दिल्ली में अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्वक आवाज़ उठा रहे मासूम छात्रों पर किया गया बर्बर लाठीचार्ज सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है। युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ के विरोध में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के आह्वान पर पूरे प्रदेश में व्यापक जनाक्रोश देखने को मिला।
सीतापुर, आगरा, भदोही, सोनभद्र, श्रावस्ती, एटा(जिला), अंबेडकरनगर और फतेहपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और युवाओं ने एकजुट होकर विशाल कैंडल मार्च निकाला। सड़कों पर गूंजता एक ही नारा था - "पेपर चोर, गद्दी छोड़!"
छात्रों के अटूट संघर्ष और बढ़ते जनदबाव के कारण धर्मेंद्र प्रधान को भले ही अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा हो, लेकिन युवाओं का यह आंदोलन यहां समाप्त नहीं होगा।
जब तक छात्रों की निम्नलिखित दो प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, यह संग्राम जारी रहेगा:
दोषियों पर तुरंत कार्रवाई: शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठियां बरसाने वाले पुलिसकर्मियों और संबंधित अधिकारियों पर सख्त से सख्त कदम उठाया जाए।
प्रधानमंत्री की सार्वजनिक माफी: देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य को अधर में लटकाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं देश के सभी छात्रों से माफी मांगें।
जब तक देश के युवाओं को पूरा न्याय नहीं मिल जाता, तब तक कांग्रेस पार्टी इस लड़ाई को सड़क से लेकर संसद तक पूरी ताकत के साथ लड़ती रहेगी।
"मैं बिहार सरकार को चेतावनी देता हूं कि यदि कल तक आंदोलन के दौरान जिन लोगों पर FIR दर्ज की गई है, उन्हें वापस नहीं लिया गया, तो हम बड़ा आंदोलन करेंगे।"
~तेजस्वी जी
सम्राट जी, संभव हो तो बुद्धि ठीक कर लीजिए वरना इस बार आंदोलन का गवाह बिहार बनेगा!
युवाओं के संघर्ष और एकजुटता की ऐतिहासिक जीत!
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आज मेरठ की सड़कों पर छात्र-शक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। शहर संयोजक अवनीश काजला (@avnishkajla) जी के नेतृत्व में सैंकड़ों छात्र-छात्राओं ने कंधे से कंधा मिलाकर भव्य ‘विजय मार्च’ निकाला।
यह देश के लाखों युवाओं के भविष्य, उनके सपनों और उनके हक की आवाज है। जब-जब युवाओं ने अपने अधिकार के लिए हुंकार भरी है, तब-तब सत्ता को झुकना पड़ा है।
पेपर लीक, शिक्षा क्षेत्र में धांधली और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली जनविरोधी नीतियों के खिलाफ यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक देश के हर छात्र को न्याय नहीं मिल जाता।
⦿ 13 जुलाई को उद्घाटन हुआ
⦿ 26 जुलाई को सड़क धंस गई
- ये 4,200 करोड़ रुपए में बने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की हकीकत है
BJP सरकार में घटिया माल लगाकर सड़कें बनाई जाती हैं, पैसों की लूट-खसोट होती है, नेता-मंत्री करोड़ों रुपए डकार जाते हैं।
नतीजा- जनता को 'तोहफे' में ऐसी धंसी हुई रद्दी सड़क मिलती है। यही BJP का 'करप्शन मॉडल' है 👇
4,200 करोड़ की लागत.. और नतीजा '420' जैसा!
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर BJP के "50% कमीशन मॉडल" की पोल 13 दिन में ही खुल गई।
जनता के टैक्स का पैसा नेताओं-ठेकेदारों की जेब में, और जनता के हिस्से में धंसी हुई रद्दी सड़कें?
यह विकास नहीं, सरेआम लूट है! जवाब दो भाजपा सरकार!
भारत की सीमा की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी वीर जवानों को कारगिल विजय दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि।
देश आपके साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।
🔹We should take some temporary measures to ensure that the debris and mud we can see do not flow into the river. Permanent measures can be taken once the inquiry is complete.
🔹The Centre has always shown political bias. It is the same in states like Himachal Pradesh and elsewhere. So we cannot really depend on them much. We have done whatever we can, and we will continue to do so.
: Congress General Secretary & Wayanad MP Smt. @priyankagandhi ji after visiting Kalladi landslide spot
📍 Wayanad
ध्यान से सुनिए।
@dhruv_rathee को मोदी जी पहले कह रहे थे “सख़्त क़ानून है”
अब कह रहे हैं “सख़्त क़ानून बनाऊँगा”
2024 NEET पेपर लीक में, पहले आरोपियों को ज़मानत दिलवाई, अब CBI ने मुख्य आरोपी संजीव मुखिया के ख़िलाफ़ कोई सबूत पेश नहीं किया और वो बरी हो गया।
मोदी ने निर्लज्जता की सारी हदें पार कर दी हैं।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को खुद ही इस्तीफा दे देना चाहिए था.यह केवल दिल्ली में प्रदर्शन नहीं हो रहा है, अन्य शहरों में भी प्रदर्शन हो रहा है। मेरा मानना है कि शिक्षा मंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए
- डिंपल यादव
मोदी जी के बाद लोकप्रियता में अपन देश में दूसरे स्थान पर आते हैँ,
जंतर मंतर पर सब रिपोर्टर लोग अपना ही इंटरव्यू लेना चाहते हैँ,
मोदी जी भले ही सवाल, इंटरव्यू से डरते हों,
अपन नहीं,
पूरा इंटरव्यू NEWS ON पर,
📍 जंतर मंतर,दोपहर 2.30 बजे अपडेट
इस समय जंतर मंतर पर जोशीला माहौल है।
आम छात्र बारी बारी से मंच पर जाकर भाषण दे रहे है और पेपर लीक, बेरोजगारी पर सरकार की धज्जियां उड़ा रहे है।
सामने खड़ी भीड़ तालियों की गड़गड़ाहट से अपना समर्थन व्यक्त कर रही है।
जंतर मंतर के पल पल अपडेट के लिए हमारे साथ जुड़ जाइए।
पेपर लीक क्यों हुआ, इसका जवाब शिक्षा मंत्री को देना चाहिए।
बच्चों पर लाठी क्यों चलाई गई, इसका जवाब गृहमंत्री को देना चाहिए।
इन दोनों की जवाबदेही क्यों नहीं तय हुई, इसका जवाब प्रधानमंत्री को देना चाहिए।
हद में रहिए भाजपा वालो!!!
कल घेराव के नाम पर भाजपा के लोगों ने रायपुर में कांग्रेस मुख्यालय पर हमला किया.
भाजपा के सारे मंत्री भी लोकतांत्रिक और संवैधानिक मर्यादाओं को ताक में रखकर इसमें शामिल हुए.
आदतन उपद्रवी इन तत्वों ने कांग्रेस मुख्यालय और हमारे कार्यकर्ताओं पर पत्थर फेकें, पुलिस ने पानी की बौछारें छोड़ी.
सारा हमला भाजपा और पुलिस की ओर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर.
जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हुए, पत्रकार साथियों को भी चोटें आईं.
और पुलिस ने FIR भी हमारे ही लोगों पर दर्ज कर ली.
वाह!!!
साफ़ है कि यह पुलिस के संरक्षण में “भाजपा सरकार” द्वारा किया गया सुनियोजित हमला था.
ठीक उसी तरह जिस तरह दिल्ली में छात्रों के साथ हुआ.
भाजपा से तो हम निपट लेंगे लेकिन छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारी ध्यान रखें, भाजपा कुछ ही महीनों की मेहमान है. फिर मिलेंगे..