भूतपूर्व-अंधभक्त !Retweeet £ Endorsement.मैं न तो दक्षिणपंथी हूँ न ही वामपंथी।मैं हूँ अब समाजवादी और गांधीवादी।और हां मैं हूँ अब हिंदुस्तानी हिंदू,भाजपाई नही🚩
This is real Patna. See the original video of that viral AI video.
Only Nitish Kumar deserves credit for these massive flyovers and bridges in Patna.
I don't know why the people of @Jduonline@nitishyouthsena are not defending this.
मोदी सरकार से रुपया संभल नहीं रहा है. किसी भी वक्त 1 डॉलर = 100 रुपए हो सकता है.
ऐसे में मोदी को अपनी छवि की चिंता सता रही है.
इसलिए RBI से कहकर देश का सोना बिकवा रहे हैं, ताकि रुपया 100 के पार ना चला जाए.
RBI ने करीब 12 बिलियन डॉलर (1.14 लाख करोड़ रुपए) का सोना बेच दिया है, सिर्फ 2 हफ्ते में.
ये सब मोदी की फर्जी छवि को बचाने के लिए किया जा रहा है. हालांकि बहुत देर हो चुकी है और सच सबके सामने है.
मोदी ने भारत की इकॉनोमी को बर्बाद कर दिया है. गिरता रुपया, विदेशी निवेशकों का भारत से बाहर जाना, कंपनियों का बंद होना, रोजगार की मारामारी, ये सब इसके सबूत हैं.. और ये बस शुरुआत है.
मोदी है तो देश बर्बाद है.
🚨 हार्वर्ड में रजत शर्मा को पत्रकार नहीं, BJP एजेंट कहा गया!
छात्र ने खुली कुंडली पढ़ दी —
▪️तुम ABVP के हो
▪️अरुण जेटली, विजय गोयल के दोस्त हो
▪️बीजेपी-बसपा गठबंधन करवाया था
▪️मोदी के ख़ास हो
▪️बीजेपी को चुनाव में मदद करते हो
▪️पद्मविभूषण ,अरुण जेटली की सिफ़ारिश पर मिला ।
देश में आर्थिक संकट गहरा रहा है
और खुद मोदी जेब में मेलोडी टॉफी लेकर अपने महंगे जहाज से इटली चले गए
वहां इटली की PM मेलानी को मेलोडी टॉफी देकर रील बना रहे हैं
यह देश की जनता से साथ खिलवाड़ है
@RahulGandhi
मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी को 'मेलोडी' टॉफी दी है।
इटली जाकर मेलोनी से मिलने से पहले मोदी ने हिंदुस्तान में भाषण दिया और कहा- आर्थिक तूफान आ रहा है, विदेश मत जाइए।
और खुद जेब में मेलोडी टॉफी लेकर अपने महंगे हवाई जहाज से इटली चले गए। फिर मेलोनी को टॉफी खिलाई और रील बनाई।
देखिए... देश की जनता के साथ क्या खिलवाड़ हो रहा है।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
• मोदी ने देश की जनता से कहा- आर्थिक संकट है, विदेश मत जाओ.
• और खुद जेब में मेलोडी टॉफी लेकर अपने महंगे जहाज से इटली चले गए.
• वहां इटली की PM मेलानी को मेलोडी टॉफी दी और रील बनाई.
देश की जनता से साथ ये खिलवाड़ हो रहा है.
- नेता विपक्ष राहुल गांधी
आर्थिक तूफ़ान सर पर है, और हमारे प्रधानमंत्री इटली में टॉफ़ी बाँट रहे हैं!
किसान, युवा, महिलाएँ, मज़दूर और छोटे व्यापारी सब रो रहे हैं - PM हंसकर रील बना रहे हैं, और BJP वाले ताली बजा रहे हैं।
यह नेतृत्व नहीं, नौटंकी है।
• क्या प्रधानमंत्री से ऐसा सवाल पूछना जायज है?
• ये पत्रकार सवाल पूछकर भारत की छवि पर दाग नहीं लगा रही है?
मैंने सुबह ही बताया था - भारत के एंकर मोदी से सवाल पूछने वाले पत्रकार को ही गरियाने लगेंगे, वही हुआ.
