अयोध्या में बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित परिवारों का दर्द बेहद गंभीर और हृदयविदारक है। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि भाजपा सरकार में योगी सरकार के अधिकारियों द्वारा उनके मकानों को अवैध रूप से गिराया गया और उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया।
आज माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी ने पीड़ित परिवारों से बातचीत कर उनका दुःख-दर्द जाना, उनका ढांढस बंधाया और भरोसा दिलाया कि इस संकट की घड़ी में वे उनके साथ खड़े हैं तथा उनकी हर संभव सहायता की जाएगी।
पीड़ित परिवारों का कहना है कि भाजपा सरकार के तानाशाहीपूर्ण रवैये और अधिकारियों की कथित बर्बरता व गुंडई ने उनके आशियानों को उजाड़ दिया। जिन घरों में वर्षों की मेहनत, यादें और परिवारों के सपने बसे थे, उन्हें इस तरह ढहाए जाने की पीड़ा शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है।
ऐसी कार्रवाई केवल मकानों की दीवारें नहीं गिराती, बल्कि परिवारों की सुरक्षा, सम्मान और भविष्य की उम्मीदों को भी गहरी चोट पहुँचाती है। प्रभावित परिवार न्याय, सम्मान और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
@yadavakhilesh@samajwadiparty
निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ।
साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो।
अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है।
@narendramodi जी, @AmitShah जी - ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे?
निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
जय भीम। जय संविधान।
"अगर आप किसी का गुप्त दान पूछ रहे हैं तो आप सनातनी नहीं हो सकते हैं, यह पूछना गलत है।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी, रसूलाबाद (कानपुर देहात)
आज़ादी के 80 वर्ष बाद भी उत्तर प्रदेश के जिला बदांयू के ग्राम पंचायत रुकुमपुर पुख्ता से धीरपुर पट्टी को जोड़ने वाली सड़क आज तक कच्ची है, सरकारे अति गयीं लेक़िन किसी ने ध्यान नही दिया है। अब तो लोगों की उम्मीद ही ख़त्म हो गयी है। कृपया ध्यान दें।
आज़ादी के 80 वर्ष बाद भी उत्तर प्रदेश के जिला बदांयू के ग्राम पंचायत रुकुमपुर पुख्ता से धीरपुर पट्टी को जोड़ने वाली सड़क आज तक कच्ची है, सरकारे अति गयीं लेक़िन किसी ने ध्यान नही दिया है। अब तो लोगों की उम्मीद ही ख़त्म हो गयी है। कृपया ध्यान दें।
पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध हमारी अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है, लेकिन हमारे compromised प्रधानमंत्री में इस पर चर्चा करने का साहस नहीं है।
शेयर बाज़ार गिर रहा है, LPG की कीमतें बढ़ रही हैं और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच रही हैं - इसका सीधा असर आम आदमी, घरेलू बजट और छोटे व मध्यम व्यवसायों पर पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी को blackmail किया जा रहा है। उनके पास भारतीय जनता के हितों को बेचने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। मेरी बात याद रखिए, वे संसद में नहीं आएंगे।
CNN का सनसनीखेज खुलासा —
“हमारे पास इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि ईरानी गर्ल्स स्कूल पर हमला अमेरिकी सेना द्वारा किया गया था।
इस त्रासदी में 168 बच्चियां और 14 शिक्षिकाएं मारी गईं।” 💔
कम से कम अमेरिकी मीडिया तो कुछ हिम्मत दिखा रहा है। भारतीय मीडिया से तुलना कीजिए 🤦
बात तो सही है…
“सबसे ज्यादा German Shephard phrase कोई deserve करता है तो वो RSS है 🤣
जो Germans और Italians से (Hitler और Mussolini से) पूरी तरह प्रभावित हैं”
योगी आदित्यनाथ: कानून तो सबके लिए बराबर है।
शंकरचार्य जी: अगर कानून सबके लिए बराबर है तो VIP घाट क्यों बनाया संगम में VIP घाट तुम्हारे समय में आया उसके पहले कभी नहीं था..
