🚨 ऑनलाइन ठगी और झूठे केस की धमकी: मुझे ब्लैकमेल किया जा रहा है!
कल 'Toki App' पर कुछ लोगों ने मुझे व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल के लिए उकसाया। इनकार करने पर मेरे साथ बदसलूकी की गई। अब मुझे अलग-अलग नंबरों से कॉल कर झूठे पुलिस केस और कानूनी कार्रवाई की धमकियाँ दी जा रही हैं।
मुझे आज सुबह से इन नंबरों से कॉल आ रहे हैं:
1️⃣ +91 96807 22047 (Balveer Nayak)
2️⃣ +91 91714 54133 (Ritik Parashar / Si Dinesh Rana)
ये स्पष्ट रूप से एक साइबर अपराधी गिरोह है। मैं इनसे किसी भी प्रकार की बातचीत नहीं कर रहा हूँ और न ही किसी को पैसे देने वाला हूँ।
🚨 न्याय की गुहार! 🚨
बरेली के थाना आंवला क्षेत्र (ग्राम मऊचंदपुर) में एक बेसहारा विधवा माँ के बेटे दिनेश की निर्मम हत्या कर शव पेड़ से लटका दिया गया।
हत्या से पहले दिनेश ने एक ऑडियो रिकॉर्ड किया था (जो सोशल मीडिया पर वायरल है), जिसमें उसने स्पष्ट रूप से बताया था
कि उसे साज़िश के तहत बुलाया गया है और राजेश, बबलू, पाली तथा राजेन्द्र उसे फांसी लगाकर मारने की धमकी दे रहे हैं।
पीड़ित परिवार ने पहले भी इन लोगों के खिलाफ मारपीट की शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रशासन से निवेदन है कि हत्या की संगीन धाराओं में तुरंत FIR दर्ज कर
@myogiadityanath@myogioffice sadar 🙏victim se chakkar lgwa rhe hai criminal khula aajad ghoom rha hai khud complaint likh nhi rhe jab 1076 pe complaint Kro to galat report lga rhe hai feedback me otp ke liye jo dimag lga rhe hai wo solve krne me lgaye @Uppolice@shravastipolice
सत्य को प्रमाण की आवश्यकता होती है, जबकि अफवाहें केवल शोर के सहारे फैलती हैं। किसी भी आरोप की निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्य-आधारित जांच होना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना है। यदि पर कोई आरोप लगाए गए हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी सत्य हो, वह देश के सामने आना चाहिए।
"श्री चंपत राय जी का नाम दशकों से श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन, सामाजिक सेवा और राष्ट्रहित के कार्यों से जुड़ा रहा है। सार्वजनिक जीवन में किसी भी व्यक्ति पर प्रश्न उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी आरोप को बिना तथ्यों, प्रमाणों और जांच के आधार पर सोशल मीडिया पर चलाए जाने वाले अभियानों के जरिए किसी की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास न तो न्यायसंगत है और न ही स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा के अनुरूप।
आज सूचना के इस दौर में आरोप कुछ ही मिनटों में लाखों लोगों तक पहुंच जाते हैं, लेकिन सत्य सामने आने में समय लगता है। चंपत राय जी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच सबके सामने आए। लेकिन जब तक कोई ठोस प्रमाण न हो, तब तक किसी तपस्वी और समर्पित व्यक्ति के चरित्र पर कीचड़ उछालना समाज को विभाजित करने का काम करता है। विवेक और संयम दोनों आवश्यक हैं।
@ChampatRaiVHP
श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में अपना जीवन समर्पित करने वाले चंपत राय जी पर उठे सवालों का उत्तर तथ्यों और जांच से मिलना चाहिए, न कि अफवाहों और प्रचार से.....
