बुरा हाल है ये लोग राजशाही तरीक़े से बैठे रहते है गाव से आए भोले भाले लोगो को सीधे मुंह जवाब नहीं देते
2 -3 बार पूछ ले तो बतमिज्जी पर आ जाते है
@RSRTC_OFFICIAL
@CMHelpdesk
जोधपुर रोडवेज पूछताछ खिड़की के हाल कुछ ऐसे है एक महिला आती है और #वॉशरूम_के_बारे_मे_जानकारी चाहती है मगर जनाब गूंगे बहरे बनकर सिगरेट🚬 का सुट्टा लगाने मे मस्त है
क्या यही है यात्रियों के प्रति जिम्मेदारी?
मीडिया के माध्यम से यह संज्ञान में आया है कि आगामी दिनों में प्रधानमंत्री श्री @narendramodi का अजमेर (राजस्थान) में दौरा प्रस्तावित है,मैं श्री नरेंद्र मोदी को स्मरण दिलाना चाहता हूं कि 2023 के विधानसभा चुनाव से पूर्व आपने पेपर लीक से जुड़े मामलों में माफियाओं को पाताल से निकालकर उन्हें सजा दिलाने का जो वादा किया था, उस वादे का आज तक क्या हुआ? भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की बात आपने की मगर आप और आपकी सरकार अपने वादे पर आज तक पूर्ण रूप से खरा नहीं उतर पाई ।
राजस्थान में बार-बार सामने आए पेपर लीक मामलों ने लाखों मेहनती अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है। युवाओं का विश्वास इस व्यवस्था से उठ गया,ऐसे में युवाओं ने आपके दल की सरकार पर भरोसा करके BJP को सत्ता में बैठाया क्योंकि राजस्थान लोक सेवा आयोग के पुनर्गठन और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने को लेकर बड़े आश्वासन आपने और गृह मंत्री श्री @AmitShah ने दिए मगर किसी भी वादे को निभाया नहीं गया |
आप जहां सभा करेंगे, उस सभा स्थल से थोड़ी दूरी पर राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) का मुख्यालय है, मैं सरकार के दोगलेपन का एक बड़ा उदाहरण आपको देना चाहता हूं कि S.I. भर्ती में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार प्रमाणित हुआ, कई लोग गिरफ्तार हुए मगर उस भर्ती को यथावत रखने के लिए आपकी राजस्थान सरकार रात - दिन एक करके बैठी है ऐसे में BJP की जो दोगली नीति जनता के सामने उजागर हुई ,एक दूसरा उदाहरण देना चाहूंगा कि आपने कई बार सार्वजनिक सभाओं में कहा कि न खाऊंगा और न खाने दूंगा मगर राजस्थान के तीन विधायकों का विधायक कोष की स्वीकृति के एवज में रिश्वत लेने से जुड़ा प्रकरण जनता के सामने सार्वजनिक हुआ,इससे पहले एक विधायक को ACB ने रिश्वत से जुड़े मामले में ही पकड़ा,इस पूरे मामले में एक विधायक आपकी पार्टी का भी था मगर इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण क्या हो सकता है कि राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्टिंग में रिश्वत लेते सामने आए बीजेपी के उस विधायक के पक्ष में सीना तानकर खड़े हो गए
इसलिए राजस्थान का युवा और राजस्थान की जनता आपसे पूछ रही है कि -
1.राजस्थान में हुए पेपर लीक के मामलों में मगरमच्छों पर सख्त और समयबद्ध कार्रवाई कब सुनिश्चित होगी ?
2. राजस्थान लोक सेवा आयोग के पुनर्गठन पर स्पष्ट रोडमैप कब दिया जाएगा ?
3.ऐसे भ्रष्ट विधायकों पर कब कार्यवाही होगी जिनका भ्रष्ट आचरण जनता के सामने उजागर हो गया है ?
4. राजस्थान पुलिस उप-निरीक्षक भर्ती -2021 (S.I. भर्ती 2021) को लेकर केंद्र सरकार का क्या स्टैंड है ?
