A protest draws strength from moral authority and honesty,not political scripting and choreography. When the cause appears secondary to the agenda, credibility fades and the movement loses its force.
Any protest without credibility is just noise.
Why Abhijit Dipte’s protest is losing credibility and impact? My analysis.
#SonamWangchuk
दिल्ली के पेड़ काटकर दिल्ली को तंदूर बनाने के बाद अब
ऋषिकेश के जंगल के 4000 पेड़ काटे जा रहे है
पता नहीं किस चूतिये मंत्री ने आदेश दिया है
सड़क चौड़ी करने के लिए पेड़ काटने क��
जबकि आधे देश की सड़कें टूटी हुई है ।
दिल्ली के पेड़ काटकर दिल्ली को तंदूर बनाने के बाद अब
ऋषिकेश के जंगल के 4000 पेड़ काटे जा रहे है
पता नहीं किस च��तिये मंत्री ने आदेश दिया है
सड़क चौड़ी करने के लिए पेड़ काटने का
जबकि आधे देश की सड़कें टूटी हुई है ।
अगर दिल्ली पुलिस के सोनम वांगचुक को जबरदस्ती उठाकर ले जाने पर 50 ट्वीट करने और खूब गुस्सा दिखाने के बाद थोड़ा सा आक्रोश बचा हो, तो इसपर भी दिखाइए। ऋषिकेश के सात मोड़ इलाके में जंगल की कटाई के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोगों को उत्तराखंड पुलिस जिस तरह उठाकर ले जा रही है, उसपर भी आपका खून खौलना चाहिए।
कभी जंगल उजाड़ने वाली तो कभी छात्रों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करनी वाली यह एक निक्कमी, बेशर्म और तानाशाह सरकार है।
@uttarakhandcops
#RishikeshDeforestation
LICENSED TO CHOP — timber permit #3792 at the @WoodTowns forest.
The forest is calling. Hire your lumberjacks, harvest timber, earn $WOOD ��
ref WT-3792-Corechaindev2
https://t.co/pwxhsBUAnr https://t.co/NMjCNYqs9x