सितम भी सहना दुआ भी करना, ओ बेकसी का गया जमाना।
अगर है जुर्रत गिराओ बिजली, बना रहे हैं हम आशियाना,
किसी भी हालत में बागवानों, तुम्हारा एहसान हम न लेंगे
जो अपनी गैरत पर आँच आयी, तो फूँक देंगे हम आशियाना॥
शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी हटाए,
अब सिर्फ एक PSO के भरोसे सुरक्षा, ओरण मुद्दे पर मुखर आवाज उठाने के बाद लिया गया फैसला।
पत्रकार महोदय को बहुत बहुत धन्यवाद !!
कवि साहब की पूरी पोल खोल दी 😂 इन भाई साहब ने !!
पोक्सोधारी कुछ भी कर ले पर @RavindraBhati__ इनका तुम कुछ भी उखाड़ नहीं पाओगे !!
जब से रविन्द्र सिंह भाटी शिव विधायक बने हैं तब से....
- हारे हुए बीजेपी कांग्रेस जनप्रतिनिधि दौड़ दौड़कर जनता के बीच जा रहे हैं....
- जैसे ही सरकार बजट जारी करती हैं क्रेडिट लेने के लिए भाजपा से जमानत जब्त करवाने वाले प्रत्याशी तुरन्त लपक पड़ते हैं...
- पड़ोसी विधानसभा के कांग्रेस विधायक भी शिव के लिए निजी विधायक कोष से घोषणा करने का प्रयास करते हैं....
- न्यूज़ चैनल्स/प्रेस- मीडिया की भी शिव विधानसभा में हुई किसी भी हलचल पर पैनी नजर रहती हैं...
- विभिन्न सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर शिव विधानसभा के नाम कहीं प्लेटफार्म पर आने की ताक में रहते हैं....
2023 से पहले शिव विधानसभा इसी बाड़मेर में थी... तब कोई हारा हुआ प्रतिनिधि तो छोड़ो... पड़ोसी विधायक तो छोड़ो... शिव से जीता हुआ प्रतिनिधि भी शिव के लिए गम्भीर नही था....
हरीश चौधरी तो मंत्री रह चुके हैं... शिव विधानसभा भाटी के विधायक बनने से पहले भी थी.. तब आपने मंत्री रहते हुए क्यों ध्यान नही दिया... ?
फ़तेह खान तो पहले भी कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता थे तो 2023 से पहले इतनी सक्रियता क्यों नही दिखी... ?
स्वघोषित पॉवर सेंटर स्वरूप सिंह खारा.. क्या 2023 से पहले शिव विधानसभा नही थी... ? तब आप कितना विकास करवा लिए शिव का... ?
भाटी 2019 में JNVU अध्यक्ष बना... वहां छात्र हितों की लड़ाई लड़ी...
फिर गायों में फैली लम्पि वायरस नामक घातक बीमारी में रात रातभर जागकर,बॉर्डर से लेकर शिव तक गायों का दर्द समझते हुए उपचार उपलब्ध करवाए...
तब स्वघोषी गौ माता प्रेमी पार्टियों के नेता,विधायक तक नदारद थे... यहां तक कि आज इतने जो नेता सक्रिय हैं... वो कोरोना और लम्पि जैसी बीमारियों के दौर में कहीं विलुप्त प्रजाति जैसी रेड बुक में थे...
कुल मिलाकर इस युवा विधायक ने शिव में जो ताल ठोकी तो सभी प्रतिनिधियों को जागरूक कर दिया...
आज हर कोई नेता पैरों पर आधी रात में भी जनता के लिए खड़ा हैं...
इसका श्रेय इस युवा विधायक को जाता हैं... जिसने प्रतिनिधित्व/नेता नगरी की व्यवस्था को बदलकर जनसेवक बना दिया हैं....
आज शिव में छोटी सी चहल पहल हो तो नेशनल मीडिया से लेकर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर टूट पड़ते हैं... कहीं वो अपना आर्टीकल लिखने में लेट न हो जाए....
ऐसे युवा विधायक हर विधानसभा में हो जाए तो राजस्थान का काया पलट हो जाएगा..
जनता के लिए दौड़ दौड़कर कार्य होने लगेगा...
विधायक महोदय से जनसेवक बनकर कार्य करेंगे सभी...
