Clash of Titans: पश्चिम बंगाल का ऐतिहासिक चेहरा सुवेंदु अधिकारी!🔥
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। अगर भाजपा की टॉप लीडरशिप सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बनाती है, तो वे राज्य के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बनेंगे, जिन्होंने सिटिंग सीएम को चुनाव हराकर सत्ता के शीर्ष पर पहुंचने का रिकॉर्ड बनाया है। यह कोई साधारण कामयाबी नहीं है। पश्चिम बंगाल के इतिहास में आज तक ऐसा कोई दूसरा नेता नहीं हुआ। न ज्योति बसु, न बुद्धदेव भट्टाचार्य और न ही ममता बनर्जी – किसी के पास यह उपलब्धि नहीं है।
सुवेंदु अधिकारी ने एक बार नहीं, दो बार सिटिंग को हराया है। यह उपलब्धि हासिल करने वाले सुवेंदु संभवत: देश के इकलौते नेता हैं।
सुवेंदु अधिकारी की यह उपलब्धि न सिर्फ व्यक्तिगत जीत है, बल्कि बंगाल की राजनीति में एक मील का पत्थर साबित होगी। तृणमूल कांग्रेस की मजबूत दीवार को तोड़कर उन्होंने जो संघर्ष किया, वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।
ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच हुआ Clash of Titans पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। एक तरफ अनुभवी, दमदार और जिद्दी ममता, दूसर��� तरफ युवा, आक्रामक और जन-समर्थन वाले सुवेंदु – यह मुकाबला बंगाल की सड़कों से लेकर विधानसभा तक गूंजता रहा।
यह सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य में एक युग का अंत और नए युग की शुरुआत है।
#SuvenduAdhikari #BanglaNeedsChange #ClashOfTitan
बीबीसी की काश्मीरी मूल की पत्रकार ग़ाफ़िरा क़ादरी ने दिल्ली में लैंडलॉर्ड और काश्मीरी किरायेदार को लेकर जो स्टोरी की है वह प्रथम दृष्ट्या ही फ़र्ज़ी या प्रोपेगंडा मालूम पड़ रहा था।
मैंने जब कल उस स्टोरी पर पोस्ट एक लिखा तो एक सीनियर महिला पत्रकार की बहन की तरफ़ से संपर्क किया गया। वह बता रही थी की वह ख़ुद सुखदेव विहार में अपनी बहन का वेल फर्निश्ड, जिसमें ज���रूरियात की सारी सामान मौजूद है, घर दिखाने गयी थी। उसे घर पसंद भी था और किराये को लेकर भी किसी तरह का कोई एग्रीमेंट नहीं थी। बल्कि उन्होंने तो आधार कार्ड तक भी नहीं माँगी थी। फिर भी भी ग़ाफ़िरा घर नहीं ली।
सुखदेव विहार तो ओखला का एक पॉश इलाक़ा है जहाँ हिंदू और मुसलमानों की मिक्स आबादी रहती है। बड़े-बड़े एलीट लोग उधर ही रहते है। फिर ऐसी क्या मजबूरी थी की ग़ाफ़िरा ने वहाँ रहना मुनासिब नहीं समझी और पूरी एक स्टोरी बना डाली?
क्या जल्दी मशहूर होने की बेचैनी या बीबीसी द्वारा किसी प्रोपेगंडा के तहत इस तरह की स्टोरी करायी जा रही है या फिर कुछ दूसरा मामला है?
वामपंथी इतिहासलेखन की क्या दुर्गति हो गई है। रुचिका शर्मा की भाषा इसका प्रमाण है। ये बनने चली हैं इरफान हबीब!...Mild Irfan Habeeb in a Saree...😅 @tishasaroyan
My article on the contrasting approaches of Akhilesh Yadav and Yogi Adityanath towards the cultural and religious heritage of hinduism...
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Soumyashree Bisi, 20, a B.Ed student at Fakir Mohan College, Balasore, approached her HoD, Samir Kumar Sahu, for help with her low attendance.
Sahu allegedly demanded sexual favours in return. She got angry and left, but he kept repeating the demand and threatened to lower her marks if she refused.
