संविधान सरकार नेता मंत्री सांसद के नजरों में जन्मजात अरबपति ब्राह्मण की दुर्दशा देखी
लालता प्रसाद पांडे का जीर्ण मकान भी ढह गया, परिवार खुले आसमान के नीचे
प्रतापगढ़ चार दिनों से जीर्ण-शीर्ण अवस्था में खड़ा लालता प्रसाद पांडे का मकान आखिरकार धराशायी हो गया। घर में पानी भर जाने के बाद अचानक ढह गए मकान से परिवार के तीन सदस्यों की जान गनीमत से बच गई। वे बाहर खाना खा रहे थे, तभी घर अपने आप गिर गया।
अचानक हुए इस हादसे के बाद लालता प्रसाद पांडे, उनकी पत्नी और एक बेटी खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। बरसात के मौसम में परिवार ने प्लास्टिक की पन्नी तानकर अस्थायी तंबू बना लिया है। इसी तंबू में वे कठिनाई भरा जीवन जी रहे हैं।
लालता प्रसाद पांडे ने शिखर न्यूज़ नेटवर्क से मदद की अपील की है। उन्होंने बताया कि मकान बहुत पुराना और जर्जर हो चुका था। लगातार बारिश और पानी भरने से वह एक दिन अचानक ढह गया। परिवार के पास फिलहाल रहने का कोई ठोस इंतजाम नहीं है।
स्थान: यह मामला प्रतापगढ़ जिले के बाबागंज विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कुटुलिया रायगढ़ ग्राम सभा का है।
शिखर न्यूज़ नेटवर्क लालता प्रसाद पांडे की इस पीड़ा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह खबर प्रकाशित कर रहा है। सामाजिक संस्थाओं, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और दयालु नागरिकों से अपील है कि वे इस जरूरतमंद परिवार की सहायता करें, ताकि वे बारिश में खुले आसमान के नीचे जीवनयापन करने से बच सकें।
लालता प्रसाद पांडेय S/O स्व रामचंद्र
पता - कुटिलिया, रायगढ़ ग्रामसभा, बाबागंज विधानसभा
तहसील - कुंडा
जिला - प्रतापगढ़
मो. 80095 00500
निशु आजाद:- नफरती लड़की है, सदैव गलत बयानबाजी ओर नफरत फैलाती है...
गाजियाबाद जिस सोसाइटी में निशु रहती है, उस सोसाइटी के लोग उसकी तारीफ करते हुए...
#ReservationReformआंदोलन
बीकानेर में राजस्थान के मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp के रोड शो के दौरान ' UGC रोल बैक ' के नारे लगे 😭
जहां भी जा रहे हैं बीजेपी वाले, बस बेइज्जत हो रहे हैं 😀🤦
भजनलाल शर्मा जी सवर्ण मुख्यमंत्री है लेकिन मजाल है कि यूजीसी और आरक्षण के खिलाफ एक शब्द बोल दें क्योंकि सत्ता की मलाई जो खानी है 😭
अपडेट 🚨
जंतर मंतर पर UGC और आरक्षण हटाओ आंदोलन के लिए परमीशन को लेकर आज करणी सेना ने दिल्ली हाईकोर्ट में जो याचिका लगाई थी उस पर आज सुनवाई थी।
दिल्ली हाईकोर्ट के जज स्वर्ण कांता शर्मा ने दिल्ली पुलिस को 14 सितंबर तक पुलिस को करणी सेना के परमीशन वाले आवेदन पर फैंसला देने को कहा है, कोर्ट ने कहा है कि आप शर्तों पर परमीशन दे सकते हो लेकिन प्रदर्शन नहीं रोंक सकते हो, हालांकि करणी सेना 20 सितंबर को जंतर मंतर पर प्रदर्शन करना चाहतीं है उससे पहले 14 सितंबर तक पुलिस को निर्णय लेने के लिए कहा गया है।
कोर्ट ने यह भी पूछा है कि अभी दिल्ली पुलिस ने उनके आवेदन पर निर्णय क्यों नहीं लिया तो सरकार की तरफ से पेश वकील ने कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन की वजह से परमीशन नहीं दी गई थी।
हांलांकि अब परमीशन मिलेगी, और दिल्ली में बहुत बड़ा प्रदर्शन UGC और आरक्षण हटाओ आंदोलन को लेकर किया जाएगा।
ये तो होना ही था!