सारे VIP प्रोटोकॉल खत्म होकर प्रतिनिधि आम जनता की आवाज सुनने लगेंगे....
संसदीय क्षेत्र के बूठ जेतमाल निवासी श्री जयपाल सिंह सुपुत्र श्री गणपत सिंह जी का RPSC द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर बॉटनी(वनस्पति शास्त्र) विषय की परीक्षा में रैंक 10 के साथ चयन होने पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं।
यह उपलब्धि आपकी लगन, परिश्रम और अटूट संकल्प का प्रतिफल है। आपने सिद्ध कर दिया कि सीमित संसाधन भी बड़े सपनों के मार्ग में बाधा नहीं बनते, यदि इरादे मजबूत हों।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देकर समाज और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
22 फरवरी 2024 को राजस्थान सरकार RAS अधिकारियों के स्थानांतरण की सूची जारी करती है जिसमें रामसर में भी एक उपखण्ड अधिकारी लगाया जाता है, जिन्हें बाद में अतिरिक्त प्रभार गडरा रोड का भी सौंपा गया....
रामसर आने के बाद अधिकारी महोदय ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए जमीनी घोटाले, सोलर कंपनियों के साथ सांठ गांठ करके मासूम किसानों की जमीनों पर हाई टेंशन लाइन की अनुमति प्रदान करना, सीमावर्ती संवेदनशील क्षेत्र की जमीनों का क्रय विक्रय करने, मनिहारी गांव में स्वयं द्वारा किसानों और महिलाओं को धमकाना अभद्र व्यवहार और मारपीट करने के कारण राजस्थान सरकार ने 19 मई 2025 को एपीओ कर दिया। इससे सीमावर्ती क्षेत्र के किसानों के साथ साथ आम आदमी ने राहत की सांस ली।
लेकिन उक्त आदेशों के बावजूद श्रीमान जी अभी भी रामसर में आदेश पारित कर रहे हैं। 10 जुलाई 2025 को गड़रा उपखण्ड कार्यालय से एक नेखंबबंदी का आदेश जारी किया गया जिसमें पीठासीन अधिकारी का नाम अंकित हैं।
अब सवाल ना केवल बाड़मेर जिला प्रशासन से हैं बल्कि राजस्थान सरकार से भी हैं कि एपीओ होने के 50 दिन बाद भी वही अधिकारी किस अधिकार से अपने पद पर आसीन हैं....
उक्त संदर्भ ना केवल गैर कानूनी है बल्कि सरकारी आदेशों की अवहेलना भी हैं।
सरकार इस कुकृत्य हेतु किसे जिम्मेदार मानती हैं..
क्या रामसर और गडरा रोड जैसे संवेदनशील और सामरिक महत्व वाले उपखण्ड से एक अधिकारी एपीओ होने के बाद भी वहां से आदेश जारी कर सकता है ?
@BhajanlalBjp@RajCMO@BarmerDm
हर हर महादेव!
पावन श्रावण मास के प्रथम दिन भगवान भोलेनाथ की कृपा से विधानसभा क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश ने प्रकृति को नवजीवन प्रदान किया है। यह वर्षा किसानों के लिए समृद्धि का संदेश लेकर आई है, उनकी फसलों को सींचकर खुशहाली का वरदान देगी। गौ माता और वन्यजीवों के लिए हरी-भरी घास और जीवनदायी जल की प्रचुरता होगी। जल स्रोतों का भरना प्रकृति के संतुलन को और सशक्त करेगा। भगवान भोलेनाथ को समर्पित पावन श्रावण मास की शुभ बेला में बाबा भोलेनाथ की कृपा आप सभी पर बनी रहे, यही प्रार्थना करता हूं।
आज जावाल के बायोशा मंदिर परिसर में, 22 गांवों के साथियों के साथ मिलकर कृष्णावती नदी में हो रहे अवैध बजरी खनन के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद की। यह सिर्फ विरोध नहीं, हमारी आने वाली पीढ़ियों के हक़ की लड़ाई है।
कृष्णावती नदी हमारी मां है, उसे लूटने नहीं देंगे... जावाल से उठी आवाज़ अब आंदोलन बन रही है।
22 गांव, एक संकल्प – अवैध बजरी खनन बंद करवाकर रहेंगे। @RajCMO@BhajanlalBjp@BJP4Rajasthan@SanyamLodha66
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