@Abhinav_Pan जी से मिलना वाकई गर्व का क्षण था कभी The Lallantop जैसे राष्ट्रीय प्लेटफ़ॉर्म पर अपनी सोच और सवालों की ताक़त से लोगों का दिल जीतने वाले अभिनव जी ने अब खुद का नया रास्ता बनाया है news pinch के ज़रिए वे सिर्फ ख़बरें नहीं बल्कि सच्चाई और संघर्ष की गूंज को आगे बढ़ा रहे ह
खान सर ने जब से मीडिया के खिलाफ बोला है, तब से सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ जबरदस्त माहौल बनाया जा रहा है !
इसी बीच 2 जून की रात पटना में उनके कोचिंग सेंटर पर पथराव हुआ। पोस्टर फाड़े गए। तोड़फोड़ हुई। एक गार्ड घायल हो गया।
शुरुआत में गोली चलने की बात कही गई थी, लेकिन पुलिस जांच और CCTV में इसकी पुष्टि नहीं हुई। बाद में यह बात वापस ले ली गई।
हालांकि कोचिंग सेंटर पर हमला हुआ था, यह CCTV और पुलिस कार्रवाई से साफ है। इसी मामले में रौशन आनंद समेत 3 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया।
आज Khan Sir से भी पूछताछ हुई है, लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है
फिलहाल जांच जारी है। लेकिन जिस शिक्षक ने लाखों छात्रों को पढ़ाया है, उसके मामले में राजनीति, अफवाह और सोशल मीडिया ट्रायल नहीं, बल्कि पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए..!
@VivekGa54515036 पत्रकार खुद लाइव डिबेट में आकर करोड़ों छात्रों को पढ़ाने वाले शिक्षकों को 'दो कौड़ी का' कहकर अपमानित करती हैं, लेकिन जब खान सर ने उसी लहजे में करारा जवाब दिया, तो लोग इसे अमर्यादित बताने लगे। यह पूरी तरह से एकतरफा और एजेंडा आधारित पोस्ट है।"
@bharatsuraj01 और एक बात तथ्य को अच्छी तरह से जाँच लो ताकि हम लोगो के जैसे उँगली करना न पड़े
ये दारोगा भर्तियां नहीं थी जो आप 19000 और 22000 बता रहे हो ये बिहार पुलिस की भर्तियां थी 19000 के लगभग ।
@bharatsuraj01 आज तक बड़े-बड़े कोचिंग संस्थानों ने शिक्षा को व्यापार बनाकर लूटा, तब किसी ने उन्हें माफिया नहीं कहा। जब एक शिक्षक ने आकर उस पूरे सिंडिकेट को तोड़ा और शिक्षा को हर गरीब के घर तक पहुँचाया, तो सबको तकलीफ होने लगी। खान सर ने बिहार के सुदूर गांवों के बच्चों को सपना देखना सिखाया है।
बिहार में नया ट्रेंड चल रहा है —
बस यादवों को गाली देते रहो, पूरा समाज अपराधी बताओ.. शायद NDA वाले एक दिन मुख्यमंत्री बना दें।
Example तो पता ही है
अगर यादव समाज इतना ही खराब है, तो NDA में मोहन यादव, नित्यानंद राय और रामकृपाल यादव क्यों हैं?
अब समाज सब समझ रहा है
#बिहार#Bihar
@khuchrep "जो खिलाड़ी आईपीएल और विज्ञापनों से पहले ही करोड़ों रुपये कमा रहा है, उसे जनता के टैक्स के ₹1 करोड़ देने की क्या तुक है? बिहार सरकार को यह पैसा राज्य के लाखों बेरोजगार युवाओं, रुकी हुई परीक्षाओं को समय पर कराने और नए रोजगार के अवसर पैदा करने में लगाना चाहिए।
खेल अकादमियों और रुकी हुई भर्ती परीक्षाओं (Exams) को पारदर्शी तरीके से आयोजित करने में लगाए तो राज्य से ऐसे सैकड़ों लाल और निकलेंगे। रोजगार और शिक्षा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
#Bihar#lestraîtres#EliminaçãoNaCasa
बिहार का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों का सम्मान होना चाहिए, लेकिन इसके लिए एक सही नीति जरूरी है। जो पहले से लाखों-करोड़ों के मालिक हैं, उन्हें भारी नकद राशि देने के बजाय, यदि सरकार यही ₹1 करोड़ बिहार के जमीनी स्तर के बच्चों,....see more
#Bihar@ishankishan51@ChapraZila
@samrat4bjp@ishankishan51 जो खिलाड़ी आईपीएल और विज्ञापनों से पहले ही करोड़ों रुपये कमा रहा है, उसे जनता के टैक्स के ₹1 करोड़ देने की क्या तुक है? बिहार सरकार को यह पैसा राज्य के लाखों बेरोजगार युवाओं, रुकी हुई परीक्षाओं को समय पर कराने और नए रोजगार के अवसर पैदा करने में लगाना चाहिए।
लेकिन अफ़सोस, कुछ लोगों के लिए छात्रों का हित नहीं, बल्कि खुद की 'फेम' और टीआरपी ज़्यादा ज़रूरी हो गई है। ऐसे दिखावे के आंदोलनों से सिर्फ माहौल खराब होगा, जिससे जेल में बंद साथियों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। निजी स्वार्थ छोड़कर पहले अपनी ज़िम्मेदारी समझिए #ExposeThem#FakeProtest
जो लोग 20 मई को आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं, ज़रा अपनी प्राथमिकताओं को पहचानिए। जिस छात्र नेता के नेतृत्व में पूरा आंदोलन खड़ा हुआ आज वह जेल की सलाखों के पीछे संघर्ष कर रहा है। होना तो यह चाहिए था कि सभी मिलकर उनकी कानूनी मदद और जल्द से जल्द रिहाई के लिए प्रयास करते। ... see more