ये देश के पूर्व गृह सचिव एस. लक्ष्मी नारायण जी हैं। इन्होंने राम मंदिर में एक सोने से बनी रामचरितमानस दान की थी। कह रहे हैं कि वह गायब हो चुकी है।
ये अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। इनकी मां ने करीब 15 साल तक वैधव्य का जीवन जिया। उन्होंने अपने सारे गहने अपनी बहू को दे दिए। जब वे नहीं रहीं तो इन्होंने सोचा कि उनके गहने हम राम के चरणों में न्योछावर कर देंगे। इन्होंने अपनी मां के गहने और कुछ और पैसे लगाकर सोने की रामचरितमानस बनवाकर दान की। इनको कोई रसीद नहीं दी गई। फिर इनको एक दिन बताया गया कि आपका रामचिरतमानस अब गायब हो गया है।
ये कई बार अयोध्या गए। घंटों-घंटों इंतजार करके चंपत राय से मिले और शिकायत की। चंपत बोले कि क्या मैं यही करता रहूं? इन्होंने कहा कि आपने तो कहा था कि आप इसे रखवाएंगे, फिर अब क्यों हटवा दी? चंपत बोले कि जो मैं कहूंगा वही होगा। जाओ, जो करना है करो। इन्होंने बहुत पत्र लिखे, बहुत कोशिश की, बहुत अधिकारियों से गुहार की, लेकिन गायब रामचरितमानस आजतक नहीं मिली। अब ये जानना चाहते हैं कि आखिर वह रामचरितमानस गया कहां? इन्होंने लूट कांड की जांच कर रही SIT को भी चिट्ठी लिखी है।
सोचिए, राममंदिर में बैठाए गए चोरों ने ऐसी कितनी आस्थाओं पर डाका डाला है?
अरुण जेटली मुझे पसंद नहीं करते थे । उनकी प्रेस कांफ्रेंस में तरह तरह के बहाने बनाए जाते - कमरा फुल है वगैरा वगैरा और इंश्योर किया जाता कि मैं न जा पाऊं अंदर ।
कारण बस इतना था कि किसी प्रेस कांफ्रेंस में जेटली ने कहा - सुविधाएं चाहिए तो पैसा तो देना पड़ेगा ।
मैंने उसी पर कह दिया था कि ये बात किसी ढाबे का मालिक कहे तो बात समझ आती है , भारत का वित्त मंत्री कहे तो समझ नहीं आती ।
आप इंडायरेक्टली ये कह रहे हैं न कि जिसके पास पैसा नहीं होगा, उसे सुविधा नहीं मिलेगी ? लोक कल्याणकारी राज्य का क्या होगा फिर ।
अब मैं देख रहा हूं कि जेटली तो भले आदमी थे । पैसे के बदले मैं सुविधा तो देने की बात कहते थे ।
पर अब तो पैसे लेकर ठगने का माहौल चल रहा है । सड़कों पर आप चल नहीं सकते, इतना हैव्वी टोल है। गाड़ियां आपकी खराब हो रहीं।
और ऊपर से सरकार को आपका सोना चाहिए ।
ईश्वर मालिक है इस देश का ..
माननीय रेलमंत्री जी आज प्रयागराज से दिल्ली के लिए में वंदे भारत एक्सप्रेस 22435 से यात्रा कर रहा हूँ ।
ये खाना ख़ास तौर से दाल और सब्ज़ी को देखकर कर मेरे आसपास के लगभग सभी यात्रियों ने खाने की हिम्मत नहीं कर पाये। quality and quantity दोनों को देखकर @IRCTCofficial मे फैले भ्रष्टाचार का अंदाज़ा लगा सकते हैं । उम्मीद है आप संज्ञान लेंगे और सुधार का प्रयास करेंगे @AshwiniVaishnaw@RailMinIndia
हूबनाथ पांडेय की कविता- “गिरो” - राजेंद्र गुप्ता जी की ज़ुबानी
गिरो
गिरो कि अभी और गिरने की संभावनाएं भरपूर हैं
इतना गिरो कि गुरुत्वाकर्षण बल भी शर्म के मारे गिर पड़े
अभी तो गिरने की शुरुआत है
गिरने के अपने सामर्थ्य पर भरोसा गिरने मत दो
सारा विश्व तुम्हारा गिरना देख रहा है
और ख़ुद न गिर पाने पर अफ़सोस कर रहा है
गिरो !
