धर्म व जीवनसाथी चुनना वयस्क की निजी स्वतंत्रता है। बात उचित लगती है, पर एक मुस्लिम को घर मदरसे में धार्मिक ज्ञान मिले जबकि स्कूलों में हिंदू बच्चों को धार्मिक शिक्षा से रोका जाय।जब एक को संस्थागत ज्ञान और दूसरे को व्यवस्थागत रोक तो दोनों को समान सक्षम बालिग मानना कितना व्यवहारिक
चंदौसी के बादाम सिंह जाटव जी पल्लेदारी करते हैं।पैसों की कमी से एक आंख की रोशनी खो दी थी। इस बार आयुष्मान कार्ड से CLgupta आई इंस्टीट्यूट जैसे बड़े अस्पताल में मुफ्त इलाज हुआ। आज आंख बिल्कुल ठीक है मोदी जी के जन्मदिन पर करोड़ों गरीब लाभार्थियों का दिल से आशीर्वाद।धन्यवाद मोदी जी
पश्चिम UP भाजपा को संगठन माफियाओं से मुक्ति मिले,दुर्गा स्वरूपी संगठन में गुटबाजी महापाप,गौरी गणेश पूजन भली भांति हो, दिखावा नहीं। पश्चिम को गणेश रूपी नेता मिले
#PankajChaudhari#amitshah#NitinNavin
शास्त्रों में देवताओं की पूजा का लक्ष्य मूर्ति को ईश्वर मानना नहीं, बल्कि उन दैवी गुणों को अपने जीवन में उतारना है जिन्हें ये देवता प्रतीक रूप से दर्शाते हैं #सनातन_धर्म
@jpsin1 यह परिवार भारतीय संस्कृति को गाली समझता हैं भारत माता को डायन कहने वाले लोग इनके पक्के वोटर हैं यह लोग मातृशक्ति को क्या जानेंगे मोदी जी की मां को गाली देना इनके लिए बहुत बड़ी बात नहीं है
@ocjain4 तुम्हारे साथ वह लोग हैं जो भारत माता को गाली देते हैं भारत माता को डायन कहते हैं भारत माता की जय कहते हुए जिनकी जुबां कटती है मोदी जी की मां को गाली देना तुम लोगों के लिए क्या बड़ी बात है तुम लोग तो पूरी भारतीय संस्कृति को ही गाली समझते हो
@Archana_voice बावली पूछ बाकी जगह समाज अनाड़ी या अनार्य था वहां जन्म से व्यवस्था थी राजा के घर राजा पैदा होता रहा।भारत में वर्ण व्यवस्था यानी वरण या चयन व्यवस्था थी व्यक्ति को खुद चुनना या वरण करना होता था कि वह कौन सा वर्ण चयन कर रहा है
@suryapsingh_IAS तुम जैसे लोग IAS बन जाते हैं मगर समाजशास्त्र का बिल्कुल भी ज्ञान नहीं हो पाता।बिन नेता समाज का कल्याण संभव नहीं अगर नेता ना हो तो तुम्हारे जैसे IAS पब्लिक का कच्छा भी उतार नंगा कर देंगे। तुम जैसों के भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का काम नेता ही करता है।कभी महाभारत का शांति पर्व पढ़े
मिट्टी के ढेले पर कलावा बांध गणेश बनाने की अंध परंपरा हमारे सर्वनाश का कारण है।गोबर गणेश को कतई मत पूजो। पृथ्वीराज चौहान की जगह कोई बड़े कान सूक्ष्म दृष्टि लंबी सूंड बड़ा पेट एकदंत कुतर्की चूहो पर तर्क शक्ति से सवार होने वाला गणेश होता तो देश गुलाम ना होता
#गणपति_बप्पा_मोरया卐
बल्कि सार्थक अर्थ को समझे।
भाजपा निस्संदेह श्रेष्ठ विचारों की पार्टी है, परंतु आज यही पार्टी अपने संगठन और सरकार में कई गोबर गणेशों को कलावा बाँधकर यानि पद प्रदान कर रही है। ऐसे अयोग्य और अक्षम लोग समाज और राष्ट्र के लिए अत्यंत हानिकारक सिद्ध हो रहे हैं।
यह भगवान शिव का संदेश है कि हमें मुखिया या पुरोहित का चयन केवल योग्यतम, विद्वान और धार्मिक व्यक्ति को बनाकर करना चाहिए, न कि मिट्टी या गोबर के ढेलों की प्रतीकात्मक पूजा करके। माता पार्वती ने उबटन से जो गणेश बनाए, शिव ने उनका सिर बदलकर यही सुधार कियाकि समाज केवल प्रतीक में नफँसे
बड़ा पेट – सबकी बातें सुनकर उन्हें भीतर रखने वाला, चुगली न करने वाला।
चूहे पर सवार – अपनी तर्कशक्ति से कुतर्कों पर नियंत्रण रखने वाला।
मुख में लड्डू समान मधुरता – वाणी में मिठास रखने वाला।
माता-पिता का भक्त – अर्थात् परमात्मा को माता-पिता माननेवाला धार्मिक और ईश्वरनिष्ठव्यक्ति