आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए स्किल्ड युवाओं की कमी ना रहे, इस दिशा में ‘मेरिट’ बहुत काम आने वाली है। इस स्कीम से ओडिशा सहित देशभर के हमारे नौजवान साथियों को अपने ही शहर में ढेरों अवसर मिलेंगे।
@dineshbohrabmr पार्ट टाइम पत्रकार और फुलटाइम कांग्रेसी...जी..क्या आपके पास ऐसा डेटा है जो ये साबित कर सके कि 2014 से टैक्स बड़ा है ??या सिर्फ अपनी कांग्रेसियों की तरह बकलोली करनी है
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में @ABVPVoice की प्रचंड जीत पर परिषद के कार्यकर्ताओं को बधाई।
यह जीत युवाओं की राष्ट्र प्रथम की विचारधारा में अटूट विश्वास का प्रतिबिंब है। इस विजय से परिषद की छात्र शक्ति को राष्ट्र शक्ति में परिवर्तित करने की यात्रा को और अधिक गति मिलेगी।
पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री बहन मायावती जी का आया बयान
दलित व क्षत्रिय समाज के लोगों को एक ही जगह साथ में रहना है, आपसी सद्भाव रखें,
यह सपाई राजनेता जाति कि राजनीति कर आप दोनों को लड़ाना चाहते हैं,
इन सपाइयों के छल से सावधान रहें,🙏
अखिलेश यादव के घर से 6 सांसद है लेकिन राणा सांगा पर बयान दलितों से दिलवाएंगे😡
सावधान रहे समाज
अब आम दलित अखिलेश यादव की चालाकी को चाल चरित्र और चेहरा को अच्छी तरह से समझ चुका है
तेलंगाना के अन्नया जिला के लक्किरेड्डीपल्ली गांव में 100 परिवारों के पास हिंदुओं का घर है, इनके पास मंदिर नहीं है, ये सभी मजदूरी करते हैं, शाम को घर आकर स्नान करते हैं, तुलसी कोटा के पास बैठते हैं और कुछ देर छोटे-मोटे भजन करते हैं।
ये दो चार भजन गाते है, जिसके लिए इन्हें लाउडस्पीकर तो छोड़िए, माइक की भी जरूरत नहीं है ।
लेकिन 8-3-2025 की सुबह दो कांस्टेबल आये, और कहा आप घर में जो पूजा करते हैं, उससे पड़ोस की मस्जिद के अंदर से माइक में नमाज पढ़ने वालों को दिक्कत होती है ।
इन हिंदुओं ने बस इतना किया कि परिवार के सदस्य शाम को हमारे घर के परिसर में पूजा करते है और ये 👇 पूजा का वीडियो है जो अभी देख रहे हैं।
कांस्टेबल ने कहा कि अगर तुम इसी तरह घर परिसर के अंदर पूजा करते रहे तो हम गैर जमानती केस दर्ज कर देंगे।
क्या हिंदुओं को अपने घर में पूजा करने की आजादी है या इसका फैसला किसी और को करना है?
पूरी वामपंथी इकोसिस्टम अभिनव अरोड़ा को ही ट्रोल करती है उससे ही सवाल किए जाते हैं स्कूल क्यों नहीं गया
यह केरल का वीडियो है
इसे कभी कोई ट्रोल नहीं करेगा कि अबे स्कूल जाने की उम्र में तू यह क्या तकरीर कर रहा है
पूरे दिन एक ही बात दिमाग में घूम रही है कि हुतात्मा तुकाराम जी ने आत्मसमर्पण का नाटक करने वाले कसाब के पास जाने पर जब उसे AK47 ले कर उठते देखा होगा, तो उनके मन में क्या चल रहा होगा?