पर अकेले मत गिरो
रुपए के साथ गिरो
चरित्र के साथ गिरो
गर्व के साथ गिरो
कि एक तुम्हीं हो
जिसमें गिरने का इतना साहस है
उस साहस के साथ गिरो
बेशर्मी के साथ गिरो
बेदर्दी के साथ गिरो
कि दुनिया तुमसे गिरना सीख रही है
किसी एक ही मामले में सही तुम्हें विश्वगुरु होने से कोई रोक नहीं सकता
आनेवाली पीढ़ियां तुम्हारे गिरने में
अपने गिरने की संभावनाएं तलाशेंगी
वे तुमसे भी ज़्यादा गिरने का पराक्रम करेंगी
उनके पराक्रम पर यकीन करते हुए
ज़रा और ज़ोर से गिरो
थोड़े शोर से गिरो
चारों ओर से गिरो
निपट भोर से गिरो
और गिरते रहो, गिरते रहो
यह सच है
कि इससे पहले
तुम्हारी तरह कोई नहीं गिरा
इसका कोई नहीं गिला
बल्कि तुम्हें तो ख़ुश होना चाहिए
कि सदियों से खड़े समाज को
तुम गिरना सिखा रहे हो
एक ही जगह खड़े खड़े
लोग जड़ हो गए थे
उन्हें जड़ से तुम्हीं हटा रहे हो
यह कोई आसान काम नहीं
जो तुम ज़माने को बता रहे हो
कि जो गिरने में असमर्थ हैं
वे तुम्हारी आलोचना करेंगे
तुम्हारी निंदा करेंगे
इन सबसे घबराना नहीं
गिरने से डगमगाना नहीं
आज तक जो कुछ न गिरने के लिए प्रतिबद्ध था
वह सब लेकर गिरो
धर्म लेकर गिरो
कर्म लेकर गिरो
देश लेकर गिरो
भेस लेकर गिरो
पेड़ लेकर गिरो
रेंड़ लेकर गिरो
पानी लेकर गिरो
पहाड़ लेकर गिरो
सावन लेकर गिरो
अषाढ़ लेकर गिरो
प्रकृति लेकर गिरो
संस्कृति लेकर गिरो
विकृति लेकर गिरो
ओ वर्तमान सदी के महानतम महापुरुष
पूरी कायनात को दिखा दो कि तुम और कितना गिर सकते हो
कल हो सकता है
कि तुम्हारा गिरना देखकर ही
लोगों में उठने की कामना जाग उठे
आनेवाली पीढ़ियों को उठने का अर्थ बताने
के लिए
कम और ज़्यादा गिरने का फ़र्क बताने के लिए गिरो!
बिना किसी की फ़िक्र
सिर्फ़
और सिर्फ़
गिरो!
गिरते रहो!
जब तक
गिरने की प्रक्रिया
निष्क्रिय न हो जाय !!!
गिरो! गिरो! गिरो!
पूर्व सांसद आनंद मोहन ने JDU के एक बड़े नेता पर गंभीर आरोप लगाए ,उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपने दम पर कभी वार्ड पार्षद का चुनाव भी नहीं जीत सका, वह आज लगभग 10 हजार करोड़ की संपत्ति का मालिक बन गया है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि दरभंगा एयरपोर्ट के पास करीब सवा सौ एकड़ जमीन एक ही व्यक्ति के ट्रस्ट के नाम पर दर्ज है।
#AnandMohan #Darbhanga #LandIssue #JDU #BiharPolitics #BiharNews #BreakingNews
2.5 मिनट निकालकर ये कहानी सुनिए 👂🏻
कहानी एक राजा की 👑🔥⚔️
अगर आप लोग आखिर तक सुन पाए तो मैं जानना चाहूंगा कि आपके दिमाग में अंत में किस राजा का नाम आया? 🤔🤔
महत्वपूर्ण है, सुनिएगा जरूर। ⏬ 💯 🔥
तिब्बत के ऊपर बहुत कम दिखने वाले लाल स्प्राइट चमकते हुए देखे गए
ये बहुत ज़्यादा इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी की वजह से होते हैं और तेज़ आंधी-तूफ़ान के दौरान ऊपरी वायुमंडल में बनते हैं।
Video from RT
अमेरिका ने भारत पर टैरिफ़ लगाने का नया आधार बनाया
अमेरिकी रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत में ‘जबरन मज़दूरी के तरीकों की जांच के बाद’ अमेरिका ने भारत और 59 दूसरी ग्लोबल इकॉनमी पर नए टैरिफ़ का प्रस्ताव रखा है।
ये अतिरिक्त टैरिफ़ 10% या 12.5% का होगा।
A revealing chat with my fellow “anti-national Soros agents.”
