‘गोधरा’ शब्द सभी को याद होगा लेकिन ‘साबरमती एक्सप्रेस’ की चर्चा कम ही होती है, आज वही दुखद दिन है जिस दिन सन 2002 में साबरमती एक्सप्रेस में राम भक्तों को ज़िंदा जला दिया गया था, उनका अपराध ये था कि वे अयोध्या से अपने आराध्य श्री राम लला सरकार के दर्शन करके लौट रहे थे। नारी, पुरुष, बच्चे बच्चियां किसी को नहीं छोड़ा गया। पेट्रोल डालकर उन्हें जीवित जला दिया गया, विश्व के इतिहास में किसी भी राष्ट्र में अल्पसंख्यकों द्वारा बहुसंख्यक समाज का इस प्रकार निर्मम, क्रूर नरसंहार का कोई दूसरा उदाहरण हो तो बताइयेगा अवश्य, और हां कृपया विचार करें कि उन्हें ज़िंदा जलाने के पहले क्या उनसे पूछा गया था कि वे अगड़ा, पिछड़ा या दलित हैं?
याद रहे जुड़ेंगे तभी बचेंगे।
किसी ने सच कहा है कि महाकुम्भ में जिसने जो तलाशा, उसको वह मिला-
गिद्धों को केवल लाश मिली
सूअरों को गंदगी मिली
संवेदनशील लोगों को रिश्तों की खूबसूरत तस्वीर मिली
आस्थावान को पुण्य मिला
सज्जनों को सज्जनता मिली
भक्तों को भगवान मिले...
ये सोफिया अंसारी जी हैं
इनकी एक छोटी सी मोहब्बत की दुकान है इंस्टाग्राम पर जिसमें अब तक 1 करोड़ 26 लाख लोग जुड़े हुए हैं
ये तो कुछ भी नहीं, लाखो लोग जुड़े हुए न होने के बावजूद छुप छुप कर इनकी सेवाओ का लाभ उठाते हैं
युवा वर्ग में ये काफी लोकप्रिय हैं पर अधेड़ों में इनकी दीवानगी अलग ही लेवल पर है
हर मजहब, जाति के लोग इनसे जुड़े हुए हैं बिना किसी भेद भाव के
आज तक किसी ने इनके नाम को देखकर इनसे नफरत नहीं की
चाहती तो ये भी अपना नाम सोनिया, प्रियंका या करीना रख कर अपने चाहने वालो को धोखा दे सकती थी पर इन्होंने सत्य के साथ अपने काम को जारी रखा
आज ये देश विदेश में चर्चित है और अपने कार्य क्षेत्र में खूब सेवाएं दे रही है
इन्हें लोगों का भरपूर प्यार मिल रहा है
यदि एक महिला होकर बिना पहचान छुपाए ये इतनी सफल हो सकती है तो आप क्यों नहीं
भाजपा प्रत्याशी कंगना रनौत पर कांग्रेस की "गाली वाली आंटी" की भद्दी टिप्पणी कांग्रेस की बीमारू सोच दिखाती है।
"गाली वाली आंटी" मानसिक तौर पर बीमार हैं
इन तथ्यों की अनदेखी कोई कैसे करेगा की काफी समय तक पोस्ट अकाउंट पर रहा और जब जनता आक्रोशित हो गई तब मजबूरन झूठी कहानी रचनी पड़ी। क्या अकाउंट की जिम्मेदारी इनकी नहीं? अकाउंट वेरिफाइड है।
और हां जो भी आप को जानता है वो यकीनन कह सकता है की यह ट्वीट आप ही की सोच प्रतबिंबित करता है
रोज गाली देना, फूहड़ता प्रदर्शित करना यह ही आप की असली पहचान है।
सबको पता चल गया कि जो दूसरों को गाली देकर "गंदी नाली का कीड़ा" बुलाता है उसकी असलियत क्या है।
@KanganaTeam