फिर कसाब ने बंदूक से गोली दागने का मन बनाया और तुकाराम जी ने उसकी नाल कस कर पकड़ ली और गोली को सीने पर सहते रहे ताकि किसी और की जान न जाए। जिसे गोली न लगी हो, या जिसने गोली चलाने के बाद निशाने को क्षत-विक्षत होते न देखा हो, वो शायद गोली लगने की पीड़ा को नहीं जान सकता।
तुकाराम जी भारतीय सेना के पूर्व जवान भी थे जो बाद में ASI बन कर मुंबई पुलिस को सेवाएँ दे रहे थे। उन्हें उस गोली के मायने पता रहे होंगे। और तब कसाब 40 से ज़्यादा गोली दागता चला गया, और तुकाराम ने एक हाथ से बंदूक की नाल और दूसरे से कसाब का कॉलर पकड़े रखा।
ये कहानी सुबह दोबारा पढ़ी तब से दिमाग में वही चल रहा है। आखिर क्या सोचा होगा इस महावीर ने? क्या उसे यह अहसास भी होगा कि उनके इस दुस्साहसिक कार्य से हिन्दुओं का कितना भला होने वाला है? क्या वो जानते होंगे कि इस वीरोचित कृत्य ने कितनी लाशें बिछने से बचा ली होंगी?
दूसरी बात का तो उन्हें भान रहा होगा कि सारी गोलियाँ वही झेल लेंगे तो उनकी मृत्यु तो निश्चित ही होगी, पर कई लोग बच जाएँगे। क्या उनके सामने परिजनों के चेहरे याद नहीं आए होंगे?
पुलिस हमेशा गाली सुनती है इस देश में। अधिकतर संदर्भ में वह सही भी होता है। लेकिन एक तुकाराम ओंबले उसी पुलिस की वर्दी को इतना ऊँचा बना देती है कि वो पूरे देश में पूज्य हो जाती है।
मैं नहीं जानता कि तुकाराम जी के परिवार को मरणोपरांत दिए अशोक चक्र या सीएनजी पम्प से हमने क्या क्षतिपूर्ति की है, लेकिन जब तक तुकाराम जैसे महापुरुष जीवित हैं, यह भारतभूमि सुरक्षित है।
कुछ कार्य वीर करते हैं, कुछ दैवीय शक्तियाँ मदद करती हैं। वरना आँधियाँ तो बहुत आईं हैं, फिर भी सनातन भी बचा हुआ है, भारत भी।
प्रणाम आपको, आपके परिजनों को और मुंबई पुलिस को जिनका उपकार सैकड़ों सालों तक यह धरती याद रखेगी।
हिन्दू समाज सदैव ही आपका ऋणी रहेगा @swamidipankar जी! दो वर्ष हो गए इस ‘भिक्षा यात्रा’ के जिसका लक्ष्य जातिवाद के भाव का अंत और हिन्दुत्व की पहचान को ऊपर लाना है। सामाजिक एकता हेतु निकली यह यात्रा सात राज्यों के 80,00,000 लाख लोगों को ‘हिन्दू होने का संकल्प’ दिलाते हुए आगे बढ़ रही है।
ईश्वर आपको स्वस्थ रखें, आपके हृदय में पल रही एकत्व की ज्वाला जलती रहे, आपका लक्ष्य पूर्ण हो, यही हमारी कामना है।
कई लोग आश्चर्य जाता रहे हैं की मुरादाबाद कुंदरकी में जहां करीब 65 प्रतिशत मुस्लिम है वहां बीजेपी का हिंदू प्रत्याशी कैसे जीत गया
वह लोग भूल रहे हैं कि समाजवादी पार्टी के कैंडिडेट हाजी रिजवान ने कह दिया था की कुंदरकी में यदि हम किसी कुत्ते के गले में भी समाजवादी पार्टी का पट्टा डाल देंगे तो वह कुत्ता भी जीत जाएगा
और जो मुसलमान समाजवादी पार्टी को नहीं देगा वह गद्दार है
इस बयान से मुसलमानो में काफी गुस्सा देखा गया
हेमंत सोरेन जी बता नहीं रहे हैं कि
1. झारखंड अलग राज्य की लड़ाई किस पार्टी की सरकार के खिलाफ लड़ी गई
2. झारखंड में सारे नरसंहार किस पार्टी के शासन में हुए
3. किस सरकार ने शिबू सोरेन को दिल्ली में गिरफ़्तार कर प्लेन की जगह ट्रेन से लाया ताकि पूरे रास्ते में उनका तमाशा बने।
"अभिमन्यु" हाथ नहीं धोता, दांत नहीं मांजता, हमेशा गन्दा बना रहता है... जबकि "आदिल" बहुत अच्छा है और बहुत साफ सफाई से रहता है... "स्वस्थ रहना है तो आदिल की तरह बनो, अभिमन्यु जैसे नहीं"
इशारों में ये पढ़िया जा रहा सेक्युलर भारत के कान्वेंट स्कूलों में.
