आज भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में रीवा एवं उज्जैन संभाग के संगठन जिला महासचिव एवं विधानसभा प्रभारियों की कार्यशाला आयोजित की गई।
जिसे प्रदेश कांग्रेस प्रभारी श्री हरीश चौधरी जी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी जी, प्रदेश सह प्रभारी श्री संजय दत्त जी, श्री रणविजय सिंह लोचव जी, संगठन उपाध्यक्ष श्री सुखदेव पांसे जी, संगठन महामंत्री श्री संजय कामले जी, प्रशिक्षण प्रभारी श्री महेंद्र जोशी जी, चुनाव प्रबंधन प्रभारी श्री गौरव रघुवंशी जी, मतदाता सूची प्रशिक्षण प्रभारी श्री ललित सेन जी, श्री राहुल राज जी ने संबोधित किया।
बेशर्मी और निर्लज्जता की पराकाष्ठा देखिए। ये हैं रक्षा मंत्री जो संसद में खड़े होकर बयान दे रहे थे कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भी जवान को कोई क्षति नहीं पहुंची।
कल ही नरेंद्र मोदी ने उन 6 जवानों के नाम सार्वजनिक किए हैं जिन्होंने भारत माता की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। जिन्होंने हमारे लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी, उन्हें वो सम्मान भी नहीं मिला जिसके वो हकदार थे।
मध्य प्रदेश में सरकारी लापरवाही का ऐसा नमूना सामने आया है कि एक जीवित महिला को कागज़ों में मृत घोषित कर दिया गया।
रतलाम के खेड़ा कलालिया गांव की रईसा बाई पिछले पाँच महीनों से अपने ही अस्तित्व का सबूत लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं।
सवाल यह है कि जब एक ज़िंदा महिला को सिस्टम ज़िंदा साबित नहीं कर पा रहा, तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा ?
उज्जैन जाने वाले यात्रियों को युवा कांग्रेस ने बांटे पर्चे!
मोहन यादव के पद संभालने के बाद उनके गृह नगर एवं महाकाल की नगरी उज्जैन में सामने आए कथित भूमि घोटालों और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भोपाल शहर युवा कांग्रेस ने लालघाटी स्थित हलालपुरा बस स्टैंड पर जिलाध्यक्ष अमित खत्री के नेतृत्व में यात्रियों को पर्चे वितरित कर आरोपों की जानकारी दी तथा निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
कोरोना के भीषण काल में ऑक्सीजन मेन के नाम से विख्यात क्रांतिकारी और जमीनी नेता अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं पूर्व भारतीय युवा कांग्रेस अध्यक्ष श्री श्रीनिवास बी.वी. जी को कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाए
उज्जैन में 500 करोड़ रुपये की जमीन एक ट्रस्ट को 1 रुपए में दे दी गई।
उसके ट्रस्टी श्री राम जी नाम के व्यक्ति हैं, जो मोहन यादव के सांस्कृतिक सलाहकार हैं।
कुल भूमि स्वामित्व रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और रिश्तेदारों के पास 245 प्लॉट में 335 एकड़ जमीन है।
• नीलेश यादव: 108 एकड़
• गोविंद यादव: 47 एकड़
• मोहन यादव: 17 एकड़
• सीमा यादव: 11 एकड़
• वैभव यादव: 17 एकड़
• शालिनी यादव: 10 एकड़
• नारायण यादव: 19 एकड़
• नंदलाल यादव: 17 एकड़
• कलावती: 17 एकड़
• अभय यादव: 16 एकड़
• रेखा यादव: 6 एकड़
• इस मामले में 4 रियल स्टेट कंपनियों का जिक्र हुआ है और इनमें बहुमत हिस्सेदारी सीमा यादव और मोहन यादव की है
• मोहन यादव की पत्नी सीमा यादव और पुत्र वैभव से 25 एकड़ जमीन जुड़ी है। वहीं, मोहन यादव की बहन कलावती की भाभी सुनीता से 47 एकड़ जमीन जुड़ी हुई है
• तीन अलग-अलग कंपनियों में परिवार के करीबी रिश्तेदारों की बड़ी हिस्सेदारी है
• मोहन यादव के मंत्री रहने और फिर मुख्यमंत्री बनने के दौरान कई सारे रोड प्रोजेक्ट्स इन जमीनों के आसपास से निकले
: @INCMP अध्यक्ष @jitupatwari जी
CM मोहन यादव ने अपने परिवार के साथ मिलकर उज्जैन में सैकड़ों एकड़ जमीन खरीद ली।
• वहीं, मुख्यमंत्री बनने के बाद खरीदी गई 168 एकड़ में से 111 एकड़ जमीन उस क्षेत्र में खरीदी जहां सिंहस्थ कुंभ आने वाला है।
• उज्जैन के जिस क्षेत्र में 2035 के मास्टर प्लान के ऊपर काम होना है, मोहन यादव के परिवार ने वहां जमीनें खरीदी हैं।
इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक्शन लेने की उम्मीद नहीं है।
वो विदेश में मेलोडी और देश में झालमु़ड़ी खाएंगे, उनके मुख्यमंत्री जमीनें और दान का सोना-चांदी निगल जाएंगे।
: AICC मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
📍 दिल्ली
मुख्यमंत्री मोहन यादव बताएं-
⦿ आपके परिवार की किन कंपनियों को विकास परियोजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिला
⦿ क्या सरकार संबधित क्षेत्र के मास्टर प्लान में हुए बदलाव को सार्वजनिक करेगी?