सुना जाए 👇
🚨ब्रेकिंग : जब फ्रांस के प्रेसिडेंट मैक्रों नॉर्वे आए, तो उन्होंने सवाल लिए। हर देश का हेड सवाल लेता है।
लेकिन, इंडियन PM मोदी ने नहीं लिए। मैं यह बताना चाहती था कि डेमोक्रेसी की आपकी अपनी डेफिनिशन नहीं हो सकती।
— Helle Lyng को सुनें
मोदी इंडिया को शर्मिंदा कर रहे हैं…
Asking my prime minister Jonas Gahr Støre about why Norway refers to India as a democracy when the Indian PM has not had a press conference in 12 years at home. Is not a free press important to democracy anymore? Støre points to India holding elections. He does acknowledge differences in press culture, but also points to Indias large population.
हमारे देश के पत्रकार कभी सवाल ही नहीं पूछते,
अगर ये लोग सवाल पूछते तो तैयारी और भी अच्छी रहती है।
इनको जब भी मौका मिलता है इंटरव्यू का तो ये सिर्फ तारीफ करते हैं, सवाल नहीं पूछते हैं।
भारत के जिस प्रधानमंत्री ने अपने 12 साल के कार्यकाल में एक भी प्रेस कॉन्फ़्रेंस न की हो , जिस प्रधानमंत्री ने 12 साल में कभी खुले तौर पर प्रेस के सवालों का सामना न किया हो. जिस प्रधानमंत्री ने देश के मीडिया संस्थानों को चाटूकार गोदी मीडिया में तब्दील कर दिया हो, जिस प्रधानमंत्री ने 12 सालों में या तो एक तरफा मन की बात जैसा मोनोलॉग किया हो या फिर सिर्फ़ अपने चुनिंदा चमचों और चाटूकारों को इंटरव्यू दिया हो, उस प्रधानमंत्री से दर्जनों रिपोर्टर के सामने अचानक किसी सवाल के जवाब की उम्मीद करना ही बेमानी है. बल्कि उस प्रधानमंत्री को यूं घेरकर उनसे सवाल पूछना उनके साथ नाइंसाफी भी है, जिन्होंने सवालों से ही भागते भागते बारह साल गुजार दिए हों. देश में ही जिन्होंने आजतक खुले मंच से किसी सवाल का जवाब नहीं दिया या बल्कि यूं कहें कि पत्रकार को ऐसे सवाल पूछने का अधिकार नहीं दिया , उनसे नॉर्वे में कोई रिपोर्टर सवाल पूछ ले और जवाब हासिल कर ले , ये तो वैसे भी मुमकिन नहीं है . फिर पता नहीं क्या सोचकर नॉर्वे की एक रिपोर्टर ने मोदी से सवाल पूछने की गुस्ताखी कर दी. वो भी खुले मंच के सामने से . ज़ाहिर है जवाब न आना था . न आया . अब देश भर में इस वीडियो पर बवाल मचा है . मोदी समर्थकों ने उस रिपोर्टर के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है .
Tried to ask PM Modi a question on the way to the elevator to, but the closing doors stopped me.
What I was wondering was whether he thinks he deserves the trust of the Nordic countries given his human rights violations and his restrictions on press freedom.
नॉर्वे में महिला पत्रकार के सवाल से भागते हुए मोदी।
नॉर्वे प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में पहले नंबर पर है। वहां पत्रकार जरूरी मुद्दों पर सवाल करते हैं और सरकार की जवाबदेही तय करते हैं।
भारत के 'गोदी मीडिया' की तरह 'बटुआ रखते हैं या नहीं', 'आम खाते हैं या नहीं', जैसे फर्जी सवाल नहीं किए जाते।
भारत के मीडिया को नॉर्वे के पत्रकारों से सीखना चाहिए और मोदी की जवाबदेही तय करनी चाहिए।
जिस दिन भारत का मीडिया देश के जरूरी मुद्दों पर सवाल करने लगा, उस दिन मोदी सरकार के 'झूठ का गुब्बारा' फूट जाएगा।
Primeminister of India, Narendra Modi, would not take my question, I was not expecting him to.
Norway has the number one spot on the World Press Freedom Index, India is at 157th, competing with Palestine, Emirates & Cuba.
It is our job to question the powers we cooperate with.
When there is nothing to hide, there is nothing to fear.
What happens to India’s image when the world sees a compromised PM panic and run from a few questions?