गरीब आदमी सरकारी अस्पताल जाता है...वहां भी गरीब.. बेबस...मजबूर लोगों का शोषण किया जा
रहा है....!
बुजुर्ग को सुनिए -
खुजली की दवाई लेने वह सरकारी अस्पताल आया था था..डाक्टर साहब ने जन औषधी केंद्र से दवाई न देकर उन्हें बाहर की दवाई लिख दी...!
बुजुर्ग दवाई लेने गया तो दवा की कीमत 750 रुपए बताई गई...गरीब बुजुर्ग बिना दवाई लिए है वापस लौट आया...!
इसके बाद पत्रकार ने दवाई लिखने वाले डाक्टर साहब से सवाल किए थे..जिसपर वो जल्ला गए..बदतमीजी करने लगे...!
यूपी की स्वास्थ्य व्यवस्था राम भरोसे चल रही है..हर कोई मनमानी पर उतारू है.. कोई सुनने वाला नहीं..वीडियो सीतापुर के खैराबाद CHC से वायरल है...!
डॉक्टर बोला - तू होता कौन है बे...तू हमें बताएगा हम क्या लिखें क्या न लिखें..?
ये OPD हैं तुम्हारा घर नहीं है...!
ये बदतमीज टाइप डॉक्टर सीतापुर के खैराबाद CHC में तैनात है..इनकी भाषा सुनिए..!
एक क्षेत्रीय पत्रकार ने मरीजों को दवाइयां बाहर से लिखने को लेकर सवाल पूछ लिया जिसपर डाक्टर साहब का माथा गरम हो गया...!
साहब सरकारी संस्थान को निजी संपत्ति समझ रहें हैं..कह रहे है ये तुम्हारा घर नहीं है..OPD है तू सवाल पूछने वाला होता कौन है..!
अरे डॉक्टर साहब...जिस बिल्डिंग मैं बैठे हो वो...जनता के पैसे से निर्मित हुए है..जनता के नौकर हो तुम..बैठकर मक्कारी करोगे और बेशर्मी भरे लहजे में बात करोगे...शर्म नहीं आती...?
बिहार का एक युवक बिना हेलमेट पहने मेडिकल स्टोर गया क्योंकि उसके घर में किस की तबीयत खराब थी इस ट्राफिक पुलिस वाले ने उसका चालन किया।
आज वही ट्रैफिक पुलिस वाला बिना हेलमेट के उसे मिला तो उसे रोककर सीनियर को बुलाओ और अपना चालन करवाओ की ज़िद कर रहा है।
A person travelling with his wife & child stops for checking.He starts recording.Instead of accountability, he gets assaulted.Since when filming officials become a crime? If a camera threatens authority more than lawbreakers do,the problem isn't the citizen. Policing cannot mean intimidation & violence. @GargiRawat
एक तो महीनों पहले रिजर्वेशन करवाओ और फिर टिकट कंफर्म हो पाती है जब टिकट कंफर्म हो जाए तो टीटीई उसे अपसेंट करके दूसरो को बेंच देते हैं और पूछने पर कहते हैं हमसे मत पूछो सिस्टम है? भाई यह कौन सा सिस्टम्स है?
'कोचिंग तोड़- ताड़ दिया, गार्ड को लहूलुहान कर दिया... '
Patna में Khan Sir के कोचिंग सेंटर के बाहर फायरिंग हुई. घटना के बारे में खान सर ने क्या बताया, सुनिए...
