बिहार में इन दिनों जातीय जनगणना अपने अंतिम चरण में है। इसी बीच #सवर्ण_आयोग की रिपोर्ट ने बिहार की राजनीति में खलबली मचा दी है।
2011 में बिहार में सवर्ण आयोग का गठन किया गया था। 2013 में आयोग ने 11 जिलों के सव्रेक्षण के आधार पर सरकार को एक रिपोर्ट दी थी। 🤔
रिपोर्ट में उच्च जाति की हालत बेहद खराब होने की बात कही गई है।
➡️ 46% सवर्ण कृषि पर निर्भर, इसके बाद भी बिक रही जमीनें
➡️ 55% सवर्णों के पास एक एकड़ जमीन भी नहीं बची
➡️ 33.4% सवर्ण आबादी के पास कृषि योग्य कोई भूमि नहीं
➡️ 20% सवर्ण आबादी के पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं
➡️ 19.9% सवर्ण आबादी कच्चा मकान और झोपड़ी में रह रही है
➡️ 36% सवर्ण गरीबी रेखा से नीचे ये बीपीएल कार्ड के हकदार हैं
➡️ 48.7% ग्रामीण आबादी के पास एपीएल कार्ड है
➡️ ग्रामीण क्षेत्रों में 90% युवाओं के पास ग्रेजुएशन की डिग्री नहीं
➡️ ग्रामीण क्षेत्र के 49% सवर्ण के बच्चे गरीबी के कारण पढ़ाई छोड़ देते हैं
➡️ 16% बच्चे घर पर काम में व्यस्तता के कारण स्कूल नहीं जा पाते हैं
➡️ 9.6% बच्चों के अभिभावक का मानना है कि पढ़ाई जरूरी नहीं है
➡️ बिहार में 43.5% सवर्ण पलायन को मजबूर
➡️ बिहार में 65.6% नौकरी के लिए घर छोड़ने को मजबूर
सोचिये, 10 साल पुराने इस रिपोर्ट पर आजतक कोई सुनवाई नही, कोई नियम कानून और घोषणाएं नही। यह 2023 में सवर्णो की चुनावी हैसियत दिखाता है।
क्या गरीबी की भी जात होती है ?
गुजरात हाईकोर्ट
राहुल गांधी
आप कई टर्म से एक सांसद जनप्रतिनिधि रहे हैं , फिर भी आप अनाप सनाप बोलते हैं आपके ऊपर 10 क्रिमिनल केस इसी बात के हुए कि आप बिना सोचे समझे कुछ भी बोलते हैं , आपने सावरकर तक को नहीं छोड़ा जो कई दशक पहले इस दुनिया में नहीं है
आप रहम के काबिल नहीं है
@prabhatjdubihar@NitishKumar मैथिल नेता वोट लेबा लेल विधान सभा आ लोक सभा में मैथिलीक चर्च क मैथिलक हमदर्द बनैत छैथ । जेकरा लूटीश जी निक नाहित बूझै छै।
नहि तौ एक बेरिया सीना तानी दौ त केकर मजाल जे रोकि देतै ?
@NitishKumar@officecmbihar
महाशय जातीय गणना में ब्राह्मण को एक ही कोड में रखा गया जबकि ब्राह्मण में भिन्न भिन्न जातियां समाहित है जिनकी शैक्षणिक आर्थिक स्तर भिन्न भिन्न है - जैसे सोईत, खरोरे , ब्राह्मण , महापात्र/ कंटाह , इत्यादि। जबतक इन पर ध्यान नहि तब न्याय संभव नहि।
आपके अकाउंट में ₹ 500 है. आप को पता नहीं. एटीएम से ₹1000 निकालने जाते हो. ट्रांजेक्शन फेल हो जाता है. आप अब 500 निकालने की कोशिश करते हो! फिर ट्रांजेक्शन फेल हो गया. ऐसा क्यों? असल में पहले अटेम्प्ट में आपके बैलेंस से 10+जीएसटी कट गया. बैलेंस 500 रहा ही नहीं! लूट लो गरीब को!
अब समय आ गया है की हम मिथिला के लोग पूरे भारत में यह डंके की चोट पर यह एलान करे की हम सब मैथिल हैं बिहारी नही।
इस रबिवार को Twitter पर हैशटैग #MaithilNotBihari को समय रात के 8 बजे से 10 बजे तक trend करवाया जाएगा!
बिहारी शब्द से मिले छुटकारा,
#मिथिला हो राज्य हमारा ✊
Bihar Government has always discriminated with the people of Mithila and even utilised most of the funds in Magadh region. This resulted in backwardness of Mithila State.
#MaithilNotBihari
मिथिला राज्य
The highest migration rate has been observed in Mithilanchal.Despite the resources-Agriculture,Tourism,Water availability,Manpower there are no industries. People are compelled to migrate . The Mithila deserves to be healed.#MithilaRajya#MaithilNotBihari@MaithilAnup@MithilaStudent
110 साल स अपन अस्तित्व के बिसईर क बिहार के सन्ग छलऊ,,, परंतु हमरा बिहार स कि भेटल?
हमर मातृभाषा मैथिली के विलुप्त क देल गेल
हमर मैथिली भाषा के अपशब्द कहल गेल
हमर अपन समाज स दूर क देलगेल
हमरा अपन मातृभूमि स पलायन क र पर मजबूर क देल गेल
#MaithilNotBihari@biharfoundation
वो जब तुम्हें कहें की "गर्व से कहो, हम बिहारी हैं" तो उनसे पूछना की सस्ते लेबर का पर्यायवाची "बिहारी" हो गया है इसपर गर्व करना है ? जो झूठी शान दिखाने के लिए नारा लगवाते हैं "एक बिहारी, सौ पर भारी" उनसे पूछना की हमारी आइडेंटिटी कैसे उचित रेट पर मिलने लग गई ?
#MaithilNotBihari
गंगा विलास जब पटना में रुका तो मिथिला के बेगूसराय में क्यों नहीं ?
राजनीतिक खींचतान का हुआ शिकार। सिमरिया का विकास इस सदी में कबतक होगा कहना असंभव
सिमरिया को एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास धूमिल होता दिख रहा है। #MaithilNotBihari