अगर ये देख कर और सुन कर भी आपकी आँखें नहीं खुलती हैं तो समझिए आपकी संवेदनाएं मर चुकी हैं
सवाल पूछने पर दो महिला पत्रकारों को पीट दिया गया, लाठी के निशान इन पत्रकारों के शरीर पर नहीं हमारे देश के लोकतंत्र पर हैं।
इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे ताकि हॉस्पिटल के उपर सख्त कार्रवाई हो सके
मां बाप से पैसे लिए इलाज किया फिर गंभीर बच्चे को अस्पताल से बाहर कर दिया माता-पिता बच्चे को लेकर बाहर बैठे है क्या यही सिस्टम है भारत देश का 😡
सभी साथी सपोर्ट करिए ये सामाजिक मुद्दा है करवाई होनी चाहिए
देश की राजधानी में एक बार फिर हुआ निर्भया कांड
मैनपुरी की छात्रा के साथ दिल्ली की सड़कों पर बस में गैंगरेप।
मोदी राज में राजधानी की कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने न्यूज चैनलों के हिंदी डिबेट शो को धोया!
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चित्रकूट में बाढ़
ये कोई घटना नहीं है, ये एक कंटिन्यूटी है। ये कोई एक बिंदु नहीं है, एक दिन नहीं है। यह लगातार कुछ चल रहा है, पर हम स्वार्थवश उस ओर देखना नहीं चाहते। मजबूर होकर सिर्फ तब देखते हैं, जब इतनी सारी गिर जाती हैं��
उससे पहले हम पता नहीं किस नशे में खोए हुए हैं।
यह पूरा क्लाइमेट कैटस्टोफी का फिनोमिना रहा है और आगे भी यही रहने वाला है।
दुनिया के बहुत सारे शहरों का भविष्य है। पूरा ही छोड़ देना पड़ेगा।
कोई बहुत गर्म हो जाएगा, कोई बहुत ठंडा हो जाएगा, कोई बर्फ के नीचे दब जाएगा, कोई पानी के नीचे आ जाएगा।
कहीं हर समय तूफान चल रहे होंगे। कहीं इतना सूखा पड़ रहा होगा कि वहां पीने का पानी नहीं मिलेगा, तो वहां रहे��ा कौन?
यह दुनिया के अधिकांश शहरों का भविष्य है।