@TheDelhiUnion BPL वाले 5 से 10 हजार लोगों के बराबर की संपत्ति तो अकेले पवन वर्मा जी होल्ड करके बैठे होंगे।
अपनी संपत्ति दान करके कब किसी BPL वाले के पड़ोस में शिफ्ट हो रहे हो प्रभु ??
एक बार अपने बेटे बहू, बेटियों-दामादों की संपत्ति भी बताना जरा ???
Dharma ≠ Religion
• Religion is cult and Dharma is common sense
• Hindu is not a Religion
• It is the name of a native cultural identity
• Culture = behavioral patterns evolved according to locality, time, and circumstances
#SanatanaDharma#Dharma#HinduCulture
@JAT_SAMAAJ घर वापसी हिन्दू संस्कृति में ही हुई है न?
या अभी भी ख़ालिस्तानियों और तब्लीगीयों वाला #जाट_हिन्दू_नहीं का गीत ही गाओगे ??
हिन्दू समाज के मन माफिक काम हो चुका है । अब तुम खूब rss बीजेपी को गालियाँ दो, हिन्दु समाज को घंटा फर्क नहीं पड़ना।
@priyank20061992 Sc, st, obc कैटेगरी को आपस में मर्ज करके एक सिंगल केटेगरी बनेगी तभी हम सबको एक साथ 85% कह पाएंगे। तभी हम बड़ी ताकत बन पाएंगे।
#SC_ST_OBC_मर्ज_करो
@Itspriyanshu22@DhirajSinghJDU@PMOIndia@HMOIndia@BJP4India@BJP4Bihar@BJP4UP क्या दिक्कत है भाई जमीन से निकले हुए ताज़ा पानी में। नए-नए नलकूप लगता है तो ऐसा ही गंदला पानी आता है बाद में साफ आने लगता है। विरोध करना है खूब करो। पर साथ में थोड़ा दिमाग भी तो लगाओ। अरे महोदय इस जमीन से निकले ताज़ा पानी से अच्छा पानी तो आपको कहीं मिल ही नहीं सकता।
वीडिओ में 1:50 से 2:25 के बीच की जानकारी जाटों के लिए है। बाकी वीडियो पूरा देखें।
आपने देखा कि ये वाले लोग भारतीयों को जाट, गुर्जर, यादव, ब्राह्मण, जाटव, मीणा, तमिल, सिख, राजस्थानी बिहारी आदि के रूप में पहचानने को तो तैयार हैं; परंतु हिंदू के रूप में पहचानने को राजी नहीं हैं।
मेरी जिज्ञासा बस इतनी है कि हम उपरोक्त भारतीय समाजों को पूरा संसार हिंदू कहता आया है। हम भी उपरोक्त पहचानों के साथ अपने आप को हिंदू कहते आए हैं। तो हमको #हिंदू न कहने में इनका क्या स्वार्थ है? इनकी क्या योजना है?
" हम हिंदू नहीं हैं" यह वाली लाइन हमारे ही भीतर के चार फर्जी ठेकेदारों को इन्होंने ही सिखाई है।
आगे से गौर करिए कि आपके आसपास का कौन व्यक्ति यह वाली लाइन कहता फिर रहा है। भारतीय एजेंसियां भी कृपया इसका संज्ञान लें।
@JAT_SAMAAJ तेरे जैसे चार फर्जी ठेकेदारों की तरह पूरा जाट समाज नहीं सोचता और न कभी सोचेगा। ये काम बड़े बुजुर्गों की इच्छा अनुसार और हिंदुत्व वादियों के सहयोग से हुआ है। तुम ख़ालिस्तानी भोंकते रहो जितना भोकना है। समाज तो बड़े बुजुर्गों की बताई राह चलेगा।
@VivekGa54515036 जरूरी था कलेक्टर ही बनना ? बूढा हो गए उससे पहले कोई छोटी नौकरी या कम धंधा कर लेते ?? लगता है
घर वालों के पास पैसा बहुत है बस कलेक्टरी नहीं थी।
@Gandhi2k17@AnitaYadav21 उन्होंने अपनी सेना नहीं लिया तो खुद भी अपने से लड़ लेते, खुद क्यों लड़ने नहीं गए ? ऐसे दुष्टों से लड़ने की भी परमिशन चाहिए थी ? या &*% फट जाती थी।
1. समन्वय तब होगा जब एससी+एसटी+ओबीसी को मर्ज करके एक सिंगल कैटेगरी कर दिया जाए
2. शूद्र जाति नहीं बल्कि वर्ण होता है।
3. यादव तो शूद्र वर्ण होता भी नहीं, वैश्य वर्ण होता है ( खेती और पशुपालन करने वाला)
बहुजन मतलब "जातियो में समन्वय से जातिवादी सोच का त्याग" व पीडीए मतलब "राजनीति मे लाभ"
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यह कहानी दो किरदार से शुरू होती है।।
पहला = दीपांशु (पूर्व की अछूत जाति)
दूसरा = स्नोवाईट यादव (शुद्र जाति)
तो जनाब कहानी शुरू हुई डेटिंग App से।
दीपांशु को 2023 में UPPCS से मत्स्य विभाग में नौकरी मिली। पहली पोस्टिंग वाराणसी व अगली बलरामपुर में सहायक निदेशक के तौर पर नियुक्ति मिली।
28 जून 2024 को स्नोवाइट यादव से मुलाकात हुई, जब प्रयागराज में तैयारी कर रही थी। जान पहचान प्यार में बदल गयी और दीपांशु ने;
"सोने के समान, 15 लाख का प्लाट से लेकर कुल 25 लाख रुपया दो साल में खर्च कर दिया, इतना deeply चला गया कि मोटापा घटाना भी शुरू कर दिया"
लड़की ने घर बताया जी दीपांशु से शादी करना चाहती है लेकि तभी भारत का सबसे प्रमुख प्रश्न सामने आ गया कि;
"कौन जात हो?
