זהו ערב קשה מאוד במערכה על עתידנו. לפני זמן קצר שוחחתי עם ראש עיריית ערד, יאיר מעיין, וביקשתי למסור בשם כל אזרחי ישראל את תפילותינו לשלום הפצועים.
הנחתי את מנכ"לית משרדי להגיש את מלוא הסיוע הנדרש יחד עם כל משרדי הממשלה.
אני מחזק את כוחות החירום וההצלה שפועלים כעת בשטח ואני קורא לכולם להישמע להנחיות פיקוד העורף.
אנחנו נחושים להמשיך להכות באויבינו בכל החזיתות.
इलेक्शन में हर तरह के बेमानी हो रही है।लेकिन इलेक्शन कमिशन चुप है और न्यायपालिका भी चुप है। ऐसे में गांधीजी के सत्याग्रह का रास्ता अपनाने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है, अगर लोकतंत्र को बचाना है: ध्ुव राठी
@sudhirchaudhary Hello @sudhirchaudhary, Before blaming Alt News, Why don't you check the status of the govt-run News Channel @DDNewsHindi where you work. Waiting for you to tag your boss who releases your salary.
Also learn how VPN works, If you don't understand, Check with your boss. 🤡
आज भगत सिंह जीवित होते तो ये सरकार उन पर भी रा.सु.का. लगा चुकी होती. उन्हें जेल भेज चुकी होती.
अंधभक्तों की ये सरकार सच्चे देशभक्तों से डरती है.
#BhagatSingh#SonamWangchuk#SonamWangchukArrested
संसद में मोदी सरकार द्वारा पेश किए गए ये आंकड़े बहुजनों की हकमारी और संस्थागत मनुवाद के पक्के सबूत हैं।
केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर के
- ST के 83%
- OBC के 80%
- SC के 64% पद जानबूझकर खाली रखे गए हैं।
वहीं एसोसिएट प्रोफेसर के
- ST के 65%
- OBC के 69%
- SC के 51% पद भी रिक्त छोड़ दिए गए हैं।
ये सिर्फ लापरवाही नहीं, एक सोची-समझी साजिश है - बहुजनों को शिक्षा, रिसर्च और नीतियों से बाहर रखने की।
विश्वविद्यालयों में बहुजनों की पर्याप्त भागीदारी नहीं होने से वंचित समुदायों की समस्याएं रिसर्च और विमर्श से जानबूझकर गायब कर दी जाती हैं।
NFS (Not Found Suitable) के नाम पर हज़ारों योग्य SC, ST, OBC उम्मीदवारों को मनुवादी सोच के तहत अयोग्य घोषित किया जा रहा है और सरकार कोई जवाबदेही लेने को तैयार नहीं।
ये पूरी तरह से अस्वीकार्य है। सभी रिक्त पद तुरंत भरे जाएं - बहुजनों को उनका अधिकार मिलना चाहिए, मनुवादी बहिष्कार नहीं।
आदरणीय जगदीप धनखड जी,
क्या आप अपने घर में बने दफ़्तर का फोटो ट्वीट कर सकते हैं ? इंडिया टीवी कह रहा है कि आपका दफ़्तर सील हुआ है और PIB इसे फेक न्यूज़ बता रहा है। ज़रा झांक कर देखिए और बताइये कि सही बात क्या है।
क्या आपको प्रेस कांफ्रेंस करने की आज़ादी है या आपको लगता है कि प्रेस कांफ्रेंस बुलाएँगे तो कोई आएगा नहीं ?
आपने इस्तीफ़ा क्यों दिया है, किस गोदी चैनल ने सही और सटीक जानकारी दी है, क्या आप देख कर बता सकते हैं ?
फ़िलहाल तीन ही प्रश्न हैं। आपकी गरिमा बोलने से निखरती है। चुप रहने से नहीं। बोल दीजिए सर।
जौनपुर में प्राइमरी स्कूल बंद होने से बच्चे रो रहें है 😭
जिस प्रदेश में बच्चों को स्कूल के लिए रोना पड़े उस प्रदेश का बेड़ागर्क होना तय है
बीजेपी हटाओ
अपने बच्चों का भविष्य बचाओ