अपने सर्वोच्च बलिदान से उत्तर प्रदेश पुलिस बल की गरिमा और प्रतिष्ठा को अभिवर्धित करने वाले सभी पुलि�� कार्मिकों की अमर और प्रेरणादायी स्मृतियों को समर्पित 'पुलिस स्मृति दिवस' की पूर्व संध्या पर पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश श्री प्रशांत कुमार की आदरांजलि!
जय हिंद!
#PoliceSmritiDiwas
#PoliceCommemorationDay2024
#UPPolice
#UPPolice के रियल हीरो एनकाउंटर स्पेशलिस्ट... एवं हमारे प्रेरणा स्रोत
#DSP चंदौली श्री @cop_anirudha सर आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।💐🎉🎉🎂 ईश्वर आपको हमेशा स्वस्थ रखें🙏
#HappyBirthday#cop
"चुनार महोत्सव" में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार।
मा.विधायक मड़िहान रमाशंकर पटेल, मा. विधायक चुनार अनुराग सिंह व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने कलाकारों को स्मृति चिन्ह व अंग वस्त्रम प्रदान कर किया सम्मानित।
@CMOfficeUP@ChiefSecyUP@divyamittal_IAS@InfoDeptUP
मेरी 25 साल की सर्विस में एक बात जो मैंने देखी है कि @Uppolice वर्दीधारी कभी किसी की मदद के लिए ना नहीं बोलता, चाहे जितनी छोटी सी बात हो! कैसे भी हालात हों कभी अपने कर्तव्य से नहीं भागता... ऐसे जज़्बे को सलाम!
जय हिंद! 🇮🇳 ❤️
#khakitwitter#UPPolice
एक फटी धोती और फटी कमीज पहने एक व्यक्ति अपनी 15-16 साल की बेटी के साथ एक बड़े होटल में पहुंचा। उन दोंनो को कुर्सी पर बैठा देख एक वेटर ने उनके सामने दो गिलास साफ ठंडे पानी के रख दिए और पूछा- आपके लिए क्या लाना है?
उस व्यक्ति ने कहा- "मैंने अपनी बेटी को वादा किया था कि यदि तुम कक्षा दस में जिले में प्रथम आओगी तो मैं तुम्हे शहर के सबसे बड़े होटल में एक डोसा खिलाऊंगा।
इसने वादा पूरा कर दिया। ��ृपया इसके लिए एक डोसा ले आओ। वेटर ने पूछा- "आपके लिए क्या लाना है?" उसने कहा- मेरे पास एक ही डोसे का पैसा है। पूरी बात सुनकर वेटर मालिक के पास गया और पूरी कहानी बता कर कहा- मैं इन दोनो को भर पेट नास्ता कराना चाहता हूँ।अभी मेरे पास पैसे नहीं है, इसलिए इनके बिल की रकम आप मेरी सैलेरी से काट लेना। मालिक ने कहा- आज हम होटल की तरफ से इस होनहार बेटी की सफलता की पार्टी देंगे।
होटल वालों ने एक टेबल को अच्छी तरह से सजाया और बहुत ही शानदार ढंग से सभी उपस्थित ग्राहको के साथ उस गरीब बच्ची की सफलता का जश्न मनाया।मालिक ने उन्हे एक बड़े थैले में तीन डोसे और पूरे मोहल्ले में बांटने के लिए मिठाई उपहार स्वरूप पैक करके दे दी। इतना सम्मान पाकर आंखों में खुशी के आंसू लिए वे अपने घर चले गए।
समय बी��ता गया और एक दिन वही लड़की सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास कर उसी शहर में तहसीलदार बनकर आई। उसने सबसे पहले उसी होटल मे एक सिपाही भेज कर कहलाया कि कलेक्टर साहिबा नास्ता करने आयेंगी। होटल मालिक ने तुरन्त एक टेबल को अच्छी तरह से सजा दिया। यह खबर सुनते ही पूरा होटल ग्राहकों से भर गया।
कलेक्टर रूपी वही लड़की होटल में मुस्कराती हुई अपने माता-पिता के साथ पहुंची। सभी उसके सम्मान में खड़े हो गए। होटल ���े मालिक ने उन्हे गुलदस्ता भेंट किया और आर्डर के लिए निवेदन किया। उस लड़की ने खड़े होकर होटल मालिक और उस बेटर के आगे नतमस्तक होकर कहा- शायद आप दोनों ने मुझे पहचाना नहीं। मैं वही लड़की हूँ जिसके पिता के पास दूसरा डोसा लेने के पैसे नहीं थे और आप दोनों ने मानवता की सच्ची मिसाल पेश करते हुए, मेरे पास होने की खुशी में एक शानदार पार्टी दी थी और मेरे पूरे मोहल्ले के लिए भी मिठाई पैक करके दी थी।
आज यह प���र्टी मेरी तरफ से है और उपस्थित सभी ग्राहकों एवं पूरे होटल स्टाफ का बिल मैं दूंगी। कल आप दोनों को श्रेष्ठ नागरिक का सम्मान एक नागरिक मंच पर किया जायेगा।
शिक्षा- किसी भी गरीब की गरीबी का मजाक बनाने के वजाय उसकी प्रतिभा का उचित सम्मान करें।
#education