जब तक हमारे हक़ का न्याय नहीं मिलता, खुशियाँ अधूरी हैं।
हमारी स्पष्ट मांग है—
पदवृद्धि के साथ वेटिंग लिस्ट जारी हो।
पात्र अभ्यर्थियों के लिए 2nd काउंसलिंग कराई जाए।
युवाओं को आश्वासन नहीं, नियुक्ति चाहिए।
हमारा हक़ हमें मिलना चाहिए।
@NehaSri40313886@luckyJangid9
मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती पर फिर सवाल!
प्राथमिक शिक्षक भर्ती-2025 में करीब 800 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति पात्रता नियमों में बदलाव के विवाद के कारण अटकी है। वहीं 2018 भर्ती की दूसरी काउंसलिंग और 2023 वर्ग-1 भर्ती में पदवृद्धि की मांग भी जारी है।
#शिक्षक_भर्ती_में_न्याय
"सरकार की शिक्षा व्यवस्था हाई कोर्ट के कटघरे में!"
मध्यप्रदेश में 2.89 लाख स्वीकृत पदों में से 1,15,678 शिक्षक नहीं हैं।
1,895 स्कूल ऐसे हैं जहाँ एक भी शिक्षक नहीं है।
5,000 स्कूल जर्जर भवनों में चल रहे हैं।
3,400 स्कूलों में शौचालय नहीं हैं।
59,000 स्कूलों में कंप्यूटर तक नहीं हैं।
और इसका नतीजा...
पिछले 10 वर्षों में सरकारी स्कूलों से 22.03 लाख विद्यार्थी कम हो गए।
मुख्यमंत्री जी, यह सिर्फ़ शिक्षा व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के भविष्य के साथ किया गया सबसे बड़ा अन्याय है।
आज हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि हाई कोर्ट को सरकार से जवाब माँगना पड़ रहा है।
बच्चों का भविष्य विज्ञापनों से नहीं, शिक्षकों की भर्ती, बेहतर स्कूलों और जवाबदेह सरकार से बनता है। भाजपा ने तीनों से मुंह मोड़ लिया है।
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@DrMohanYadav51@udaypratapmp@INCIndia@INCMP
#US12123
@jitupatwari@BJP4MP वर्ग 1 में शिक्षक की स्थिति
✍️स्वीकृत पद -- 42 हजार
✍️खाली पद - 21 हजार
वर्ग 1 शिक्षक भर्ती 2023
✍️पद विज्ञप्ति -8720 पद
✍️नियुक्ति पत्र - 3198 पद
🙏प्रक्रियाधीन भर्ती वर्ग 1 शिक्षक भर्ती 2023 में पद वृद्धि के साथ द्वितीय काउंसलिंग कीजिए🙏
@BJP4MP@BJP4India@NEYU4MP
मुंडन करवाया...
खून से पत्र लिखे...
धरने दिए... प्रदर्शन किए...
- लेकिन @BJP4MP सरकार ने संविदा शिक्षक वर्ग-1 के अभ्यर्थियों की आवाज सुनना तक जरूरी नहीं समझा!
- वर्ष 2023 के बाद से दूसरी काउंसलिंग का इंतजार कर रहे मप्र के हजारों युवाओं के साथ यह अन्याय कब तक?
- सरकार याद रखे, युवा रोजगार मांग रहे हैं, भीख नहीं! सरकार तुरंत काउंसलिंग कराए और इन अभ्यर्थियों को न्याय दे!
@jitupatwari@BJP4MP@jitupatwari
मुंडन करवाया...
खून से पत्र लिखे...
धरने दिए... प्रदर्शन किए...
- लेकिन @BJP4MP सरकार ने संविदा शिक्षक वर्ग-1 के अभ्यर्थियों की आवाज सुनना तक जरूरी नहीं समझा!
- वर्ष 2003 के बाद से दूसरी काउंसलिंग का इंतजार कर रहे मप्र के हजारों युवाओं के साथ यह अन्याय कब तक?
मध्यप्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर CAG रिपोर्ट ने बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने रखी है। प्रदेश के 1895 स्कूल ऐसे हैं जहां छात्र तो मौजूद हैं, लेकिन एक भी शिक्षक नहीं है। इनमें 1379 प्राथमिक, 479 मिडिल, 28 सेकेंडरी और 9 हायर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं। सवाल यह है कि बिना शिक्षक के शिक्षा कैसे दी जा रही है?
स्थिति और गंभीर तब हो जाती है जब शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान (DIET) खुद स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहे हैं। लेक्चरर के 57% और असिस्टेंट प्रोफेसर के 80% पद खाली पड़े हैं। सरकार ने प्रशिक्षण के लिए 165 करोड़ रुपए का बजट रखा, लेकिन खर्च किए सिर्फ 35.71 करोड़ रुपए। यानी बच्चों की शिक्षा और शिक्षकों के प्रशिक्षण को लेकर सरकार की प्राथमिकता साफ दिखाई दे रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षक नहीं, निरीक्षण नहीं, 4222 शिकायतें लंबित और डिजिटल सिस्टम भी फेल। यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि लाखों बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय है।
मैं मध्यप्रदेश सरकार से मांग करता हूं कि रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती हो, शिक्षक प्रशिक्षण व्यवस्था मजबूत की जाए और शिक्षा विभाग में जवाबदेही तय की जाए।
शिक्षक भर्ती 2023 के अभ्यर्थियों ने लोक शिक्षण संचालनालय के सामने मुंडन करवाया
मध्य प्रदेश में उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती 2023 के अभ्यर्थियों का संघर्ष अब एक मार्मिक मोड़ पर पहुँच गया है। हजारों चयनित अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर कई सालों से संघर्ष कर रहे अभ्यर्थियों ने आज फिर लोक शिक्षण संचालनालय के सामने प्रदर्शन किया और मुंडन करवाया।
https://t.co/r3CQ8fJ1jY