"जाति" बीच में आ गयी। शुद्र जाति की लड़कीं व अछूत जाति का लड़का। प्रलय आ जाएगा। धरती पलट जाएगी। खत्म होने जाएगी। दुनिया की भलाई व दुनिया को इस प्रलय से बचाने के लिए लड़कीं के घर वालो ने शादी से मना कर दिया।
अब "ठुकरा के मेरा प्यार, मेरा इंतकाम देखेगी" की तर्ज पर दीपांशु ने लड़कीं, माँ, तीन बहनों, भाई पर धोखा देने का मुकदमा कर दिया।।
लड़कीं पक्ष = दीपांशु ने जाति छुपाई
लड़का पक्ष = शुरू से ही परिवार को सभी कुछ पता था। भाई, बहन से लेकर पूरे परिवार से बात होती रहती थी।। बल्कि जब मैने प्लाट खरीदकर दिया तब गवाह के तौर पर उंसकी बहन ने साइन करे।
तो जनाब;
"लड़कीं बेरोजगार है। लड़का ग्रुप ए अधिकारी है। इससे अलग लड़कीं को शुरू से लड़का पसंद है। लेकिन घर वालो को लड़के की जाति पसंद नही। यादव होकर दलित से शादी। न बाबा न। यह एससी के लिए भी सबक है कि चाहे ग्रुप ए अधिकारी बन जाओ, लेकिन जाति व्यवस्था से पीछे नही छुड़ेगा। इससे अच्छा अम्बेडकरवादी बनो। मनोबल आएगा। समाज को भी बदले में देकर जिम्मेदारी पूरी कर सकते हो "
अखिलेश जी ऐसे पीडीए मजबूत होगा?
बहुजन विचारधारा में;
"मान्यवर कांशीराम साहब शुद्र व अछूत, आदिवासी जातियो में जमीनी स्तर पर समन्वय बनाना चाहते थे जो राजनैतिक से ज्यादा सामाजिक मजबूती के लिए जिससे देश की 85% जनता आपस मे एक दूसरे को उच्च व नीच मानना बन्द कर दे। आपसी सहयोग, समन्वय से जातिवादी मानसिकता का त्याग करके समस्या को खत्म कर सके। इसलिए यह विचारधारा मजबूत है। अब सपाई राजनैतिक मजबूरी में इसका नाम बदलकर पीडीए कर सकते है लेकिन शुद्र व अछूत/आदिवासियो के मध्य मेल मलमिलाप, समन्वय पैदा नही कर सकते"
आपको कौन सी विचारधारा चाहिए।
विकास कुमार जाटव।
@Jat_Ethnic@LancerFlying 1.यह स्तन कर वाली थ्योरी प्रमाणित नहीं है
2. यदि इसे सही मान भी लें तो मेरे एरिया के जाटों ने नहीं दिया तो मेरे एरिया के बनिया, वामन,जाटव, कुम्हार आदि लोगों ने भी टैक्स नहीं दिया
3. जाटों के अलग जिले कस्बे और गांव नहीं होते थे टैक्स सभी लोग एक साथ देते थे या नहीं देते थे
@Jat_Ethnic 1. कंगना राणावत की और बहुत सारे मुद्दों पर आलोचना हो सकती है लेकिन फर्जी बयान और फर्जी फोटोशॉप लगाकर नहीं।
2. कुंठा और घृणा से भरे हर एक बंधु को मैं यही सलाह देता हूं
@Jat_Ethnic 1. कहानी फर्जी लग रही है
2. "हिन्दुओं ने" - ब्रिटिश कोर्ट जाकर।
शब्दों से खेलकर हरेक हिन्दू को अपमानित करके उन्हें ग्लानि में डाल देने का कम्युनिष्टों का ये तरीका अब काम नहीं करेगा।