On July 1, She filed a complaint against Sahu with college authorities. During the internal probe, she realised the college was protecting the HoD.
As an ABVP member, she hoped for help from the BJP govt at the state and centre. She created an X account and tagged the Odisha CM, state ministers, union education minister, NCW and others for help, but no one responded.
On July 10, the internal committee cleared the HoD. Principal Dilip Ghosh offered her “counseling” and told her to withdraw the complaint, warning she could be rusticated.
On July 12, she staged a protest on campus, met the principal and HoD, then poured petrol on herself outside the principal’s office and set herself on fire. She died two days later in hospital.
When alive, she begged and pleaded with everyone, hoping someone would listen. No one did. Once she hurt herself, suddenly everyone woke up for damage control.
HoD Sahu was arrested, and Principal Ghosh suspended. The Higher Education Dept launched an inquiry; NCW and NHRC began probes. President Murmu visited.
The Governor sought a report. NHRC and UGC issued directives; the govt told colleges to ensure ICC compliance. CM Majhi promised strict action and ₹20 lakh compensation.
All students should be equal in the eyes of the rulers. But if a student loyal to your ideology begs your govt for help and still dies like this, it’s betrayal by the very system and party she trusted.
Shame on Odisha govt. Shame on BJP.
Alert: वाल्मीकि समाज पर मंडराते पादरी
ये चंडीगढ़ में रहने वाले रॉकी वाल्मिकी हैं। सोशल एक्टिविस्ट हैं। इनका परिवार ईसाई बन चुका है। लेकिन इनकी लड़ाई कन्वर्जन और वाल्मिकी समाज को भटकाने के खिलाफ है। दमदार व्यक्ति हैं। इनका वीडियो सुनेंगे तो पता चलेगा कि कैसे वाल्मिकी समाज खतरे में हैं। पैसा, पॉवर और पिछड़ेपन का इस्तेमाल करके कन्वर्जन की साजिश लगातार रची जा रही है। @RSSorg@AmitShah@PunjabPoliceInd@amitmalviya
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येशु के नाम पर चमत्कार का पाखंड करने वाले, चंडीगढ़ के पादरी की क्रूरता के दो किस्से। किस्से तो और भी हैं। पर धमकियों ने उन्हें चुप कर रखा है। ये चुप्पी भी जरूर टूटेगी। क्योंकि धमकियां तो इन दोनों लड़कियों को भी मिल रही हैं।
पहली विक्टिम ने कहा- 'बजिंदर ने एक नहीं 10 बार रेप किया, श्मशान भेजा, जलती राख और खोपड़ी मंगाई।'
दूसरी विक्टिम तो नाबालिग थी 12-13 साल से ही बजिंदर ने उसे अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया था। अब वो 21 साल की है, और 4 महीने की बच्ची की मां भी।
वो कहती है-'मेरा सब्र तब टूटा जब बजिंदर के बाउंसर्स ने उस वक्त मेरी गाड़ी का रास्ता रोका जब मैं डिलीवरी के बाद अस्पताल से अपनी 4 दिन की बच्ची के साथ घर घर आ रही थी। उन्होंने धमकाया और कहा-बजिंदर तुम्हारी बच्ची की बलि देगा। मैं चुप थी क्योंकि अब तक बात मेरी थी अब बात मेरी बच्ची की है। मैं इसे नहीं छोड़ूंगी।' लिंक कमेंट बॉक्स में है।
Most lethel Israeli Missle: ईरान का काल बन सकती है इजरायल की Jericho-3, ,
ईरान के पलटवार के बाद अब इजरायल का अगला कदम चौंकाने वाला हो सकता है। इजरायल पहले भी अपने दुश्मनों को अपने अचानक हमलों से चौंकाता रहा है। इजरायल की इस कार्रवाई में उसकी जेरिको-3 मिसाइल सबसे घातक साबित हो सकती है। यह ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने की क्षमता रखती है। यह मिसाइल न सिर्फ़ दूरी बल्कि तकनीकी बढ़त के मामले में भी ईरानी मिसाइलों से कहीं आगे है...