जबतक भाजपा सरकार मेले का प्रबंधन नहीं कर रही थी तब तक वहां कोई VIP घाट नहीं था जबसे ये लोग सत्ता में आय है तबसे VIP घाट बने है।
देश में जितने लोगों के ऊपर मुकदमे लगे है सब न्यायालय में जाकर उनका सामना कर रहे है लेकिन आप तो जैसे ही मुख्यमंत्री बने आपने सारे मुकदमे वापस कर लिए..
किस संविधान में लिखा है कि आप अपने मुक़दमे वापस कर सकते हो वहां क्या सबके लिए कानून बराबर नहीं है..😎
हरदीप पुरी एक सामान्य नागरिक की हैसियत से सरकार की नीतियां Epstein से क्यों साझा कर रहे थे?
वे पहले इस्तीफा दें और फिर इस बात की सफाई दें।
हरदीप पुरी ने अपने इंटरव्यू में झूठ पर झूठ बोलकर, खुद को ही गलत साबित कर दिया है। अब सवाल ये है कि हरदीप पुरी इतने झूठ किसे बचाने के लिए बोल रहे हैं?
: AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
📍 दिल्ली
भाजपा सरकार ने सपा काल में बने मेडिकल कॉलेज, केंसर इंस्टीट्यूट व अन्य अस्पतालों की जानबूझकर अनदेखी की है। भाजपाइयों ने अपने समय में बने मेडिकल कॉलेजों की बिल्डिंग खड़ी करने में केवल कमीशन खाया है लेकिन उन्हें चलाया नहीं है। मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल, ट्रामा सेंटर बिना स्टॉफ़ के खड़े हैं। भाजपाइयों ने अपने कार्यालय, और मुख्य भाजपाई जी ने अपनी आयुष यूनिवर्सिटी तो खोल ली है परंतु जनहित में काम करनेवाले आम अस्पतालों की पूरी तरह उपेक्षा की है।
रही बात स्वास्थ्य मंत्री जी की तो ये समझ लेना चाहिए कि वो ख़ुद और उनका विभाग ‘हाता नहीं भाता’ की मुख्य-नीति के विस्तार के कारण, उन्हीं की तरह उपेक्षित है और अगले मंत्रिमंडल विस्तार में उनसे विभाग छीनने का आधार बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय और विभाग की ऐसी दुर्गति देखकर हर कोई, ये सहज रूप से स्वीकार भी कर लेगा कि सच में स्वास्थ्य मंत्री महोदय की लापरवाही और कमीशनख़ोरी की वजह से प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं की इतनी दुर्दशा हुई है। जबकि सच ये है कि उन बेचारों के हाथ में पैसों के हिस्से बाँट के अलावा और कुछ अधिकार या दूसरी शक्ति, सामर्थ्य और अख़्तियार नहीं है। स्वास्थ्य-चिकित्सा विभाग में वो नेम प्लेट पर ही मंत्री हैं, कोई उनकी सुनता भी नहीं है। सुना है उन्होंने अपने मोबाइल में एक रिमाइंडर लगा रखा है, जो रोज़ सुबह उन्हें याद दिलाता है कि वो स्वास्थ्य मंत्री हैं। जानेवालों के बारे में अब और क्या कहा जाए, थोड़े लिखे को ही पूरा समझा जाए… उनका ‘हाता से जो पुराना नाता है’, शायद उसीकी वजह से बंद हो रहा उनका खाता है।
भाजपा जाए तो सेहत सुधर पाए!
हम एप्सटीन से मिले थे..लेकिन वो सब नहीं किया था..जिसके लिए उनकी ख्याति पूरे जगत में है..हम काजल की कोठरी में जाते थे बिना कालिख के निकल आते थे..हम मांस की सब्जी नहीं खाते हैं..लेकिन उसकी तरी खाते हैं...ये है 4 बार एप्सटीन से मिलने वाले भारत के मंत्री हरदीप पुरी के कहने का मतलब..