अब कुमार विश्वास को भी ट्रीटमेंट मिल गया 🔥
शिक्षकों या छात्रों को जो उंगली करेगा उसका इसी प्रकार इलाज किया जाएगा सबके सामने।
RT करो रे इसे तो ताकि विश्वास तक पहुँचे।
यही वो वीडियो है जिसको देखने के बाद अंजना ओम कश्यप ऑनलाइन कोचिंग वालों पर भड़की थी।
दीदी ने ऊपर ऊपर से आलोचना तो कर दी अब सारे टीचर मिलकर अंजना को अंदर तक रेल रहे हैं।😂
पुलिस की वर्दी लोगों के प्रति सम्मान और सुरक्षा के लिए मिलती है, कुछ लोगों ने इसे अकड़ और गुंडई का प्रतीक बना दिया है, अब हर आदमी अपनी सुरक्षा के लिए वीडियो बनाए तभी इससे निजात मिलेगी वरना शोषण होना तयं है।
इनका नाम अतुल सुभाष था।
34 साल। बेंगलुरु में प्राइवेट कंपनी में डिप्टी जनरल मैनेजर। एक बेटे के पिता व्योम।
उन्होंने सिस्टम से उम्मीद नहीं की कि कोई उनकी बात सुनेगा।
उन्होंने हर चीज़ खुद रिकॉर्ड की।
उन पर एक साथ 9 केस दर्ज हुए 498A, घरेलू हिंसा, मेंटेनेंस, कस्टडी।
हर सुनवाई के लिए उन्हें बेंगलुरु से जौनपुर तक 1700 किलोमीटर का सफर करना पड़ता था।
4 साल में 40 बार वही सफर।
120 कोर्ट हियरिंग्स।
उन्होंने आरोप लगाया कि केस वापस लेने के लिए 3 करोड़ रुपये मांगे गए।
अपने ही बेटे से मिलने के लिए 30 लाख रुपये अलग से।
अपने वीडियो में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक फैमिली कोर्ट जज ने अनुकूल आदेश के लिए 5 लाख रुपये मांगे।
9 दिसंबर 2024 को उन्होंने बेंगलुरु के फ्लैट में आत्महत्या कर ली।
पीछे छोड़ा — 24 पन्नों का नोट और 81 मिनट का वीडियो।
हर तारीख। हर केस नंबर। हर यात्रा। हर रकम।
सब कुछ रिकॉर्ड किया हुआ।
मरने से पहले उन्होंने अपने परिवार से सिर्फ एक बात कही:
“मेरी अस्थियाँ गंगा में तब तक विसर्जित मत करना, जब तक न्याय न मिले।”
उनकी मां सुप्रीम कोर्ट गईं, अपने पोते से मिलने की अनुमति मांगने।
उन्हें कहा गया — “आप बच्चे के लिए stranger हैं।”
फिर सुनवाई आई।
जज छुट्टी पर थे।
एक साल की तारीख मिल गई।
इसी बीच, ट्विशा शर्मा केस में सिर्फ 11 दिनों के भीतर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया।
बार काउंसिल ने घंटों में कार्रवाई कर दी।
AIIMS की मेडिकल टीम चार्टर्ड प्लेन से भेजी गई।
11 दिन में पूरा सिस्टम दौड़ पड़ा।
अतुल सुभाष 81 मिनट का रिकॉर्डेड सबूत छोड़ गए थे।
उन्हें मिला एक साल का इंतज़ार।
उनकी अस्थियाँ आज भी गंगा का इंतज़ार कर रही हैं।
उनका बेटा व्योम अब 6 साल का है।
अतुल सुभाष को न्याय मिलना चाहिए।
अगर रिकॉर्डेड सबूत, दस्तावेज़ और एक इंसान की आखिरी पुकार भी सिस्टम को नहीं जगा सकती, तो फिर आम आदमी आखिर जाए कहाँ?
मंत्री जी ! सिपाही था तो कर दिया,बड़ा आदमी होता तो आपकी हैसियत नहीं होती इस बदतमीजी की। गर्मी में सिपाही ने AC चला लिया तो गुनाह हो गया? कैमरे पर उसकी नुमाइश चल रही है।
CM @BhajanlalBjp जी! अपने मंत्री का तरीक़ा तो देख लिया होगा, सिपाही के साथ ऐसा व्यवहार कर रहे हैं तो जनता ?
🚨The Ugly Face of Privilege: Delivery Boy Harassed by Wealthy Brats in Delhi's GK-2
Dignity Of Labor Under Attack : Ja kar de social media per upload - Raise your voice🙏
A shocking video has surfaced from Greater Kailash-2, New Delhi, showing a delivery partner being brutally mistreated and harassed by a group of privileged individuals.
This absolute lack of empathy and blatant entitlement is disgusting.
Delivery heroes work tirelessly in all conditions to serve us, and they deserve absolute respect not abuse
Strict and immediate action must be taken against the perpetrators.
We cannot let such toxic behavior slide in our society.
जनता जाग जाय तो भ्रष्ट व्यवस्था भाग जाए!
घटना बिहार के मोतीहारी का बताया जा रहा है
जहां लोगों ने हार्न बजाकर पहले तो वीआईपी के लिए किए गए रोड ब्लाक का विरोध किया
और फ़िर सफलतापूर्वक वीआईपी मूवमेंट को नहीं होने दिया.
पुलिस बस पब्लिक का मुंह ताकती रह गई.
ऐसी आवाज़ और तरीका पब्लिक को अपनाना चाहिए
नेताओं, नौकरशाहों का वीआईपी मूवमेंट का विरोध करना चाहिए !!