जेरिको-3 की मारक क्षमता 4,800 से 6,500 किमी तक है, जबकि इजरायल और ईरान के बीच की दूरी महज 2,300 किमी है। इसका मतलब है कि यह मिसाइल ईरान के किसी ��ी शहर को निशाना बनाने के लिए पर्याप्त दूरी तय कर सकती है।
ईरान की शहाब-3 और फतह-1 जैसी मिसाइलों की अधिकतम रेंज 2,500 किमी तक है, जो इजरायल तक पहुंचने के लिए पर्याप्त है, लेकिन जेरिको-3 की तुलना में उनकी स्पीड (3,800-6,100 किमी/घंटा) और पेलोड क्षमता कमजोर है।
जेरिको-3 को भूमिगत साइलो, रेलवे सिस्टम, और मोबाइल लॉन्चर्स से दागा जा सकता है। यह लचीलापन इजरायल को किसी भी हमले का त्वरित जवाब देने की क्षमता देता है। 2011 में सेवा में शामिल होने के बाद से यह मिसाइल इजरायल के "दूसरे हमले की क्षमता" (Second Strike Capability) का प्रतीक बन चुकी है। यानी, अगर ईरान इजरायल पर पहला हमला भी कर दे, तो जेरिको-3 उसकी पूरी सैन्य ताकत को धूल चटा सकती है।
अमेरिकी कांग्रेस की 2004 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जेरिको-3 ईरान के साथ-साथ एशिया, यूरोप, और अमेरिका तक के लक्ष्यों को निशाना बना सकती है। जेरिको-3 सिर्फ़ एक मिसाइल नहीं, बल्कि इजरायल की सैन्य श्रेष्ठता का प्रतीक है। यह ईरान की पूरी मिसाइल ताकत को एक झटके में नेस्तनाबूद करने की क्षमता रखती है। अगर युद्ध की स्थिति बने, तो यह मिसाइल ईरान के लिए "अंधेरी रात का सूरज" साबित होगी, जिसकी चमक में उसके सारे दावे और दंभ जलकर राख हो सकते हैं।
#Tehran #Iran #iranisraelwar #BenjaminNetanyahu #Jericho3
पूरे बिहार को याद दिलाना चाहते हैं PK, 'तेजस्वी यादव ने हाईस्कूल नहीं पास किया'
तेजस्वी यादव के साथ प्रशांत किशोर एक मनोवैज्ञानिक युद्ध लड़ रहे हैं। प्रशांत कई बार तेजस्वी की शिक्षा पर निशाना साध चुके हैं। पीके जानते हैं कि अगर लालू यादव के जंगलराज पर निशाना साधना है तो इसके लिए तेजस्वी यादव से बेहतर कोई प्रतीक नहीं है।
बार बार तेजस्वी को नौंवी फेल कहने का संदेश साफ है। ‘जंगलराज’ के राजा का बेटा खुद ही अपनी पढ़ाई नहीं पूरी कर सका तो राज्य के अन्य युवाओं की बात ही क्या है! जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएगा, वैसे तेजस्वी की ���ढ़ाई पर पीके के निशाने और तेज हो सकते हैं। रिपीटिशन टेक्नीक के जरिए बिहार की जनता को यह याद दिलाया जाएगा कि आपका अगला मुख्यमंत्री ऐसा हो सकता है जिसने हाईस्कूल भी नहीं पास किया है।
#LaluYadav #PrashantKishor #TejashwiYadav
#BiharElection: नवंबर 2023 में, प्रशांत किशोर ने कहा था कि अगर तेजस्वी यादव बिना कागज देखे जीडीपी का फुल फॉर्म लिख दें, तो वह मान जाएंगे। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले आखिर बार-बार प्रशांत किशोर ऐसा क्यों करते हैं? बता रहे हैं अपने लेख में पत्रकार @creativearun@Jduonline@RJDforIndia@PrashantKishor@INCIndia@BJP4India
#BiharElection #RJD #JDU #Jansuraaj #PrashantKishor #BiharPolitics
https://t.co/Ee91AamH4d
पुलवामा हमले के बाद जब यासिन मलिक को उसके गढ़ मायसुमा से सरेआम पकड़ा गया था, बाजार खुला था, वहां की पूरी आवाम मौजूद थी। वही आवाम जो यासिन के लिए नारेबाजी करती थी, फौज को देखते ही पत्थरबाजी करती थी। लेकिन उस दिन सबने आंखे फेर लीं। यासिन मलिक को लगभग घसीटते हुए गरिफ्तार किया गया।