दलित भाइयों के नाम पर राजनीति और उनके अधिकारों की बात करने वाले नेताओं से अब असली सवाल पूछे जा रहे हैं।
जब जमीन पर हालात ये हों कि मेहनतकश लोग आज भी ₹200 की दिहाड़ी के लिए मजबूर हों, तो सिर्फ भाषणों और राजनीति से पेट नहीं भरता।
शारदा यूनिवर्सिटी में उठे सवाल शायद शुरुआत हैं…
अब जनता हिसाब भी मांगेगी और जवाब भी।
देखना दिलचस्प होगा कि आगे क्या होता है।
जिसने माता सरस्वती और हमारे आराध्य का अपमान किया है, उस पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
अफसोस ये है कि आज हम अगाड़ी-पिछड़ा और दलित के नाम पर इतने बंट गए हैं कि अपने मूल तत्व सनातन के अपमान को भी सहने लगे हैं।
— हरी माझी
पूर्व सांसद, गया, बिहार
•.मुझे लगता है कि अब BBC का नाम बदलकर “मोदी और ज्ञानेश कुमार का Nightmare” कर देना चाहिए
•भाई ने अकेले ही 5,500 करोड़ के पार्टी चंदा घोटाले को बेनकाब कर दिया 😭
•ज्ञानेश कुमार, अगर ज़रा-सी भी शर्म बाकी है, तो अपने पद से इस्तीफा दे दीजिए।
स्वतंत्र भारद्वाज स्वतंत्र था स्वतंत्र है स्वतंत्र ही रहेगा 🔥🔥
तुम कितने भी केस कर लो नीले कबूतरों, कोर्ट में प्रूव कैसे करोग़े?😆
बस कुछ दिन की बात है फिर बाहर आयेगा हिंदू शेर 🔥
शुभ रात्रि मित्रो 🙏
हरिद्वार में नज़ारा देखने लायक है...
सामान्य वर्ग का उत्पीड़न करने वाले होश में आएं..
UGC Rollback की मांग को लेकर सवर्ण समाज के लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए।
#ReservationReformआंदोलन
पता नहीं कितने लोगों को यह बात समझ आएगी, लेकिन फिर भी कोशिश करते हैं।
SC/ST समुदाय को समझना होगा—SC/ST एक्ट के दुरुपयोग को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। अगर यह मुद्दा इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका सामाजिक असर आपको भी भुगतना पड़ सकता है।
इसका असर नौकरी, मकान और दोस्ती जैसे रोज़मर्रा के अवसरों पर भी पड़ सकता है।
राजनेता आएँगे-जाएँगे, लेकिन भविष्य आपका है। वोट बैंक के लिए उन्हें आपके भविष्य से खिलवाड़ मत करने दीजिए।
दुरुपयोग के खिलाफ आज ही आवाज़ उठाइए। अभी देर नहीं हुई है।
ये चिराग पासवान की पार्टी का
राजीव पासवान है कह रहा है
जो आरक्षण छूने की कोशिश करेगा, उसकी ईंट से ईंट बजा देंगे! जैसे पासी समाज सुअर को काटता था, वैसे ही तलवार, खंजर निकाल के लड़ाई लड़ेंगे!"
इसकी एक बात से सहमत है कि खंजर से काट डालेगा
क्योंकि इसकी जाति को उन्हीं अंग्रेजों ने खानदानी चोर डाकू लुटेरा घोषित किया था जिनकी सरकार में खुद अंबेडकर मंत्री बन कर सुविधाएं खाए थे
इसकी दूसरी बात गलत है आरक्षण कोई अधिकार नहीं है ये सिर्फ एक अपवाद और टेंपरेरी व्यवस्था है
अब इसे जल्दी ही हम लोग खत्म कर देंगे
@neha_laldas सवर्णों को ऐसी छोटी छोटी टोली बनाकर गांव गांव घूम कर यह संदेश देना चाहिए कि भाजपा को वोट नहीं देना चाहिए क्यों कि इनके नेता हमलोगों के लिए कोई काम नहीं करते हैं।
"जिनको हम चुनकर अपना अगुवा बनाकर भेजते हैं, वो जब हमारी बात ही नहीं उठाएगा तो हम वोट क्यों करें? हम वोट ही नहीं करेंगे! हम वोटिंग का बहिष्कार करेंगे"
-कहना है सवर्ण बुजुर्ग का
सवर्ण समाज का ये असंतोष अब जमीन तक भी पहुँच चुका है कि हमारा संसद में कोई प्रतिनिधित्व ही नहीं!
नेताओं को अब सोचना होगा, कि अपने लालच में किसी को इतना मत दबाओ कि प्रतिकार के सिवा कोई रास्ता ना बचे!
CJP वाले आशुतोष रांका पर राजस्थान में Sc St Act लगा, राहुल गांधी पर उत्तराखंड में Sc St Act लगा, दोनों केस में गिरफ्तारी का नामोनिशान नहीं। लेकिन स्वतंत्र भारद्वाज के तीन महीने पुराने मामले में अचानक Sc St Act जोड़ दिया गया और उसी दिन गिरफ्तारी भी हो गई। अब बताओ, कानून एक है या हर शख्स के लिए अलग-अलग ड्राफ्ट छपवाया जाता है?
संविधान सबके लिए बराबर है, ये किताब में लिखा है। लेकिन अमल में देखो तो एक तरफ कोई गिरफ्तार ही नहीं होता, दूसरी तरफ पुराना केस अचानक जीवित हो जाता है।
अगर कानून का यही हाल रहा तो लोग पूछेंगे ही कि ये संविधान सबके लिए एक है या सिर्फ कागज पर छपा हुआ है।