⦿ क्या इन परिजोयनाओं की जानकारी वहां के संबंधित किसानों को थी, जिनकी वहां पहले से जमीनें हैं?
⦿ क्या आप आगे बढ़कर खुद इस मामले की न्यायिक जांच की पहल करेंगे?
नरेंद्र मोदी ने 2014 के बाद ये बदला है।
पहले विपक्ष और विरोध की आवाज़ों को सरकारें सुना करती थीं, सरकारें आंदोलन करने वालों से, प्रदर्शन करने वालों से बैठकर वार्ता किया करती थी, चर्चा होती थी, मांगें सुनीं जाती थी।
अब सरकार विरोध करने वालों को, अपनी आवाज़ उठाने वालों को, हक़ मांगने वालों को देशद्रोही, गद्दार, आंदोलनजीवी, खालिस्तानी, पाकिस्तानी, मवाली, दहशतगर्द जैसे तमग़े देती है।
“जिन बच्चों की जान गई, उसके लिए हम भी ज़िम्मेदार हैं” - शिक्षा मंत्री
हम भी?
भी???
तुम ही ज़िम्मेदार हो धर्मेद्र प्रधान। कोई शंका नहीं होनी चाहिए तुम्हें इसमें।
और जब स्वीकार कर ही लिया है कि तुम्हीं ज़िम्मेदार हो तो फिर इस्तीफ़ा कब दोगे? तुम तो जोंक की तरह चिपक ही गए कुर्सी से! 20 मासूम छात्रों के हत्यारे को किसी पद पर रहने का कोई हक नहीं हो सकता।
प्रधानमंत्री जी, यदि जरा सी भी शर्म लिहाज बाक़ी हो आप में तो तुरंत इस नाकारा मंत्री का इस्तीफ़ा लीजिए।
भूमि साम्राज्य मात्र आरोप नहीं, बल्कि दस्तावेज़ों और रजिस्ट्री के रिकॉर्ड पर आधारित गंभीर मामला है। रजिस्ट्रियां हुई हैं, कागज़ मौजूद हैं और मैं पहले भी इस विषय से सरकार को अवगत करा चुका हूँ। इस संबंध में विधानसभा में प्रश्न भी लगाया जा चुका है, लेकिन सरकार ने आज तक इन कथित फर्जी रजिस्ट्रियों की जांच नहीं कराई।
आखिर सरकार जांच से क्यों बच रही है? क्या इसलिए कि इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री जी के परिवार के सदस्यों के नाम जुड़े हुए हैं?
प्रधानमंत्री जी सार्वजनिक मंचों से नैतिकता, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की बात करते हैं। ऐसे में क्या वे इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी से नैतिक आधार पर इस्तीफा मांगेंगे?
मैं मांग करता हूँ कि इस पूरे प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित स्वतंत्र समिति अथवा किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए।
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@narendramodi@DrMohanYadav51@INCIndia@INCMP
#US12061
ED का GPS विपक्ष तक तो पहुँच जाता है,
लेकिन सत्ता के पते पर सिग्नल खो देता है।
इसीलिए आज युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष अभिषेक परमार जी ने साथियों के साथ ED कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों को जगाया और उज्जैन में "जमीन से जुड़े आदमी" के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की।
हमारे सवाल:
• क्या मोहन यादव के CM बनने के बाद परिवार ने जमीन खरीदी?
• क्या ये सच है कि जमीन का बड़ा हिस्सा वहां है, जहां विकास परियोजनाएं बाद में आईं?
• क्या सरकार उन सभी प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन सार्वजनिक करेगी?
• यदि सबकुछ पारदर्शी है तो क्या BJP स्वतंत्र न्यायिक जांच कराएगी?
• क्या मुख्यमंत्री अपने परिवार द्वारा 2023 के बाद खरीदी गई जमीन पर श्वेत पत्र जारी करेंगे?