Vedant and his friends are brilliant, brave young Indians who asked CBSE and the Modi government simple questions - but got insults instead of answers.
They deserve a bright and secure future. We will make sure they get it.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने off late पेट्रोल डीज़ल के आसन्न संकट की बात कर और लोगों को एहतियात बरतने की सलाह देकर रूबियो के आने से बहुत पहले ही भूमिका बांध दी है। अब अमेरिका से बड़े पैमाने पर तेल ख़रीद की डील सामने है तो उसे जस्टिफाई किया जा सकेगा कि समस्या इतनी बड़ी है कि यहाँ से न ख़रीदें तो कहाँ जाए! वैसे समस्या तो सच में बड़ी है पर ईरान तो छोड़िए, रूसी तेल पर भी अमेरिकी ‘गाइडलाइन्स’ हैं कि कब ख़रीदना है कब नहीं। दूसरे शब्दों में इसे प्रतिबंध कहा जाता है।
मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे - सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो।
ये उपदेश नहीं - ये नाकामी के सबूत हैं।
12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है - क्या ख़रीदे, क्या न ख़रीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें।
देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं।
मेक इन इंडिया- जुमला साबित भेल, तँ सरकार कहलनि- सब चंगा सी! व्यापारिक घाटा बढ़ल तँ विशेषज्ञ बजलाह-सब चंगा सी! राजनीतिक लाभ लेल अनावश्यक युद्ध देश पर थोपल गेल तँ भक्तगण नारा लगौलनि- सब चंगा सी! मुदा अब पछताए होत का...?आर्थिक मंदीक मारि झेलबाक लेल तैयार रहू!
#ModiRuinedEconomy
वाय ही इज माई फेवरिट!!
तमाम चुनावी हार और सांगठनिक समस्याओं के बावजूद यह शख्स मेरा फेवरिट पोलटिशियन है।
लोग कहते है कि तुम्हे इसमे दिखता क्या है??
ओके, तो आज बताता हूँ, कि मुझे राहुल में क्या नजर आता है।
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गिनीज बुक वाले अगर चेक करें, तो पाएंगे, कि मानव इतिहास के 5000 साल मे, किसी का सबसे ज्यादा अपमान, लानत- मलामत की गई, तो वह शख्स राहुल है।
जबकि वे कोई हिटलर, चंगेज या ईदी अमीन नही। उसने कोई अमानवीय, अकरणीय काम नही किया।
कमी यही कि एक खास खानदान में जन्मे है। उन्हें हटाने, हिलाने, गिराने के लिए, एक वेल फंडेड, वेल कोर्डिंनेटेड, ऑर्गनाइज्ड कैम्पेन- बरसों बरस से जारी है। और भीतर की मजबूती देखिए..
बंदा हिलता नही।
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दुनिया मे कौन है जिसके पिता, माता, बहन, के साथ दादा, दादी, परनाना और लकड़नाना तक जाकर गालियां दी गयी।
पुरखो की गंदी कहानियां बनाई। और जवाब छठी पीढ़ी के बालक से मांगा???
अनप्रिसिडेंट इन ह्यूमन हिस्ट्री!!!
