25 दिनों से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन ये इलेक्ट्रिक वाहन अभी भी सर्विस के इंतजार में शोरूम में खड़े हैं। @OlaElectric कंपनी के उच्च अधिकारियों को इस मामले पर तत्काल ध्यान देना चाहिए। आम आदमी को अपने वाहन की सर्विस के लिए इतनी लंबी प्रतीक्षा के कारण कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी को ग्राहकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।
बताओ अब सरकारी कर्मचारी show off भी न करे? इसी नौकरी के लिए बिहार के युवा अपनी जवानी बर्बाद कर रहे हैं। नौकरी लगने के बाद show off तो बनता है।
Starter pack of govt employees ☺️
माँ का आशीष हर दु:ख का कवच है,
माँ ईश्वर का वरदान है,
माँ रचयिता है,
माँ ही संसार है।
मातृ दिवस के अवसर पर समस्त मातृ शक्ति को मेरा प्रणाम 🙏
#Mothersday2026
समंदर की तेज लहरों के बीच जब एक युवक डूबने लगा, तब उसके दोस्त ने बिना एक पल गंवाए बहादुरी दिखाते हुए उसकी जान बचा ली।
मुसीबत की घड़ी में जो मित्र अपनी परवाह किए बिना साथ खड़ा हो जाए, वही सच्ची दोस्ती की मिसाल होता है।
दोस्ती सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि भरोसे, साहस और समर्पण का नाम है। ऐसे जांबाज़ दोस्त को दिल से सलाम...
हनुमान बेनीवाल ने आंध्र प्रदेश में गाड़ी में वापस चढ़ते समय कहा
“मेरे जाने के बाद आपको खुद पता चल जाएगा कि हनुमान बेनीवाल कौन था। आप कहते हैं कि मुझे बहुत चाहते हैं, फिर भी मुझे वोट नहीं देते। मैं आखिर कितनी बार समझाऊँ? क्या रोने से समझोगे? क्या मुझे खो देने के बाद याद करोगे कि एक नेता था, जो रात के दो बजे पूरे राज्य की पुलिस को सड़कों पर बैठा सकता था?
मेरी ज़िंदगी का हर दिन मैंने आपके लिए खर्च किया, अपने परिवार के लिए नहीं।
जितना ज़्यादा मैंने आपके लिए किया, उतना ही मुझे नीचे गिराने की कोशिश की गई।
लेकिन मैं एक बात साफ़ कहता हूँ आपका सपना था कि खींवसर से हनुमान बेनीवाल को हराकर विकास कराएंगे। मुझे समझो, मैं अलग लेवल का बंदा हूँ।
जो आज तक आपने फिल्मों में देखा है, मुझे एक बार हकीकत में देखो। मैं वो शीशा हूँ जिसमें दाग नहीं दिखते उसमें असली मर्द दिखाई देता है।”
गजेटेड अधिकारी के हस्ताक्षर के लिए जब राजेश पायलट राष्ट्रपति भवन पहुंच गए।
पारिवारिक परिस्थितियाँ ऐसी थीं कि उन्हें जल्द से जल्द नौकरी करनी थी। किस्मत ने साथ दिया और भारतीय वायुसेना में एयरमैन की नौकरी मिल गई। लेकिन राजेश्वर का मन इस नौकरी को स्वीकार करने को तैयार नहीं था। उनके सपने बड़े थे वे कुछ और करना चाहते थे।
परिवार के दबाव में वे नौकरी जॉइन करने के लिए घर से निकले, लेकिन रास्ते में ही उनका मन बदल गया। वे करीब एक सप्ताह तक एक रिश्तेदार के यहाँ रुके और फिर वापस लौट आए। घरवालों से उन्होंने यह कहकर सच छिपा लिया कि मेडिकल टेस्ट में अनफिट होने के कारण उन्हें नौकरी से बाहर कर दिया गया है। यह छोटा-सा झूठ दरअसल उनके बड़े सपनों की तलाश का एक पड़ाव था।
एक दिन राजेश्वर की नज़र अख़बार में छपे एक विज्ञापन पर पड़ी भारतीय सेना में अफ़सर भर्ती का। उनके मन में नई उम्मीद जाग उठी। लेकिन फ़ॉर्म भरने के लिए एक गजेटेड अधिकारी के हस्ताक्षर आवश्यक थे, और उनके परिवार या परिचय में दूर-दूर तक कोई अधिकारी नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी।
वे लुटियंस ज़ोन की सड़कों पर भटकते हुए सीधे राष्ट्रपति भवन के बाहर जा खड़े हुए। उन्हें पूरा विश्वास था कि वहाँ कोई न कोई अफ़सर अवश्य मिलेगा। लेकिन महानगर की बेरुख़ी ऐसी थी कि साधारण वेश में खड़े एक गरीब युवक की ओर देखने वाला भी कोई नहीं था। वे इधर-उधर भटकते रहे, हर किसी से मदद की गुहार लगाते रहे, मगर कोई सुनने को तैयार नहीं था।
