एक छोटा-सा बीज, लेकिन बड़ा सहारा
महुआ की गुल्ली से बनने वाला तेल न केवल भोजन का आधार है, बल्कि अनेक ग्रामीण परिवारों की आर्थिक मजबूती का भी माध्यम है। यही वजह है कि इसे केवल वन उपज नहीं, बल्कि जीवनोपयोगी संपदा माना जाता है।
#महुआ#Mahua#गुल्ली#आजीविका#वनोपज
खूब लड़ी मर्दानी, वह तो झांसी वाली रानी थी।
भारत की वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
#ranilaxmibai
किसी समाज को पराजित करने से पहले उसकी स्मृति मिटाई जाती है; भगवान बिरसा मुंडा ने अपनी स्मृति, संस्कृति और स्वाभिमान को बचाने के लिए आजीवन संघर्ष किया।
स्व-धर्म, स्वाभिमान और सांस्कृतिक चेतना के अग्रदूत भगवान बिरसा को उनकी पुण्यतिथि पर सादर नमन।
#BhagwanBirsaMunda#BirsaMunda
गंगा दशहरा पर बैगा जनजाति में लोक मान्यता है कि कमल-पत्रों से आच्छादित जलाशयों में माँ गंगा का वास माना जाता है। इसी श्रद्धा के साथ बैगा जन अपने धार्मिक अनुष्ठानों में प्रयुक्त सामग्री का जल में विसर्जन करते हैं।
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#गंगा_दशमी
1857 की क्रांति के महानायक तात्या टोपे ने न सिर्फ अंग्रेज़ों से लोहा लिया, बल्कि नर्मदा के पार क्रांति की मशाल वनवासी क्रांतिकारियों के हाथों सौंपी। टंट्या भील, भीमा नायक और खाज्या नायक जैसे वीर योद्धा भी क्रांति संघर्ष में तात्या टोपे के साथ थे।
@Nai_Dunia#तात्या_टोपे
क्या हम अपने इतिहास के सभी नायकों को जानते हैं?
खाज्या नायक जैसे कई वीर हैं, जिनका योगदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अविस्मरणीय है।
उनका जीवन हमें प्रेरित करता है कि हम अपनी अस्मिता, अपनी संस्कृति और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव जागरूक रहें।
#madhyapradesh
नृत्य और गायन की प्रधानता के कारण अनेक नृत्य ऐसे हैं, जो नाट्य का रूप भी ले लेते हैं। खयाल, नौटंकी, स्वांग, राई, बरेदी, डंडा, सुआ, गोंचा, करमा आदि मध्य प्रदेश के विभिन्न अंचलों में किए जाने वाले लोकनृत्य हैं, जिनसे लोकनाट्य किसी न किसी रूप में जुड़ा हुआ है।
#theatre
राम वनवासियों के सखा, सहयोगी, सहचर, सहधर्मी हैं। जनजातियों के गीतों, पर्वों, नृत्यों, कलाओं, गाथाओं, वार्ताओं और आदर्शों में राम अटूट रूप से रचे बसे हैं। यहां राम की ऐसी महिमा है, जो अन्यत्र नहीं है।
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#रामनवमी
'गणगौर' पर्व देवी गौरी (पार्वती) की आराधना से जुड़ा है और सौभाग्य, समृद्धि तथा पारिवारिक कल्याण की कामना के साथ मनाया जाता है। लोककजीवन में यह पर्व उमंग और उल्लास का प्रतीक है।
👉 इस पोस्ट में गणगौर से जुड़े शब्द और उनके अर्थ प्रस्तुत हैं।
#gangaur#madhyapradesh
जब अन्याय सामने था, तब उन्होंने झुकना स्वीकार नहीं किया।
रानी अवंती बाई ने अपने साहस और शौर्य से अंग्रेजों को चुनौती दी।
उनका जीवन हमें सिखाता है कि स्वाभिमान और कर्तव्य के लिए दृढ़ रहना ही सच्ची वीरता है।
आज उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
#raniavantibai
1856–57 में बस्तर के क्रांति नायक धुर्वा राव ने अपने अप्रतिम साहस का परिचय देते हुए छापामार युद्ध में अंग्रेजों का जमकर प्रतिकार किया, और वनवासियों को संगठित कर स्वतंत्रता हेतु प्रेरित किया।
जानें इस क्रांति नायक की प्रेरक गाथा 👇
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#Freedomfighter