एक औरत की अंदर इतना जलवामुखी भरा होता है कि उसको काब�� में करना हर किसी के बस की बात नहीं उसकी आंखें हर पल बया करती है कि उसे कामसूत्रा के उस चरमसुख की प्राप्ति की इच्छा होती है !!!!!
मांग मैं सिंदूर अपने अपने पति के नाम लेकिन चेहरे पे कातिलाना मुस्कान किसी पराये मर्द के लिए बस यही आदत की वजह से हर संस्कारी औरत को दुनिया बदचलन कह देती है लेकिन उ��े ये नही पता जहा खुशी मिलती है वही मुस्कुराठ भी होती है भले ही तुम उसको बदचलन क्यू ना कह दो।।
संस्कारी औरत की गदराई जवानी , जिस्म की गर्मी और लौहे की रोड़ की आग अपने जिस्म के अन्दर सोख लेती है वरना लड़कियां तो अंडरवियर टाईट देखकर ही बोलती है बहुत मोटा लम्बा है में नहीं झेल सकती तुम्हारा💥💥
गले में मंगलसूत्र, साडी और मांग का सिन्दूर... और जिस्म भी ये सब कुछ शादी के बाद हर औरत अपने पति को समर्पित कर देती है मगर पराए मर्द तो दूसरों की अमानत को हवस की नज़र से देखते हैं
एक संस्कारी औरत की खुशी का तब पता चलता है जब किसी दूसरे मर्द के निचे अपने जिस्म की पसीना निकलवाकर और उसका माल अपने अंदर डलवाकर जब ��ुबह मर्द एक बार और तैयार होकर औरत के ऊपर चढ़ने को तैयार रहता है और औरत बोलती है बस करो और चलते समय वासना भारी आखो से देखकर कान में बोलती है