Apart from other imprisonments #savarkar_ji was in andaman cellular jail for 10 years isolation. ..
Its only a month,we are with our family still we are shattered.
मैं सोच कर भयभीत हो जाता हूँ कि सावरकर जी ने क्या झेला होगा।
आप राष्ट्र बचाने के लिये ही...घर पर रहें।
Teachers' Day.
Before there were universities there was the parampara: one person who knew, sitting with one person who wanted to. Everything India remembers, it remembers because somebody bothered to pass it on.
Our sixth pillar is Knowledge and Guidance. This is why.
RHA को ले कर सरकार से कुछ बात और माँगें
सरकार अपने स्तर से हर आंदोलन को फूट, समझौता, बल-प्रयोग, समझदारी, मिसइन्फॉर्मेशन कैम्पेन या कायरता दिखा कर कर समाप्त करना चाहती है। और वही उनका कार्य भी है। RHA का नाम ले कर कुछ लोगों ने आंदोलन के लिए जनता को बुलाया और लगभग 7000 की भीड़ जंतर मंतर पर भीतर दिखी, उतने को ही बाहर होल्ड किया गया या लौटा दिया गया।
मैंने केवल दिल्ली पुलिस की बकलोली की अवज्ञा के लिए इसमें भाग लेने की बात की और फिर बहुत लोग मेरे आने पर भी आए। फिर दुबे को पाठक जी ने नेता मान कर एक ऐसे पत्र पर चर्चा के लिए आश्वासन दिया जिसमें आरक्षण शब्द ही नहीं है।
खैर, मैं ये सब तकनीक देखता और जानता आया हूँ। मुझे इस विषय पर सरकार को भीड़ दिखाने की आवश्यकता न पहले थी, न आज है, पर जब चाहूँ वह भी कर सकता हूँ। अगली बार बिना अनुमति के भी ऐसा किया जा सकता है यदि प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट चाहिए, तो वह भी दिखा देंगे। पर मेरा लक्ष्य वह है ही नहीं।
सरकार को ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ से इसलिए नहीं डरना चाहिए क्योंकि एक भीड़ पूरे कनॉट प्लेस को घर कर पत्थरबाजी करते हुए संसद घेर लेगी। सरकार को इसलिए डरना चाहिए कि ऐसी कोई भीड़ ही नहीं है, न ही हम संसद को घेरने की योजना बना रहे हैं।
आंदोलन की तपन केवल जलती हुई कार की आग और अराजक भीड़ की ही नहीं होती। एक तपन ऐसी भी होती है जब जनमानस को वैचारिक रूप से इतना सक्षम बना दिया जाता है कि वह स्वयं ही अपने लिए वह निर्णय कर ले, जो वो कल तक किसी दूसरे बहकावे में आ कर कर रहा था।
हमारी माँगें:
१. आरक्षण पर श्वेत-पत्र: क्या लाभ हुआ, किन जातियों को अनुपात से अधिक लाभ लगातार मिला, कौन सी जातियाँ पूर्णतः छूट गईं। आरक्षण किस तरह से देश या समाज के उत्थान में सहायक है, उसके लिए आँकड़े क्या कहते हैं आदि आदि! इस से जुड़ी हर वह रिपोर्ट और सर्वेक्षण जो सार्वजनिक नहीं हुई।
२. EWS को हर वह आर्थिक सहायता दी जाए जो SC को मिलती है। निःशुल्क कोचिंग, निःशुल्क फॉर्म, शून्य हॉस्टल और कोर्स फीस। फिर भी लोन यदि लेना पड़े तो उसमें भी सुविधा।
३. तीनों ही आरक्षित वर्ग में ‘कोटा विदिन कोटा’ लागू हो ताकि वास्तविक दलित-पीड़ित-वंचित जातियों तक लाभ पहुँचे। अभी SC और OBC में हजार-हजार जातियाँ ऐसी हैं जिन्हें नगण्य आरक्षण मिला है। और 4-5 जातियाँ ऐसी हैं जो 70-80% आरक्षण खा रही हैं। इसका आधार पारिवारिक आय हो, न कि वैयक्तिक और दुरुपयोग की संभावना न रहे।
४. मेरिट का सम्मान हो। आरक्षित वर्ग का कटऑफ किसी भी हालत में सामान्य वर्ग के कटऑफ के (से नहीं) 10% के रेंज से बाहर न जाए। और यह भी आज की परीक्षा के अधिकतम आयु सीमा वाले बच्चों की आयु के बाद समाप्त किया जाए। न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स तो तय होना ही चाहिए।
