सोनम वांगचुक को अनशन स्थल से जबरन हटाना केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध के संवैधानिक अधिकार पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।
लोकतंत्र में असहमति का जवाब संवाद से दिया जाता है, दमन से नहीं। किसी भी सरकार की परिपक्वता उसकी आलोचना सुनने और बातचीत करने की क्षमता से तय होती है, न कि विरोध की आवाज़ को बलपूर्वक दबाने से।
लोकतंत्र की असली पहचान संवाद, संवेदनशीलता और जवाबदेही है - डर, दमन और चुप्पी नहीं।
उत्तर प्रदेश वर्तमान में 101 विधायक, 10 MLC, 37 लोकसभा सांसद और 4 राज्यसभा सांसद होने के बावजूद अगर आप मुहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए सिर्फ सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं।
तो उससे अच्छा है आप अपनी पार्टी को भाजपा में मर्ज़ कर ले..!
Sonakshi Sinha:
“मैंने पहले कभी कोई बयान नहीं दिया, लेकिन अब मैं चुप नहीं रह सकती। सोनम जैसी जानी-मानी हस्ती छात्रों के लिए 18 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और सब चुप हैं।
अब मैं आवाज़ उठाऊंगी; अगर हम बोलते हैं तो हम देश-विरोधी नहीं हो जाते, हमारी भी आवाज़ सुनी जानी चाहिए। मैं डरती नहीं हूं, जो होगा देखा जाएगा।
सरकार को सोनम सर से बात करनी चाहिए।”
अगर गाजियाबाद पुलिस कहे की मैं निष्पक्ष कार्रेवाई करता हूँ तो समझ जाना वो उतना ही सच्चा है—
जितना कोठे पर बैठी एक तवायफ़ बोले की मैं वर्जन हूँ।
गाजियाबाद में आय दिन पिंकी चौधरी वा उसके गुण्डों द्वारा लगातार मुस्लिम युवकों को पीटा जा रहा है।
लेकिन गाजियाबाद पुलिस ईंटी अंधी और बहरी हो गई है की उनके ना कुछ दिखाई दे रहा है सा सुनाई दे रहा है।
इन्हें कितना भी टैग कर लो या कितना भी FIR करवालो अगर पीड़ित मुसलमान है तो ये कार्रेवाई करने से रहे।
रिपोर्टर : अगर सरकार ई20 का उपयोग करके इतनी बचत कर रही है, तो पेट्रोल सस्ता क्यों नहीं हो रहा है?
नितिन गडकरी : मुझसे मत पूछो, पेट्रोलियम मंत्री से पूछो।
अभी तक ढिंढोरा पीट रहे थे मंत्री जी फिर अब क्या हुआ🥺
ये क्या बत्तमीजी है? अब बजरंगदल में महिलाएं भी शामिल हो गई है क्या?
दिल्ली के सेंट्रल पार्क का ये वीडियो है जहां एक हिंदू महिला जैसे ही दाढ़ी टोपी के साथ कमजोर बुजुर्ग पर नज़र पड़ा उस महिला ने अपनी औकाद दिखाना शुरू कर दी!
हेलो @DelhiPolice कार्यवाही होगी या नज़र अंदाज़ करोगे??
ठीक है कि उसने ज्यादा पी रखी होगी धर्मेन्द्र जी लेकिन अगर वो शाहरुख खान का बेटा न हो तो उसके पीने का कोई वीडियो वायरल भी नहीं होगा .
हमने कई सालों तक नोएडा के चैनलों के आसपास भी न्यूज़ रुम से बाहर निकलकर पियक्कड़ में तब्दील हुए पत्रकारों को देखा है . कार को बार में तब्दील करने वाले ऐसे पत्रकार हर रोज़ क़ानून तोड़ते हैं . सार्वजनिक जगहों को मयखाना बना देते हैं . किसी से फ़ोन करके पूछ लीजिए . बहुतों के नाम पता चल जाएंगे .
आज ही शनिवार को जरा आप दिल्ली और गुरुग्राम के पाँच सितारा होटलों के पास घूम आइए . आपको बहुत से टल्ली मिल जाएंगे . बड़े बड़े घरों से लौंडे लड़खड़ाते हुए गाड़ी में बैठते हुए दिखेंगे .सनातनी परिवार के लड़के भी .
शाहरुख खान के बेटे को ड्रग्स के मामले में उसे फंसाया गया . ये बात साबित हो चुकी है . कभी कुंभ मेले में छापा पड़ जाए तो बहुत से सैकड़ों किलो गांजा , चरस और बहुत कुछ बरामद हो सकता है .
हीरो सुपरमैन वाली ड्रेस में ही नहीं, जज के ड्रेस में भी आते हैँ कई बार.
इनका नाम जस्टिस श्रीनिवास मुरलीधर है.. आपको याद होगा फ़रवरी 2020 में ट्रम्प आने के एक हफ्ते बाद दिल्ली दंगे हुए थे.
मुरलीधर को फ़ोन आता है कि मुस्लिम इलाके में लोग घायल हैँ और पुलिस फ़ोन नहीं उठा रही मदद के लिए..
मुरलीधर रात को एक स्पेशल अदालत अपने घर पर लगाते हैँ और आदेश जारी करते हैँ कि पुलिस मुस्लिम इलाके में जाकर घायलों को देखे
और भड़काऊ भाषण के लिए बीजेपी नेता कपिल मिश्रा के खिलाफ FIR दर्ज़ करके कार्यवाही हो.
1 बजे आदेश देते हैँ वो और 3.30 बजे के करीब उनके ट्रांसफर का आदेश आ जाता है. उनको चंडीगढ़ ट्रांसफर किया जाता है.
उनका आदेश रद्द किया करके सिस्टम एक जज को ही बंधक बना लेता है..
आज उसी जज ने खुलासा किया है कि इजराइल ने गाज़ा में 20179 बच्चों को जानबूझ कर मारां है
उनके स्कूल तोड़े हैँ और उनको अनाथ किया है
ताकि उनको आंतकी बनाया जा सकें. उनको खत्म किया जा सकें. अगर इसके बाद भी आप समझते हैँ मोदी या NETANYAHU हीरो हैँ
तो आप इंसान नहीं जानवर बन चुके हैँ..