत वैचारिक यात्रा! 🪔 🪷
21 अक्टूबर 1951 को श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई थी, जो एक ऐसे दौर में शुरू हुई जब देश विभाजन की त्रासदियों और विस्थापितों की समस्याओं से जूझ रहा था।
“एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं चलेंगे” की दृढ़ हुंकार के साथ कश्मीर में परमिट सिस्टम के विरोध में डॉ. मुखर्जी ने ऐतिहासिक आंदोलन छेड़ा और देश की एकता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया।
डॉ. मुखर्जी के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्री अटल बिहारी वाजपेयी, श्री लालकृष्ण आडवाणी और नानाजी देशमुख जैसे महान नेताओं ने संगठन को एकात्म मानववाद और राष्ट्रवाद की नई शक्ति दी।
1975 के आपातकाल के कठिन दिनों में जनसंघ ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अग्रणी भूमिका निभाई और 1980 में जनता पार्टी के विघटन के बाद भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ।
प्रधानमंत्री श्री @narendramodi और गृह मंत्री श्री @AmitShah के नेतृत्व में, साल 2019 में अनुच्छेद 370 को हमेशा के लिए हटाकर डॉ. मुखर्जी के सपनों को पूर्ण किया गया।
‘राष्ट्र प्रथम’, ‘अंत्योदय’ और ‘एकात्म मानववाद’ के सिद्धांतों पर आधारित यह 75 वर्षों की लंबी और गौरवशाली यात्रा आज गरीब कल्याण, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास और हर घर जल जैसी योजनाओं के जरिए हर नागरिक के जीवन में उजाला फैला रही है।
राष्ट्र सेवा को समर्पित यह यात्रा अनवरत जारी है! 🇮🇳
చెడుపై మంచి సాధించిన విజయానికి ప్రతీక విజయదశమి.
ఆ అమ్మవారి ఆశీస్సులతో ప్రతి ఇంటా సుఖసంతోషాలు వెల్లివిరియాలని, మీరు తలపెట్టే ప్రతి మంచి కార్యం విజయవంతం కావాలని మనస్ఫూర్తిగా కోరుకుంటున్నాను.
మీకు, మీ కుటుంబ సభ్యులందరికీ దసరా శుభాకాంక్షలు 🙏
#HappyDussehra
भारत में सनातन काल से चलती आई परम्परा, जो अनेक आध्यात्मिक महापुरुषों की प्रत्यक्ष अनुभूतियों से निरन्तर स्पष्ट व पुष्ट होती आयी है, वह हमें बताती है कि सृष्टि की विविधता जितनी स्वाभाविक परन्तु परिवर्तनशील है, उतनी ही सम्पूर्ण अस्तित्व की एकता शाश्वत, अटल व अचल सत्य है। - डॉ मोहन भागवत
RSS #Vijayadashami
Having experienced the adverse consequences, many countries have introduced regulations and restrictions on social media platforms. In Bhārat too, society is increasingly recognising the need for such measures, particularly with regard to OTT platforms. The government should give this matter due consideration.
At the same time, even when information is freely accessible, the younger generation must be taught to exercise discernment and distinguish between what is appropriate and what is not. - Dr. Mohan ji Bhagwat at RSS Nagpur #Vijayadashami Utsav
అమ్మలగన్న అమ్మ దుర్గమ్మ దివ్య ఆశీస్సులు మనందరిపై ఎల్లవేళలా ఉండాలని, చెడుపై మంచి సాధించిన విజయానికి ప్రతీక అయిన ఈ విజయదశమి పర్వదినాన, ఆ జగన్మాత శక్తి స్వరూపిణి ప్రజలందరికీ ఆయురారోగ్యాలు, సుఖశాంతులు ప్రసాదించాలని కోరుకుంటూ ప్రజలందరికీ విజయదశమి శుభాకాంక్షలు.
#Vijayadashami2026
#HappyDussehra
#HappyDussehra2026
राष्ट्र सेवा को समर्पित, विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक एवं स्वयंसेवी संगठन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस पर सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
@RSSorg