तभी उनकी ज़िंदगी में लेफ्टिनेंट कर्नल पी. एल. नेगी का प्रवेश हुआ। नेगी साहब ने न केवल राजेश्वर के फ़ॉर्म पर हस्ताक्षर किए, बल्कि उन्हें अपने घर ले जाकर चाय-नाश्ता भी कराया। यह वही क्षण था, जिसने उनके सपनों को पंख दे दिए।
उस समय लेफ्टिनेंट कर्नल पी. एल. नेगी को शायद यह आभास भी नहीं रहा होगा कि यही राजेश्वर आने वाले समय में राजेश पायलट बनकर राजनीति के शिखर तक पहुँचेगा और जनता के दिलों पर राज करेगा।
बाड़मेर लोक सभा क्षेत्र के बायतु क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक गांवों में 765 KV की डबल सरकारी ट्रांसमिशन लाइन का कार्य किसानों को बिना मुआवजा दिए जबरन किया जा रहा है जो अनुचित है, किसानों ने मुआवजे को लेकर बातचीत करने का प्रयास किया तो पुलिस के माध्यम से किसानों को डराने का प्रयास किया गया जो लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है | अभी बायतु क्षेत्र के भोजासर मुख्यालय पर सैंकड़ों किसान धरने पर बैठे है,मेरी राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से मांग है कि इस मामले में संज्ञान लेकर आंदोलित किसानों के साथ वार्ता करने हेतु प्रशासन को निर्देशित करें और किसानों को उचित मुआवजा दिलवाया जाए | मैंने मामले को लेकर जिला कलक्टर से भी दूरभाष पर वार्ता की है |
@RajCMO
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ममता चौधरी
Runner-up Miss Universe UAE 2k24
Cabin Crew - Etihad Airways ✈️
✍️ हनुमान बेनीवाल जी से मेरी पहली मुलाक़ात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई थी।
मुझे दो दिन की अचानक छुट्टी मिली थी और बिना किसी प्लान के घर जाने का मन बन गया। सर्दी का मौसम था और इतने कम समय में टिकट कर पाना मुश्किल था। जैसे-तैसे मैं भारत पहुँच गई, लेकिन स्टेशन पर जाकर पता चला कि ट्रेन के AC कोच में सीट उपलब्ध नहीं है।
मेरे साथ मेरे सोशल मीडिया मैनेजर थे, जो मुझे रेलवे स्टेशन छोड़ने आए थे। वो टीटी से बात कर रहे थे कि किसी भी AC क्लास में मैडम को सीट मिल जाए, लेकिन जवाब मिला - कहीं भी सीट खाली नहीं है।
उसी दौरान पास में ही हनुमान जी बेनीवाल खड़े थे। मुझे तो पता ही नहीं था कि वो वहाँ हैं। उन्होंने मेरे मैनेजर से बड़े अपनापन से पूछा, ‘भाई साहब, सब ठीक है ? क्या हुआ ?’
मेरे मैनेजर ने बताया कि मैम को AC में सीट नहीं मिली है और बहुत सर्दी है।
बस एक पल भी नहीं सोचा उन्होंने।
उन्होंने अपनी First Class में बुक की हुई सीट मुझे ऑफर कर दी।
और खुद एक पुलिस वाले सर के पास जाकर बैठ गए।
फिर हमारी थोड़ी बातचीत हुई - मैं कहाँ जा रही हूँ, क्या करती हूँ, वगैरह-वगैरह। मुझे थोड़ा जानने के बाद उन्होंने बहुत प्यार से कहा,
‘आप मेरी ही बेटी हो।’
पुलिस वाले सर से कहा, ‘मेरी बेटी के साथ एक फोटो लो।’
जब मैं घर पहुँची, तो मैंने हनुमान बेनीवाल जी से वीडियो कॉल करके मेरी माँ, पापा और भाई से बात कराई और उन्होंने कहा,
‘आज से हम एक ही परिवार हैं।’
उस दिन मुझे समझ आया जैसा उनके बारे में सुना उससे भी ज्यादा परिवारिक है वो सिर्फ़ एक नेता नहीं हैं,
बल्कि बहुत बड़े दिल और सच्ची इंसानियत वाले इंसान हैं।
@hanumanbeniwal 🫶🦁
@alokrajRSSB जी,कृपया जवाब दो??
इस अभ्यर्थी ने OMR में रोल नंबर पूरे नहीं भरे तो आपकी मशीन ने इसकी OMR कैसे चेक कर दी यह बताओगे क्या??
या घिसा पिटा जवाब जो तैयार है वो चिपका दोगे??
OMR मशीन केवल गोले पढ़ती हैं न कि मानवीय हैंड राइटिंग में लिखे नंबर??