लेकिन यह शख्स हंसता रहता है। पलटकर जवाब नही दिया, तल्खी नही दिखाई। किसी के लिए मुंह से एब्यूज न निकाला, बदला नही चुकाया।
मोहब्बत की दुकान की बात करता है। गाली देने वालो को गले लगाता है। धोखा देने वालो को भी शुभकामनाएं देता है। ऐसे व्यक्ति से कोई नफरत कैसे कर सकता है?
मैं तो नही।
लेकिन कारण और भी है।
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आप इमरजेंसी को क्यो याद करते हैं, क्यो??
इसलिए कि राहुल डेमोक्रेटिक है।
अपनी मर्जी पर भी दूसरों की इच्छा चलने देते हैं। मित्रों की सुनते मानते हैं। सामने वाले की तानाशाही को जस्टिफाई करने के लिए यह कहना सम्भव नही कि- अरे, तुम खुद भी तो तानाशाह हो।
क्या करें? तो याद दिलाओ, इमरजेंसी..
"कि अरे, तुम नही तो क्या, तुम्हारी दादी तानाशाह थी"
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नेहरू की औरतों के साथ तस्वीरे लगाते हैं, क्यो?
क्योकि स्नूपिंग करने वाले, अपनी बीवी को छोड़, दूजी महिलाओं को गंदी निगाह से ताड़ने वाले नेता के बचाव में, आप ये नही कह सकते- कि राहुल, तुम भी तो चरित्रहीन हो!!
उसके दो दशक के राजनीतिक कॅरियर में चरित्रहीनता का लेशमात्र भी आरोप नही। अब अगर तुम चरित्रहीन नही- तो तुम्हारा परनाना तो था।
ये देख फेक फ़ोटो।
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1947 से लेकर बोफोर्स तक घोटालों की लम्बी सूची दिखाते है। क्यो??
इसलिए कि 2004 से लेकर केंद्र और राज्यो की तमाम सरकारों को एक फोन लगाकर, बड़े से बड़ा काम करवाने की हैसियत राहुल की थी-
एंड डोंट माइंड- 2014 के बाद भी है।
लेकिन ठेका, रुपया, कमीशन, आय से अधिक सम्पत्ति भ्रष्टाचार का चिन्दी भर भी आरोप राहुल पर नही। तब आप 1957 और 1987 के आरोप दोहराते हो- तू नही..
तेरा बाप तो करप्ट था।
अब अलग बात की वे केस भी हवाई निकले थे।
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आप 84 के दंगे याद करते हो-क्यो?
क्योकि UPA से लेकर अब तक MP, राजस्थान, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, हिमाचल जैसी सरकारे दंगामुक्त रही। झारखंड महाराष्ट्र में उसकी समर्थंक सरकारों पर भी दाग नही।
याने दंगाई संस्कृति के लोग, राहुल की सरकारों पर दंगापरस्त होने का आरोप नही लगा सकते।
तो जा- तेरा बाप तो दंगापरस्त था।
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जो अवगुण राहुल में नही, वो पुरखो में खोजे जाते हैं। और पुरखो पर इतने सारे अवगुण थोपे गए है, शायद कोई अपकर्म शायद बचा न होगा।
रिट्रोस्पेक्ट मे आप मान लें, की हर वो मानवीय, या राजनीतिक अवगुण, जिस जिसकी कोई कल्पना कर सकता है- एक भी राहुल में नही मिला।।
इनफैक्ट, बार बार नेहरू, इंदिरा, राजीव, औरंगजेब, गजनवी, गौरी, पृथ्वीराज चौहान के गीत गाने का मतलब ही यही है..
कि सामने खड़े राहुल में कोई कमी, तो उनके चैलेंजर्स भी नही खोज पा रहे।
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वो भी तब, जबकि ये लोग 12 साल से दिन रात राहुल के इर्द गिर्द आईबी, रॉ और फूल छाप कांग्रेसी घुसाकर निगरानी रखते है। पेगागस लगाकर उसके फोन तक में घुसे रहते है-
उन्हें अगर 12 साल के बाद भी कोई चारित्रिक, भ्रष्टाचार, पैसे के लेनदेन या और कोई भी लूज पॉइंट नही मिल सका। तो मान लीजिये कि ऐसे शख्स के जोड़ का मनुष्य ..
इस धरती पर तो मौजूद नही।
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ऐसे में भारतीय राजनीति के राक्षसी जंगल मे..
