आपकी hatred का कारण कुछ भी हो, अगर आप हिंदू धर्म को नहीं मानते तो न मानिए। कोई आपको ज़बरदस्ती नहीं कर रहा कि आप मानें।
लेकिन अगर आप हिंदू धर्म का और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करेंगे, तो यह हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।
As per Section 515 of the BNSS, a criminal complaint can be filed when you get knowledge of the offence.
I am concerned only with my Deities, you cannot insult them.
If you want to believe them, it's your choice, if you do not want to believe them, again it's your choice.
But if you want to insult them, it can't be your choice.
We will not allow that.
Video credit: @ANI
लड़की -Swatantra Bhardwaj जैसे नेता हमें और चाहिए
Swatantra Bhardwaj राजनीति में आना चाहता है गांधी जी के बारे में विचार सुनिए !
मुसलमानों के हाथ का पानी नहीं पिएगा मर जाएगा मंजूर है
निशु आजाद के एक-एक ट्वीट पर हर जिले में ईशनिंदा कानून के तहत BNS 299/IPC 295A में केस होना चाहिए। ‘हिन्दू लीगल फंड’ को इसमें मोबिलाइज किया जाए।
इसके बाप पर काउंटर FIR होनी चाहिए। उसको बहुत ‘दो मिनट पुलिस नहीं आती’ करना है न, क्या @DelhiPolice इतनी नकारी है कि कोई भी गुंडा प्रवृत्ति का व्यक्ति खुलेआम वीडियो बना कर धमकी देगा?
जब इनको FIR-FIR ही खेलना है, तो यही सही। फिर देखते हैं कि रावण और राहुल कितने थाने घेर लेता है। नरेन्द्र मोदी ने जो बवासीर बना दिया है, वह अब हिन्दू समाज हर दिन झेल रहा है। दुर्भाग्य यह है कि जो इसका प्रयोग कर रहे हैं वो मोदी के वोटर हैं ही नहीं।
चाहे समाजवादी पार्टी या कांग्रेस हो उन्होंने कभी भी
अपने छपरी कार्यकर्ता को भी अकेला नहीं छोड़ा है
वही देश, हिंदुत्व की बात करने वाले अजित भारती
या स्वतंत्र भारद्वाज पर समस्या आई तो BJP उनका
साथ छोड़ देती कभी उन्हें सर्पोट नहीं करती
दक्ष चौधरी की बहुत गहरी और कड़वी बात
निशु आज़ाद और उनके पिता के खिलाफ शिकायत, हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक पोस्ट, अनुरोध के बाद भी नहीं हटाए गए
नाबालिग सोशल मीडिया यूज़र निशु आज़ाद और उनके पिता/अभिभावक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि निशु के सोशल मीडिया अकाउंट से भगवान शिव, भगवान श्रीकृष्ण, मां सरस्वती और मां दुर्गा को लेकर आपत्तिजनक और अपमानजनक पोस्ट किए गए।
शिकायतकर्ता, अमिता सचदेवा जी के मुताबिक, कानूनी कार्रवाई से पहले निशु और उनके पिता से कथित आपत्तिजनक पोस्ट हटाने का अनुरोध किया गया था, लेकिन पोस्ट नहीं हटाए गए और वे सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रहे। इसके बाद उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया गया।
अमिता सचदेवा जी ने कहा, “किसी की आस्था से असहमति व्यक्तिगत पसंद हो सकती है, लेकिन इससे किसी दूसरे के देवी-देवताओं और पूजा-पद्धति का मजाक उड़ाने या अपमान करने का अधिकार नहीं मिल जाता। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता धार्मिक भावनाओं को आहत करने की स्वतंत्रता नहीं है।”
मामले में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आने पर उसका पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।
I came across her (@Nishuazad11) derogatory tweets concerning Bhagwan Shri Krishna, Bhagwan Shiv, Maa Durga, and Maa Saraswati yesterday.
If you look at our team’s track record, you will see that wherever Sanatan Dharma or Hindu Deities are insulted, we take legal action through constitutional and lawful means.
It is your right to believe or not to believe in someone’s Dharma or religion, but you do not have the right to insult or demean someone else’s Dharma.
Her tweets may be old, but the period of limitation begins from the date of knowledge. We have also got an FIR registered against Rana Ayyub in relation to her old derogatory tweets concerning Hindu Deities.
The police have assured us that they will take the necessary action in accordance with the law.
Video credit: @ians_india
@SachdevaAmita@Nishuazad11 Great. Get her booked in as many cases as required by law. We will raise a fund, if need be. If the war has to be fought like this, we will fight it the way they want.