@GovindDotasra@RajCMO
हेलो @alokrajRSSB जमीर जिंदा हैं या मर गया आप लोगों का,, कितने गिर जाओगे चंद पैसों के लालच में,, क्या बिगाड़ा इन बेरोजगारों ने आपका??
हद कर दी दरिंदों ने,, जो इन मेहनतकश युवाओं के सपने खा गए ये बेशर्म लोग,, जो आदमी जितना ऊंचे ओहदे पर जाता हैं उतनी ही बड़ी हरामखोरी करता हैं।
नागौर सांसद एवं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने किसानों व समर्थकों से 13 जनवरी को पुनः रियां बड़ी पहुंचने का आह्वान किया है।
शनिवार को हुई किसान स्वाभिमान रैली में वे हजारों समर्थकों के साथ रविवार सुबह तक डटे रहे। इसके बाद प्रशासन की ओर से अतिरिक्त जिला कलक्टर सहित अधिकारियों ने मंगलवार तक का समय मांगा था।
बेनीवाल ने कहा कि यदि जनहित व किसान मुद्दों पर समाधान नहीं हुआ तो सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
मीडिया को सत्ता ने ख़रीद लिया है
और
सोशल मीडिया पर जो लोग जन मानस का आवाज , लोकल मुद्दे को अपने पेज पर उठा रहे हैं उन्हें लोकल नेता छूट भइये नेता पुलिस प्रशासन के मिलके ठिकाने लगाने का काम कर रही है ।
यही है भारत में पत्रकारिता का हाल और हालात।
वार्ता बाय विकास साहू को वापस से झारखंड पुलिस कोई मदद नहीं कर रही है और उल्टा उसी कमीने नेता को सपोर्ट कर रही है ।
@JharkhandPolice@JharkhandCMO@HemantSorenJMM
मुर्दा समाज…पत्रकार Vikas गुहार लगाते रहे,किसी ने मदद नहीं की। सच बोलने वाली पत्रकारिता चाहिए मगर पत्रकार नहीं? झारखंड के गढ़वा में जानलेवा हमला।
@HemantSorenJMM जी अब तक आपकी पुलिस ने FIR क्यों नहीं दर्ज की?
https://t.co/uMr4m1EOZz
Watch Full Interview on @thenewspinch YouTube Channel
.@HemantSorenJMM जी आपकी पुलिस इस मामले को इतने हल्के में क्यों ले रही है?
@GarhwaPolice के SP अमन कुमार क्यों एक्शन नहीं ले रहे? एक 23 साल के युवा पत्रकार पर जानलेवा हमला हुआ है।आरोपी चिन्हित होने के बावजूद अब तक गिरफ़्तारी क्यों नहीं हुई?
पूरे देश में शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति बचा होगा जिसने कैंसर जैसी बीमारी को नजदीक से न देखा हो , क्या नेता क्या अभिनेता कोई इससे बचा नहीं है,
इसके अलावा तमाम ऐसे डिसऑर्डर्स हैं जिनसे लोग डेली बेसिस में जूझ रहे हैं, डॉक्टर्स से आप कारण पूछेंगे तो वो आपको लाइफस्टाइल बोल कर आगे बढ़ जायेंगे,
आज के समय में हर कोई व्यक्ति स्वयं के लिए सारे सामान नहीं बना सकते , सुबह दांतों की सफाई से लेकर रात में कुल्ला करके सोने तक हम फैक्टरीज द्वारा बनाई गई पैकेज्ड चीजों पर निर्भर हैं और हर चीज पर सरकार द्वारा निर्धारित टैक्स दे रहे हैं,
हम इस भरोसे पर चल रहे हैं कि इतना टैक्स देने के बाद सरकार द्वारा संचालित एजेंसियां अपना काम बखूबी कर रही हैं और हम सही चीज़ें कंज्यूम कर रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं , हम इस मामले में पूरी दुनिया से काफी पीछे हैं,
पूरे देश में मिलावट चरम पर है, जो भी चीजें हम सुबह से शाम तक इस्तेमाल करते हैं ,उनमें प्रिजर्वेटिव्स से लेकर खराब और खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल हो रहा है, कुछ ब्रांडेड प्रोडक्ट्स को छोड़ दे तो हालत बहुत खराब है , ये काम धड़ल्ले से चल रहा है और रोज बढ़ रहा है ,
जहां दुनिया के कई देशों में एजेंसियां बहुत सजग होकर काम कर रही हैं, बेहतरीन से बेहतरीन गाइडलाइंस और पैरामीटर्स बना रही हैं और टेक्नोजिकली बहुत एडवांस्ड हैं,वहां FSSAI जैसी एजेंसियां केवल लाइसेंस देने में और भ्रष्टाचार में लिप्त हैं ,
आप और हम क्या बीमार होने का इंतजार कर रहे हैं?
इस मामले में हम सभी को मिलकर आवाज उठानी चाहिए , खुद बीमार होने का इंतजार न करें। @fssaiindia