इस ट्वीट के साथ संलग्न हैं ।
इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण बात यह है की मैं neet 2023 के एग्जाम हुई अनियमितताओं के विषय में court me case फाइल करने जा रहा हूं। जो भी स्टुडेंट इन अनियमितताओं से प्रभावित हुआ है वो मुझे DM करें।
तथा हमें सपोर्ट करें। @Swamy39@AnkurSharma_Adv
करके महंगे कोचिंग में प्रवेश लेने के लिए बाध्य करती हैं। , ऐसी कुछ पॉलिसी इस प्रकार हैं
1.👉 नीट परीक्षा में तथा बोर्ड की परीक्षा में लगभग 1 महीने का समय अंतराल रखना
2.👉 नीट के सिलेबस में बोर्ड के पाठ्यक्रम से अधिक सिलेबस रखना
Neet 2023 ke छात्रों की कुछ मांगे हैं जो इस
जब से NTA बना है तब से ही मनमानी करते हुए NEET या JEE EXAM के बारे में ऐसी परीक्षा नीति बनाता आ रहा है जो की निजी कोचिंग संस्थानों में तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स तथा कोचिंग इंडस्ट्री को favour करती हैं। तथा सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले गरीब तबके के छात्रों को लाखों रुपया खर्च
NTA helpline पर फोन करके भी पूछा था कि syllabus के बारे में जो कन्फ्यूजन है उसे दूर करे ,लेकिन वो भी कोई जवाब नहीं दे पाए, जब मैने NTA Helpline पर कॉल किया था तो वो बोले की इस बारे में हम senior officer से बात करके आपको कॉल करेंगे। लेकिन उन्होंने कोई कॉल बैक नहीं किया ।
6 मार्च 2023 को NEET का form आया था उसके साथ imformation bulletin में rationalised syllabus के बारे में जो स्टेटमेंट दिया गया है उसके संबंध में मैंने RTI file करके NTA से स्पष्टीकरण मांगा था , लेकिन उस RTI का अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। कई छात्रों ने NEET की परीक्षा के पहले
लिए स्वत: ही बाध्य हो जाएगा। क्योंकि इस हटाये गए 30% पाठ्यक्रम को कवर करने के लिए उसके पास कोई अन्य विकल्प उपलब्ध नहीं है। हटाए गए पाठ्यक्रम की सूची मैं इस ट्वीट के साथ संलग्न कर रहा हूं । इस अतिरिक्त पाठ्यक्रम को self-study के द्वारा भी 1 महीने में आत्मसात करना संभव नहीं है
स्कूल में नियमित उपस्थित रहता है कहां से कवर करेगा। NTA के इस कृत्य का प्रयोजन प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से स्कूल में पढ़ रहे छात्रों को नीट परीक्षा में सफल होने में बाधा उत्पन्न करना करना नजर आता है। जिस कारण से छात्र निजी कोचिंग संस्थान में लाखों रुपया फीस देकर कोचिंग लेने के
फीस वहन नहीं कर सकता वो इस 30 % reduced syllabus को कहां से कवर करेगा। बोर्ड की परीक्षा में बैठने के लिए स्कूल में 75% उपस्थिति का मापदंड भी है, और बोर्ड की परीक्षा तथा नीट की परीक्षा के मध्य लगभग 1 महीने का समय अंतराल होता है अब एक 1 महीने में यह 30% पाठ्यक्रम को वह छात्र जो
"Today, AIJNSA submitted a letter to NHRC highlighting the growing concerns about the mental stress faced by NEET-UG aspirants in India. It is alarming to note the increasing suicide rate among NEET-UG students. @ShikshaDotCom@pallavipathak1@Xpress_edex#NEETUG2023POSTPONE
Let us gather together and make our voices 🗣️ reach everyone 👥. At 7:30, there will be a Twitter meeting/space regarding discussion on the topic "Postponement of Neet 2023." Requesting everyone to join 🙏
https://t.co/NfrOY1eAe2
#postponedneetug2023#NEETUG2023