गन्दे दांतो, लम्बी दाढ़ी, और टकले सर वाले तमाम रक्तपिपासु दैत्यों के बीच, यदि कोई एक श्वेतवर्णी मुनि दिखाई देता है-
तो वह राहुल है। एंड दैट इज वाय
ही इज माई फेवरिट!!
❤️
Exposed yourself perfectly, @PiyushGoyal.
@RahulGandhi asked constitutional questions. You responded with data manipulation. Let me correct your lies:
❌ LIE #1: “₹45 lakh crore textile market opened”
✅ TRUTH: That’s EU FTA potential, NOT US deal. You’re clubbing ALL 15 FTAs and claiming credit for THIS surrender.
❌ LIE #2: “US has no cotton surplus”
✅ TRUTH: US is world’s 2nd largest cotton exporter; 2.3 million tonnes vs India’s 0.51 million. Bangladesh already importing $251.68 million US cotton and planning $1 billion more to get zero-tariff access.
❌ LIE #3: “Bangladesh will keep buying from us”
✅ TRUTH: Brazil already overtook India as their top supplier. Your deal threatens $1.5 BILLION of our cotton & garment exports. 70% of our raw cotton exports go to Bangladesh; now at direct risk.
❌ LIE #4: “UPA also allowed duty-free imports”
✅ TRUTH: SEZ imports required designated zones, 100% export obligations, strict bonding. Your deal gives blanket zero-tariff access to ANYONE; no restrictions. That’s NOT the same policy.
THE TRAP YOU WON’T ANSWER:
⛔️ Import US cotton (subsidized 4,519x more than ours ) → Destroy 70 million cotton farmers
⛔️ Don’t import → Stuck at 18% tariff while Bangladesh gets 0% → Destroy 45 million textile workers
You can’t answer because there IS no answer.
❓WHO’S LYING?
@RahulGandhi who warned about subsidized imports destroying farmers; CORRECT
OR YOU who:
•Revised White House factsheet TWICE after getting exposed
•HID Bangladesh’s zero-tariff condition till caught in Parliament
•Inflated market potential by mixing FTA data
•Called him “bewakoof” instead of answering with facts
“Fails in election after election”?
Rahul Gandhi won Wayanad & Raebareli 2024, leads 99-member opposition.
You lost Maharashtra Assembly 2014, entered via Rajya Sabha backdoor.
Who’s actually failing?
Answer his questions, Minister:
1️⃣ How will Indian farmers compete with US farmers getting ₹98.7 lakh subsidies vs our ₹2,184?
2️⃣ How will we compete when Bangladesh gets structural zero-tariff advantage?
3️⃣ Why hide the cotton import trap till Parliament exposure?
115 million cotton farmers & textile workers understand who’s defending them and who sold them out.
समझने वाले समझ गए indeed.
#FarmersFirst 🇮🇳
#WATCH | Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, "The story started a few days ago when the issue of the Naravane book came, and the government didn't want me to discuss that at all. So they stalled the House. They didn't let me speak. That happened three or four times. First, they said that I cannot quote a book. Then I said I'm not quoting a book, I'm quoting a magazine. Then they said you cannot quote a magazine. Then I said I'll speak about it. Then they didn't want me to speak about it. The Defence Minister said, falsely, that the book has not been published. In fact, the book has been published and we've got a copy of it also. So that is one big issue. Not allowing the LoP and the entire opposition to speak in the president's address. The second issue is that one of their members spoke, quoting books, multiple books, spoke very vile stuff, and nothing was said. We don't like the fact that they can say whatever they want, whenever they want, and the opposition cannot. The third issue is the suspension of our members. And the final issue, which we are very disturbed about, is this idea that has been floated that members were going to threaten the Prime Minister. There's no question of that. The fact is very clear. The Prime Minister was scared to come to the House, not because of the members, but because of what I was saying. He's still scared because he cannot face the truth. There's no question of our members attacking the Prime Minister. He should have the courage to come. I also mentioned that if somebody said that he's going to attack the Prime Minister, then please do an FIR at once. Arrest that person. Why are you not doing that? So that's basically what's happened..."