जबकिं आदिल तो जान ही गन्दगी के लिए ही है
कांग्रेस के दौर में दिल्ली की सबसे बड़ी और गंदी झुग्गी बस्ती का नाम आम्बेडकर नगर रखा गया। सबसे बड़ी दो सड़कों का नाम महात्मा गांधी रोड और जवाहरलाल नेहरू रोड रखा गया और सबसे बड़े चौराहे का नाम राजीव चौक रखा गया।
इस बार में मैं ज़्यादा बात नहीं करता क्योंकि विवाद हो जाएगा।
जवाहरलाल नेहरू अपने परिवार के बच्चों से काफ़ी प्यार करते थे। उन्होंने अपनी पुत्री को राजनीति में जिस तरह आगे बढ़ाया, वह एक मॉडल है। फिर उनकी बेटी ने अपने बेटे को सत्ता में आगे बढ़ाया। उनके दूसरे बेटे से बहू और फिर बहू से बेटे और अब बेटी तक ये परंपरा जारी है।
इसके बाद की पीढ़ी ने भी इस उपचुनाव में प्रचार कर लिया। ये नेहरू परिवार की लगातार छठी पीढ़ी है। सिर झुकाकर सलाम करो कांग्रेसियों। नए बॉस आ गए हैं।
ये अब हमारी राष्ट्रीय परंपरा या समस्या बन गई। यह अब सर्वत्र है। सर्वव्यापी है। कम अपवाद बचे हैं। वे बहुत दमदार लोग हैं जो नेहरू जैसा पिता न होने के बावजूद राजनीति में आगे बढ़ते हैं।
आदरणीय नेहरू जी की याद में हम बाल दिवस मनाते हैं क्योंकि वे अपने बच्चों को प्यार करते थे। 🙏🏽
नेहरू जी का मैं सम्मान करता हूँ और मैं उस स्तर पर नीचे नहीं उतरना चाहूँगा जितना नीचे गिरकर कांग्रेस नरेंद्र मोदी पर निजी हमला करती है।
कांग्रेस ने मोदी को कभी प्रधानमंत्री वाला सम्मान नहीं दिया।
मोदी जी साधारण परिवार के हैं। गुजराती स्कूल में पढ़ने की ही हैसियत थी।
मोदी को कांग्रेस द्वारा नीच बोलने की वजह उनका ओबीसी होना और इलीट जैसी इंग्लिश न बोल पाना ही है।
वरना वंशवाद शुरू करने के लिए तो किसी ने नेहरू को नीच नहीं कहा। कश्मीर या चीन नीति और ग़लतियों के बावजूद किसी ने नेहरू को नीच नहीं कहा। वे आरक्षण के खिलाफ मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखते थे, पर किसी ने उनको नीच नहीं कहा। उनके कारण बाबा साहब को कैबिनेट से इस्तीफ़ा देना पड़ा पर हम लोग उन्हें नीच नहीं कहते। उनकी समाजवादी सुस्त आर्थिक नीति और दोषपूर्ण शिक्षा नीति के कारण देश गरीब रह गया पर इस वजह से कोई उनको नीच नहीं कहता।
कहना भी नहीं चाहिए। पर हम ये कैसे भूल जाएँ कि मोदी को नीच कहा गया।
नेहरू को लेकर तमाम बातें की जा सकती हैं। पर मैं करूँगा नहीं। मैं प्रधानमंत्री पद का सम्मान करता हूँ। नेहरू हम सबके लिए सम्माननीय हैं। सादर नमन। 🙏🏽