५. सरकार यह सर्वेक्षण करे कि क्या गरीबी, भेदभाव या पिछड़ेपन से किसी की बौद्धिक क्षमता घट या बढ़ सकती है? इम्पीरिकल एविडेंस सार्वजनिक करें और उसी आधार पर आरक्षण की नीतियाँ बनें।
६. एक व्यक्ति को एक बार आरक्षण मिले। एक परिवार को एक बार आरक्षण मिले।
७. दशकीय समीक्षा हो। समाप्ति के लिए एक ‘सनसेट क्लॉज’ या रोडमैप कि कब तक रहेगा।
८. कॉलेज/यूनिवर्सिटी पुस्तकालयों में पुस्तकों के अलॉटमेंट का आरक्षण तत्काल निरस्त हो। इसका कोई लॉजिक नहीं है। यह आरक्षण से लड़ कर वहाँ पहुँचे बच्चों को सताने की व्यवस्था मात्र है। या आप पुस्तकों की मात्रा दोगुनी कीजिए और वहाँ ‘आरक्षित सेक्शन’ लिख दीजिए।
—-
अन्य माँगें:
९. यूजीसी नियमावली निरस्त हो या समीक्षा कर के हर जाति समूह को इसमें सम्मिलित किया जाए।
१०. SC/ST Act की तर्ज पर ‘सवर्ण उत्पीड़न (रोकथाम) कानून पास’ हो। दोनों ही कानून में केस झूठा पाए जाने पर, उस केस में होने वाला दंड आरोप लगाने वाले को झेलना पड़े। आर्थिक जुर्माना भी वसूला जाए।
—-
सरकार और सुधिजन देख लें। बाकी, चाहे आप दुबे, शेखावत या अन्य को मैनेज कर लें, आंदोलन चलता रहेगा।
A legal notice has been issued by @JaipurDialogues lawyer against 3 Leftist websites - The Wire, The News Minute and Newslaundry for defamation, intimidation and misrepresentation. They have 48 hours. Time to make them accountable.
Laws do not apply to MiLords. Chief Justice of MP, Justice SK Kait is accused of demolishing an old Hanuman temple located in his official residence at Jabalpur. Even Muslim CJs did not interfere with it in the past. MP HC Bar Association has sought an investigation from CJI and President of India. Does Places of Worship Act apply to him?
Bar Association letter below 👇
हमारी संस्कृति, आस्था, विश्वास और श्रद्धा की धर्मधुरी, श्री तिरुपति बालाजी धाम के प्रसाद में, कुत्सित प्रयासों के तहत, जो अपवित्रता का, संचार करने की कोशिश की गई, उससे मैं व्यक्तिगत स्तर पर, अत्यंत मर्माहत हूँ, और सच कहूं तो, अंदर से अत्यंत छला गया, महसूस कर रहा हूँ। प्रभु वेंकटेश्वर से, मेरी प्रार्थना है कि, इस दुःख के क्षण में हमें, और समस्त सनातनियों को, अपनी अहैतुकी कृपा से, सबलता प्रदान करें। मैं अभी इसी क्षण, भगवन से क्षमा प्रार्थी हो, प्रायश्चित दीक्षा हेतु, प्रण सिद्ध कर रहा हूँ, और ग्यारह दिवसीय उपवास हेतु, धर्म संकल्पित हो रहा हूँ। ग्यारह दिवसीय, प्रायश्चित दीक्षा, के उत्तरार्ध में, एक और दो अक्टूबर को, मैं तिरुपति जाकर, प्रभु के साक्षात दर्शन कर, क्षमा प्रार्थी हो, विनती करूंगा और तब, भगवन के समक्ष, मेरे प्रायश्चित दीक्षा की, पूर्णाहूति होगी।
Thanks so much to all my friends from all over the world who congratulated me on winning the Dutch elections.
Many kind messages came from #India: i’ll always support Hindus who are attacked or threatened to be killed or prosecuted in Bangladesh, Pakistan only for being Hindu.
Meanwhile in West Bengal:
A boy lifted the Tricolour & threw it, did not allow 🇮🇳 to be hoisted.
This video is from Basirhat in North 24 Parganas of West Bengal. Mamata Banerjee, Derek O'Brien, Mahua Moitra feeling very proud & blessed for settling such Bangladeshis & Rohingyas
@Harkesh03025232 @VibhutiSinghIND @AHindinews@BhokalBihari@INCIndia वो आप ही हो जो उस समय चुप थे…और यदि भाजपा कुछ कर देती तो रो रो के तालाब भर दिये होते। बँगाल के समय एक भी ट्विट किया हो तो बताना।