लोकतंत्र में हर आरोप की जांच आवश्यक है, लेकिन बिना प्रमाण किसी व्यक्ति की दशकों की प्रतिष्ठा को निशाना बनाना उचित नहीं कहा जा सकता।
समाज को भावनाओं नहीं, सत्य और प्रमाणों के आधार पर निर्णय लेना चाहिए।
@ChampatRaiVHP
सत्य को प्रमाण की आवश्यकता होती है, जबकि अफवाहें केवल शोर से फैलती हैं। चंपत राय जी पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी सत्य हो वह देश के सामने आना चाहिए। लेकिन बिना किसी पुष्ट तथ्य के किसी व्यक्ति की निष्ठा और समर्पण पर प्रश्नचिह्न लगाना समाज को गलत दिशा में ले जाता है। हमें धैर्य रखना चाहिए और जांच के निष्कर्षों की प्रतीक्षा करनी चाहिए।
@ChampatRaiVHP
श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन केवल एक कानूनी संघर्ष नहीं था, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा एक ऐतिहासिक अभियान था। इस लंबे संघर्ष में चंपत राय जी जैसे अनेक कार्यकर्ताओं ने अपना जीवन समर्पित किया। यदि किसी प्रकार के आरोप सामने आए हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, यही लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार है। लेकिन जांच से पहले ही सोशल मीडिया के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहरा देना न्याय की भावना के विपरीत है। सत्य तथ्यों से तय होता है, ट्रेंड्स और अफवाहों से नहीं। @ChampatRaiVHP
किसी व्यक्ति पर आरोप लगना और आरोप सिद्ध होना, दोनों अलग बातें हैं।
चंपत राय जी का सार्वजनिक जीवन दशकों की तपस्या, संगठन निर्माण और समाजसेवा का साक्षी रहा है।
यदि कोई शिकायत या आरोप सामने आए हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच अवश्य होनी चाहिए।
लेकिन जांच से पहले ही किसी को दोषी घोषित करना न्याय और संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध है।
सोशल मीडिया पर फैल रही हर बात को सत्य मानने से पहले तथ्यों की प्रतीक्षा करना ही समझदारी है। @ChampatRaiVHP
चंपत राय जी का नाम वर्षों से राम मंदिर आंदोलन और सामाजिक कार्यों से जुड़ा रहा है। यदि किसी को कोई आपत्ति या आरोप हैं तो उसका समाधान जांच और कानून के माध्यम से होना चाहिए। लेकिन सोशल मीडिया के आधार पर किसी व्यक्ति की छवि खराब करने का अभियान चलाना स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा नहीं है। जिम्मेदार नागरिक के रूप में हमें तथ्यों और प्रमाणों का सम्मान करना चाहिए।
@ChampatRaiVHP
सोशल मीडिया का युग हमें तुरंत प्रतिक्रिया देना सिखाता है, लेकिन न्याय व्यवस्था हमें धैर्य रखना सिखाती है। चंपत राय जी पर लगे आरोपों की जांच अवश्य होनी चाहिए और यदि कोई तथ्य हैं तो वे सामने आएंगे। किंतु बिना प्रमाण किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना और उसकी दशकों की सेवा को नकार देना उचित नहीं है। आइए अफवाहों से बचें, सत्य का सम्मान करें और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखें।
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किसी व्यक्ति के पूरे जीवन के योगदान को नजरअंदाज कर केवल आरोपों के आधार पर उसकी छवि बनाना या बिगाड़ना न्यायपूर्ण दृष्टिकोण नहीं है। चंपत राय जी पर लगाए गए आरोपों की जांच होनी चाहिए और यदि कोई तथ्य हैं तो वे सामने आएंगे। लेकिन जांच से पहले ही चरित्र हनन का प्रयास न तो नैतिक है और न ही लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप।
@ChampatRaiVHP
दशकों तक समाज और राष्ट्रकार्य में लगे किसी व्यक्ति का मूल्यांकन क्षणिक आरोपों से नहीं, बल्कि उसके पूरे जीवन के योगदान से होना चाहिए। चंपत राय जी पर लगे आरोपों की जांच हो, पारदर्शी तरीके से हो और सत्य देश के सामने आए। लेकिन बिना प्रमाण किसी तपस्वी और सार्वजनिक जीवन जीने वाले व्यक्ति की प्रतिष्ठा पर आघात करना संवेदनशील समाज की पहचान नहीं हो सकती। सोशल मीडिया पर चल रही हर बात सच नहीं होती, इसलिए संयम और विवेक दोनों आवश्यक हैं। @ChampatRaiVHP
राम मंदिर आंदोलन के सच्चे नायक माननीय चम्पतराय जी का योगदान अतुलनीय है।
धैर्य, सादगी और समर्पण के साथ उन्होंने इस ऐतिहासिक अभियान को दिशा दी।
आज उनके निस्वार्थ जीवन पर सवाल उठाना कहीं न कहीं उनके त्याग को नजरअंदाज करना है।
🚩 ऐसे समर्पित रामभक्त को कोटि-कोटि नमन!
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