यासिन की बहन ने गिरफ्तारी के बाद अपनी खिड़की से कुरान पढ़ी थी। घटना के बाद उसकी इस बहन के घर के भीतर जाने वाली सिर्फ मैं थी। बहन ने कहा था-अल्लाह का कहर बरपेगा इन पर। यासिन को ज्यादा दिन अंदर नहीं रख पाएंगे।
घर के भीतर घुसने का भी एक रोचक किस्सा है-
दरवाजे खटखटाए तो दराज से झांकते हुए यासिन की बहन ने कहा-���म गम में हैं, हमें बख्श दें। मैंने कहा-आपके गम में शरीक होने आई हूं। अंदर आने दे।
जवाब मिला-खुदा के वास्ते अभी हमें छोड़ दें। हमसे धोखा हुआ है। हमारे बेगुनाह भाई को गिरफ्तार किया गया है। भारत हम पर जुल्म कर रहा है।
मैंने कहा-सुना है कश्मीर की कश्मीरियत किसी मेहमान को बिना पानी पिए जाने नहीं देती। दूर से आईं हूं, पानी तो पिला दीजिए। दरवाजे खुले और मैं करीब 45 मिनट तक उसकी बहन के साथ थी।
अंदर का माहौल किसी मीटिंग जैसा था। घर में करीब 8-10 लोग थे। फ��न पर फोन आ रहे थे। पस्तो में गहन चर्चा जारी थी। बीच बीच में कुछ हिंदी में बात करते थे। चेहरे के उतार चढ़ाव से कुछ कुछ अंदाजा हो रहा था।
एक किताब जो सुनाती है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों की असली दास्तान: Must Read
इंडियन एक्सप्रेस के पत्रकार श्याम लाल यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों की कार्यप्रणाली और उनके राजनीतिक जीवन पर अद्भुत किताब लिखी है। यह किताब उत्तर प्रदेश की राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले हर व्यक्ति को पढ़नी चाहिए।
'At the Heart of Power: The Chief Ministers of Uttar Pradesh' नाम की यह किताब आजादी के बाद से यूपी के टॉप राजनीतिक नेतृत्व के बारे में जानकारियों का भंडार है जिसमें मुख्यमंत्रियों की जिंदगी के भावनात्मक पहलुओं को भी छुआ गया है। वर्तमान में हम जिन नेताओं को स्टालवार्ट्स में गिनते हैं उनकी शुरुआती राजनीति कैसी रही है, इसके उदाहरण भी मिलते हैं।
विश्वनाथ प्रताप सिंह और हेमवती नंदन बहुगुणा से जुड़ी कहानियां। वीरभद्र सिंह��� मुलायम सिंह। मायावती जैसे नेताओं की जिंदगी से जुड़े अनगिनत किस्से।
यह किताब पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए Must Read है। @RTIExpress
पहलगाम के बाद भारत में 10 Cr से ज्यादा साइबर हमले हुए। महाराष्ट्र ने 15 L हमलों का खुलासा किया लेकिन अन्य राज्य मौन। BNS & IT Act के तहत गंभीर अ���राध के सभी मामलों में FIR करके साइबर के अपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त करने की जरूरत है @PMOIndia
@AmitShahOffice https://t.co/xDZqWEFQiR
पहले ट्रंप की तरह पाकिस्तान भी क्रिप्टो करेंसी को लेकर उत्साहित नहीं था, लेकिन पिछले साल ट्रंप के बेटे अचानक #WFL बनाकर क्रिप्टो बाजार में कूदे। इस साल मार्च में पाकिस्तान ने भी रातों रात क्रिप्टो काउंसिल #PCC बनाई, फिर पहलगाम हमले के 5 दिन बाद 27 अप्रैल को दोनों में समझौता हो गया और ट्रंप को पाकिस्तान ग्रेट कंट्री लगने लगा।
#Pakistan #Trump #Crypto
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