युवाओं का भविष्य केवल वादों से नहीं, बल्कि ठोस फैसलों से सुरक्षित होगा |
@PMOIndia
हैलो! उपलब्ध आंकड़ों (2019-2025) के आधार पर, भारत में पेपर लीक के सबसे ज्यादा मामले इन राज्यों में रिपोर्ट हुए हैं:
1. राजस्थान
2. उत्तर प्रदेश
3. बिहार
4. महाराष्ट्र
5. मध्य प्रदेश
नोट: स्रोतों में आंकड़े भिन्न हैं, और हाल के वर्षों में लीक जारी हैं। अधिक जानकारी के लिए विशिष्ट रिपोर्ट्स देखें।
ये भर्ती विज्ञप्ति नहीं, OBC के युवाओं के हक़ पर भाजपा सरकार का सुनियोजित प्रहार है।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की भर्ती परीक्षाओं में OBC के हक पर डाका जा रहा है। LDC भर्ती परीक्षा में ओबीसी को 21% आरक्षण नहीं देना कोई तकनीकी भूल नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकारों पर खुला हमला और पिछड़े वर्ग के साथ घोर अन्याय है।
चतुर्थ श्रेणी, वनपाल भर्ती समेत कई भर्ती परीक्षाओं में भी OBC को 15% आरक्षण में समेट देना बताता है कि रोस्टर के नाम पर छल किया जा रहा है, ओबीसी के युवाओं को हाशिये पर धकेला जा रहा है।
ये संविधान की भावना, समान अवसर और ओबीसी के लाखों बेरोज़गारों के भविष्य का सवाल है। आखिर भाजपा सरकार OBC का हक़ मारकर किसे फायदा पहुंचा रही है?
पॉलिटिकल साइंस व्याख्याता भर्ती के अभ्यर्थियों की पीड़ा जैसी उन्होंने बताई है...
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RPSC इससे भी बड़े कारनामे कर रही है।
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राजस्थान लोक सेवा आयोग ने 23 सितम्बर को व्याख्याता भर्ती 2024 राजनीति विज्ञान का परिणाम जारी किया है। 225 पदों के लिए परीक्षा हुई , 46000 लोगों ने परीक्षा दी। उसमें से केवल 6 ही उत्तीर्ण हुए। आयोग के इतिहास का ऐसा रिजल्ट जिसमें कोई कट ऑफ ही नहीं है।
सर जो पेपर 2015, 2018, 2022 की भर्ती में 32 पृष्ठों में सिमट जाया करता था वो इस भर्ती में 64 पृष्ठों में आया। 03 घंटे में प्रश्न पत्र को सिर्फ पढ़ा जा सकता था , बच्चे हल कैसे करते ?
एग्जाम हॉल में हमें पेपर का अत्यधिक कठिन स्तर देख कर लग रहा था कि शायद हमने पढ़े नहीं, हमें लग रहा था कि 100—150 बच्चे तो पास हो जाएंगे, लेकिन 6 बच्चे पास हुए है आप अंदाजा लगा सकते है पेपर का स्तर क्या रहा होगा।
गैर—मनोवैज्ञानिक प्रश्न पत्र था। जब आयोग ने पाठ्यक्रम का विभाजन माध्यमिक , स्नातक , परास्नातक स्तर में वर्गीकृत कर रखा है लेकिन पेपर इस वर्गीकरण से बाहर था।
स्कूल व्याख्याता को 11 वीं , 12 वीं के बच्चों को डील करना होता है , वहां NCERT पुस्तके अनुसंशित है तो फिर उन पुस्तकों से प्रश्न क्यों नहीं पूछे गए ? जबकि पिछली भर्तियों में 150 में से 30 प्रश्न उनमें से आते ही थे।
पेपर सेटर ने कुंठित मानसिकता से पेपर का निर्माण किया है। जिससे हजारों अभ्यर्थी चयन की दौड़ से बाहर हो गए।
आपके निवेदन/आग्रह है आप हमारी आवाज उठाएं ताकि मामला उच्च स्तर तक पहुंचे , ताकि ऐसे घटनाक्रम की पुनरावृत्ति न हो।
🙏🙏🙏
@RPSC1
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राजस्थान लोक सेवा आयोग ने 23 सितम्बर को व्याख्याता भर्ती 2024 राजनीति विज्ञान का परिणाम जारी किया है। 225 पदों के लिए परीक्षा हुई , 46000 लोगों ने परीक्षा दी। उसमें से केवल 6 ही उत्तीर्ण हुए। आयोग के इतिहास का ऐसा रिजल्ट जिसमें कोई कट ऑफ ही नहीं है। सर जो पेपर 2015, 2018, 2022 की भर्ती में 32 पृष्ठों में सिमट जाया करता था वो इस भर्ती में 64 पृष्ठों में आया। 03 घंटे में प्रश्न पत्र को सिर्फ पढ़ा जा सकता था , बच्चे हल कैसे करते ?
