ये वो प्राणी हैं जो अपने विधानसभा में पिछले पाँच सालों में बस पाँच बार आया होगा,
इसके विधानसभा में बाढ और कटान से जनता परेशान है और इसको परेशानी जौहर विश्वविद्यालय से है
चुल्लू भर ज़्यादा है एक बुंद ही काफ़ी हैं @UPGovt@yadavakhilesh@samajwadiparty#Bairia#ballia
मोदी जी ने #neet पर एक पोस्ट क्या किया पूरे के पूरे मुख्यमंत्री से ले कर,मंत्री, सांसद, विधायक, एमएलसी, प्रमुख और प्रधान सब क़ानून मंत्री बन रहे है रिपोस्ट करके।
धिक्कार हैं
#dharmendrapradhan#neet#india
तो सरकार अब खुल कर सामने आ रही है कि उखाड़ लो हमारी %# यदि दम है तो। ये @nitin_gadkari का कथन है (मनी कंट्रोल पर), पर गडकरी या @narendramodi यह बताएँ कि आपने प्योर पेट्रोल का विकल्प किस पेट्रोल पम्प पर दिया है? एक्सट्रा प्रीमियम तो प्रीमियम पेट्रोल है, जो 2009 में भी मिलता था और तब के ‘प्योर पेट्रोल’ से 10-12% महँगा होता था।
एक तो कभी ठीक से बताया नहीं कि कौन सा तेल दे रहे हैं, उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी की, और अब ज्ञान दे रहे हैं कि दिक्कत है तो ₹167 वाला भरवाओ! जो लोग बोलें उन पर नागपुर में FIR करवाओ?
कायर! कापुरुष!!
@ajeetbharti ऐसे देश स्तरीय परीक्षाओं का निरंतर लीक होना, एक बड़े राज्य में चुनाव हारने से भी बड़ा घातक है वो तो अभिभावक इसको उस नजरिये से बस देख नहीं रहे है
सरकार को कठोर कदम उठाने चाहिए भले ही कोई विरोध करे ना करे, ये आपकी जिम्मेदारी @narendramodi जी और आप इस से भाग नहीं सकते
NEET में 22 लाख विद्यार्थियों की मानसिक, आर्थिक और सामाजिक परिस्थिति पर मूत्र त्याग करने वाली NTA, वर्तमान सरकार और मंत्री पर चर्चा न कर के, आज जब PM, राज्यों के CM के कारों की संख्या और कहीं दूर हो रहे बुलडोज़र एक्शन पर पूरा 'समर्थक तंत्र' केंद्रित है।
क्यों? क्योंकि इसमें आप कोई जाति नहीं निकाल सकते, ना ही कहीं भाग सकते हैं। हर एक बीतते दिन में @BJP4India नीचे गिरती जा रही है। हाँ, कुछ लोग कह देंगे कि हरियाणा नगर निकाय चुनावों में हुई भारी जीत बताती है कि @narendramodi की लोकप्रियता अधिकतम स्तर पर है। अच्छी बात है!
धर्मेंद्र प्रधान या अन्य लोगों से मेरी व्यक्तिगत शत्रुता नहीं है। मेरे घर में अभी ना तो कोई कॉलेज में हैं, ना अगले 18 वर्षों में होगा। फिर भी लिखना-बोलना आवश्यक है क्योंकि इस सरकार ने हमें 'मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस' और 'पार्टी विथ अ डिफरेंस' कह कर वोट माँगा था।
उन रोते बच्चों, परेशान माता-पिता, प्रसन्न माफिया और निकृष्ट मंत्री-सरकार को देख कर भी यदि आप सिर्फ़ इसलिए कुछ नहीं लिख रहे कि मोदी जी कमज़ोर हो जाएँगे, तो याद रखिए कि एक दिन मोदी को युगपुरुष लिखने वाला पिता आज उनसे ही प्रश्न पूछ कर रो रहा है कि उसकी बेटी का भविष्य क्या है।
नेता की भक्ति अच्छी है, पर रेंगना और जीभ को सैंडपेपर बना कर चाटना आपकी प्रासंगिकता समाप्त करता है।
जब मैंने कहा था कि धर्मेंद्र प्रधान को अपमानित करके (कहा तो मैंने कुछ और ही था) कैबिनेट से निकाला जाना चाहिए, तो कई लोगों को (UGC के कारण मेरे सरकार विरोध में होने से) समस्या हो गई थी।
इस नकारे मंत्री के कार्यकाल में NEET 2026 रद्द हो गई। इनसे पेपर लीक रुक नहीं रहा, DU में सवर्ण सहायक प्रोफेसरों को चिह्नित करके निकाला जा रहा है, VC वामपंथी लेख लिख रहे हैं, नई शिक्षा नीति लागू हो रही है पर पन्नों में ब्राह्मण ब्रिटिश को न्योता दे कर बुलाता दिखाया जा रहा है, NCERT में आज भी डिस्टॉर्टेड इतिहास पढ़ाया जा ही रहा है, फिर यह व्यक्ति क्या एक प्लेस होल्डर मात्र है?
हर 58 मिनट में एक छात्र आत्महत्या करता है। उसका कारण स्ट्रेस है, चिंता है, असफलता है, तंत्र द्वारा उसकी परीक्षा लेना है। निर्धन छात्र पैसे ले कर नए नगर में परीक्षा देने जाता है, प्लेटफार्म पर अख़बार बिछा कर सोता है, सड़क किनारे जल पीकर परीक्षा देता है कि एक दिन परिणाम आने पर उसकी चिन्ताएँ समाप्त हो जाएँगी, पर तंत्र उसे तड़पाता रहता है।
धर्मेंद्र प्रधान एक निकृष्ट और नकारा नेता है, उस से भी गया०बीता मंत्री। ऐसे लोगों को कोई घर का गराज संभालने ने दे, ये देश की शिक्षा घंटा सँभालेगा? @narendramodi जी, यदि UGC के 118 दिन बाद आपकी सरकार ने सवर्णों को औक़ात दिखा दी हो, और आपका ईगो शांत हो गया हो कि क्या उखाड़ लिया, गुजरात निगम और असम-बंगाल चुनाव जीत गए, तो प्लीज़ इस निकम्मे धर्मेंद्र प्रधान को विदा कीजिए।
यदि, चुनाव के आँकड़े ही आपके लिए एक मात्र मोटिवेशन हैं और देश की शिक्षा गर्त में जाते अच्छी लगती है, तो फिर कोई बात नहीं, UP चुनाव के लिए रैलियाँ कीजिए।