@ravish_journo तुम पिछले 12 साल से दो चार विषय में उलझे हो।और उधर मोदी ने उसी 12 सालों में देश के हर हिस्से में उपस्थिति दर्ज की।देश के हर कोने से मोदी को बहुत प्यार सम्मान मिला हुआ है जो डिग्री से बहुत बड़ा सम्मान है और ये तुम्हारे पास कभी नहीं हो सकती ☝️
@old_cricketer रजत शर्मा को सबकुछ पता है।वो ऐसा केवल ख़ुद को मास्टर साबित करने लिए करता है।सामने वाले को अहसास दिलाते रहता है की वह सवाल जवाब में उससे बड़ा डिग्रीधारी कोई नहीं।
सठियाल बुड्ढा
@ajitanjum ऐसा है 2104 से पहले के मुक़ाबले अब के स्कूल और हॉस्पिटल लाख गुना अच्छे है।देश की जनता इसे देखती है भलीभाँति समझती है।देश का भला अब जाके तुम जैसे लोगो को याद आ रहा है निकल यहाँ से पहली फुर्सत में।।।
@ArvindKejriwal नक्सल वाले कब से देशभक्त हो गए फ़र्जीवाल ।तेरे हिसाब से तो फिर जिहादी आतंकी भी देशभक्त हो जाएगा।अंत में आख़िर स्वीकार कर ही लिया तूने की तू कितना बड़ा नक्सली है
मोदी जी का नया उपहार: SC/ST एक्ट में मुआवजा 40% बढ़ाकर 12 लाख तक करने का प्रस्ताव।
पैसा मोदी जी के पिताजी देंगे या टैक्स देने वाली जनता?
आखिर हर बार बिल भी जनता भरे और वोट भी किसी और का बढ़े?
@AshutoshRanka@VijayMallangi देश की जनता सब देख रही है की तुम कितने ईमानदार हो,देश की जनता ने वह दौर भी देखा है जब देश को लूटने के अलावा कुछ मिला नहीं करता था,अब जब देश हर क्षेत्र मे तरक्की विकास नए आयाम स्थापित कर रहा है ऐसे में इसे देश की ईमानदार जनता बखूबी जानती समझती है,इसीलिए दिमागी नक्सल वाले बैचैन है
मोदी जी, आपने ये क्या कर दिया!
15 अगस्त के भाषण में बस “दिमागी नक्सल” शब्द क्या बोल दिया, 16 अगस्त को, वो भी छुट्टी के दिन;
लोग खुद ही सामने आकर बताने लगे: “मैं हूँ… मैं हूँ… मैं हूँ!”
इतनी जल्दी सेल्फ-आइडेंटिफिकेशन कैसे हो गया?
हल्द्वानी में खड़गे की जनसभा के बाद रामलीला मैदान का हवन-मंत्रोच्चारण से ‘शुद्धिकरण’ कर दिया गया। खड़गे साहब ने यहाँ भी दलित कार्ड खेल दिया।
भाई, सवाल आपकी जाति का नहीं, आपके भाषण और आपके व्यवहार का है। राजनीति करेंगे तो जवाब भी मिलेगा, इतना तो सहना पड़ेगा।
@khurpenchh खड़े रहते तो खड़ा कर दिया है, बैठा दिया है तो दूर बैठा दिया,फिर कोई कहेगा पानी तक के लिए नहीं पूछा,लोगो को किसी ना किसी बात पर कीड़ा कटेगा ही इस बीमारी का इलाज नहीं
@ShivamSanghi12 आरक्षण लेकर JNU में पढ़ो या कही भी पढ़ो,आख़िर में वो आरक्षण से अपनी पढ़ाई का नमूना झलक दिखा ही देगा,और कुछ ना मिले तो जाति को घुसा दो गले में हांडी झाड़ू पानी ये सब तो है ही साथ ही SC/ST एक्ट जो इनका प्रमुख हथियार ।।
अमित शाह के सदन में चर्चा के लिए तैयार होने के बावजूद राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें उनका लेक्चर या चर्चा नहीं चाहिए, बल्कि उन्हें इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि वे “incompetent” हैं।
विडंबना यह है कि राहुल गांधी खुद किसी को incompetent बताते हुए उसके लेक्चर से बचने की बात कर रहे हैं। इसके बाद मोदी-शाह को लेकर मंच से की गई बयानबाजी और राहुल गांधी-संदीप दीक्षित का व्यवहार क्या Leader of Opposition के स्तर का है?
@ajitanjum चोर नेताओं और चोर पत्रकरों पर भी देश में बड़ी मुहिम चलनी चाहिए।कोई भी सिस्टम दूध का धुला नहीं है।तुम सब अपने एजेंडे के हिसाब नेतागीरी करते हो पत्रकारिता करते हो और साथ में मिलकर देश को खा रहे हो ।।