एग्जाम हॉल में हमें पेपर का अत्यधिक कठिन स्तर देख कर लग रहा था कि शायद हमने पढ़े नहीं, हमें अलग रहा था कि 100—150 बच्चे तो पास हो जाएंगे, लेकिन बच्चे पास हुए है आप अंदाजा लगा सकते है पेपर का स्तर क्या रहा होगा।
गैर—मनोवैज्ञानिक प्रश्न पत्र था। जब आयोग ने पाठ्यक्रम का विभाजन माध्यमिक , स्नातक , परास्नातक स्तर में वर्गीकृत कर रखा है लेकिन पेपर इस वर्गीकरण से बाहर था।
स्कूल व्याख्याता को 11 वीं , 12 वीं के बच्चों को डील करना होता है , वहां NCERT पुस्तके अनुसंशित है तो फिर उन पुस्तकों से प्रश्न क्यों नहीं पूछे गए ? जबकि पिछली भर्तियों में 150 में से 30 प्रश्न उनमें से आते ही थे।
पेपर सेटर ने कुंठित मानसिकता से पेपर का निर्माण किया है। जिससे हजारों अभ्यर्थी चयन की दौड़ से बाहर हो गए।
आपके निवेदन/आग्रह है आप हमारी आवाज उठाएं ताकि मामला उच्च स्तर तक पहुंचे , ताकि ऐसे घटनाक्रम की पुनरावृत्ति न हो। 🙏🙏🙏
RPSC को अपने सिलेबस में स्पष्ट वर्गीकरण करना चाहिए !
जब पूरे सिलेबस को कक्षा 12 ,B.A और M.A इन तीन भागों में बांट रखा है तो फिर पेपर का ब्ल्यू प्रिंट भी उसी के आधार पर तैयार होना चाहिए ना
या मिनिमम क्वालिफिकेशन में शिथिलता कर दो!
प्रदेश के युवाओं की मेहनत और सपनों का सम्मान होना चाहिए। यह केवल परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के साथ न्याय का प्रश्न है। सरकार को इस मामले में सख्त कार्रवाई कर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए।
पेपर की भाषा समझने में 3 घंटे चले जाते है!
#RPSC
RPSC की राजनीति विज्ञान व्याख्याता भर्ती परिणाम में 225 पदों पर सफल हुए मात्र 6 कैंडिडेट!
क्या सचमुच इतने बड़े राज्य में लाखों पढ़े-लिखे युवाओं में से सिर्फ 6 ही योग्य थे? या फिर पेपर सेट करने वालों ने कठिनाई को इस कदर असंभव बना दिया कि परीक्षा “योग्यता चयन” के बजाय “हताशा का जाल” बन गई?
कभी सोचना पड़े कि अगर 225 सीटों के लिए सिर्फ 6 लोग ही पास हो पाए तो बाक़ी लाखों अभ्यर्थी क्या बिल्कुल अयोग्य थे? या फिर पूरी प्रणाली ही युवाओं से बदला लेने के अंदाज़ में खड़ी थी?
कोचिंग संस्थान, पढ़ाई करने वाले अभ्यर्थी—सब अब सवाल कर रहे हैं कि आखिर पढ़ाया क्या जा रहा था और पूछा क्या गया?
यह स्थिति केवल असफल अभ्यर्थियों का दर्द नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा-तंत्र और चयन प्रणाली पर गहरे सवाल खड़े करती है।
RPSC को यह समझना चाहिए कि युवाओं का धैर्य और विश्वास दोनों दाँव पर हैं।
भर्ती परीक्षाएँ “संभावनाओं का द्वार” खोलने के लिए होती हैं, न कि “निराशा का ताला” लगाने के लिए।
@RPSC1@BhajanlalBjp@RajCMO
#NirmalChoudhary