Dhruv Rathee and the CJP team are pushing the youth to the streets.
But if things go wrong, you will face the batons and tear gas while they safely build their political careers.
Stop being puppets for someone else's political ambition. If you want real change, question your local corrupt MLAs instead of creating manufactured anarchy.
Focus on your future. Don't become collateral damage.
#DhruvRathee #CJP #JantarMantar #IndianPolitics #Protest
@RailMinIndia@WesternRly
Before COVID,Train Nos.12903/12904 benefited Bharuch commuters. Currently, this stoppage has been removed. 250+ daily commuters travel from Vadodara to Bharuch for work are facing difficulty. Kindly restore this halt to help us.
#GoldenTempleMail4Bharuch
सूर्यवंशी भगवान श्री राम के आलोक से विश्व के सभी भक्तगण सदैव ऊर्जा प्राप्त करते हैं।
आज अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर मेरा ये संकल्प और प्रशस्त हुआ कि भारतवासियों के घर की छत पर उनका अपना सोलर रूफ टॉप सिस्टम हो।
अयोध्या से लौटने के बाद मैंने पहला निर्णय लिया है कि हमारी सरकार 1 करोड़ घरों पर रूफटॉप सोलर लगाने के लक्ष्य के साथ “प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना” प्रारंभ करेगी।
इससे गरीब और मध्यम वर्ग का बिजली बिल तो कम होगा ही, साथ ही भारत ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बनेगा।
एक दिन कॉलेज में प्रोफेसर ने विद्यर्थियों से पूछा कि इस संसार में जो
कुछ भी है उसे भगवान ने ही बनाया है न?
सभी ने कहा, “हां भगवान ने ही बनाया है।
प्रोफेसर ने कहा कि इसका मतलब ये हुआ कि बुराई भी भगवान की बनाई चीज़ ही है।
प्रोफेसर ने इतना कहा तो एक विद्यार्थी उठ खड़ा हुआ और उसने कहा
कि इतनी जल्दी इस निष्कर्ष पर मत पहुंचिए सर।
प्रोफेसर ने कहा, क्यों? अभी तो सबने कहा है कि सबकुछ भगवान का
ही बनाया हुआ है फिर तुम ऐसा क्यों कह रहे हो?
विद्यार्थी ने कहा कि सर, मैं आपसे छोटे-छोटे दो सवाल पूछूंगा। फिर उसके बाद आपकी बात भी मान लूंगा।
प्रोफेसर ने कहा, " पूछो।"
विद्यार्थी ने पूछा , "सर क्या दुनिया में ठंड का कोई वजूद है?
प्रोफेसर ने कहा, बिल्कुल है। सौ फीसदी है। हम ठंड को महसूस करते हैं।
विद्यार्थी ने कहा, "नहीं सर, ठंड कुछ है ही नहीं। ये असल में गर्मी की अनुपस्थिति का अहसास भर है। जहां गर्मी नहीं होती, वहां हम ठंड को महसूस करते हैं।
प्रोफेसर चुप रहे।
विद्यार्थी ने फिर पूछा, "सर क्या अंधेरे का कोई अस्तित्व है?
प्रोफेसर ने कहा, "बिल्कुल है। रात को अंधेरा होता है।
विद्यार्थी ने कहा, "नहीं सर। अंधेरा कुछ होता ही नहीं। ये तो जहां रोशनी नहीं होती वहां अंधेरा होता है।
प्रोफेसर ने कहा, "तुम अपनी बात आगे बढ़ाओ।
विद्यार्थी ने फिर कहा, "सर आप हमें सिर्फ लाइट एंड हीट (प्रकाश और ताप) ही पढ़ाते हैं। आप हमें कभी डार्क एंड कोल्ड (अंधेरा और ठंड) नहीं पढ़ाते। फिजिक्स में ऐसा कोई विषय ही नहीं। सर, ठीक इसी तरह ईश्वर ने सिर्फ अच्छा-अच्छा बनाया है। अब जहां अच्छा नहीं होता,
वहां हमें बुराई नज़र आती है। पर बुराई को ईश्वर ने नहीं बनाया। ये सिर्फ अच्छाई की अनुपस्थिति भर है।
दरअसल दुनिया में कहीं बुराई है ही नहीं। ये सिर्फ प्यार, विश्वास और ईश्वर में हमारी आस्था की कमी का नाम है।
ज़िंदगी में जब और जहां मौका मिले अच्छाई बांटिए। अच्छाई बढ़ेगी तो बुराई होगी ही नहीं।
उन्हें नेत्रहीन क्यों कहा जाता है? आज 75 वर्ष के हो चुके महान गुरुदेव जन्म से अंधे हैं। स्कूल में हर कक्षा में उन्हें 99% से कम अंक नहीं मिले। उन्होंने 230 किताबें लिखी हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि श्री राम जन्मभूमि मामले में उन्होंने हाई कोर्ट में 441 साक्ष्य देकर यह साबित किया कि भगवान श्री राम का जन्म यहीं हुआ था।
उनके द्वारा दिये गये 441 साक्ष्यों में से 437 को न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। उस दिव्य पुरुष का नाम है जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य। 300 वकीलों से भरी अदालत में विरोधी वकील ने गुरुदेव को चुप कराने और बेचैन करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उनसे पूछा गया था कि क्या रामचरित मानस में रामजन्मभूमि का कोई जिक्र है?
तब गुरुदेव श्री रामभद्राचार्यजी ने संत तुलसीदास की चौपाई सुनाई जिसमें श्री रामजन्मभूमि का उल्लेख है। इसके बाद वकील ने पूछा कि वेदों में क्या प्रमाण है कि श्रीराम का जन्म यहीं हुआ था? जवाब में श्री रामभद्राचार्यजी ने कहा कि इसका प्रमाण अथर्ववेद के दूसरे मंत्र दशम कांड के 31वें अनुवाद में मिलता है। यह सुनकर न्यायाधीश की पीठ ने, जो एक मुस्लिम न्यायाधीश था, कहा, “सर, आप एक दिव्य आत्मा हैं।”
जब सोनिया गांधी ने अदालत में हलफनामा दायर किया कि राम का जन्म नहीं हुआ था, तो श्री रामभद्राचार्यजी ने तत्कालीन प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर कहा, "आपके गुरु ग्रंथ साहिब में राम का नाम 5600 बार उल्लेखित है।" ये सारी बातें श्री रामभद्राचार्यजी ने मशहूर टीवी चैनल के पत्रकार सुधीर चौधरी को दिए एक इंटरव्यू में बताई हैं।
इस नेत्रविहीन संत महात्मा को इतनी सारी जानकारी कैसे हो गई, यह एक आम आदमी की समझ से परे है। वास्तव में वे कोई दैवीय शक्ति धारण करने वाले अवतार हैं। उन्हें नेत्रहीन कहना भी उचित नहीं है। क्योंकि एक बार प्रधान मंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने उनसे कहा कि "मैं आपके दर्शन की व्यवस्था कर सकती हूं।" तब इस संत महात्मा ने उत्तर दिया, "मैं दुनिया नहीं देखना चाहता।"
वह इंटरव्यू में आगे कहते हैं कि मैं अंधा नहीं हूं। मैंने अंधे होने की रियायत कभी नहीं ली। मैं भगवान श्री राम को बहुत करीब से देखता हूं।' ऐसी पवित्र, अद्भुत प्रतिक्रिया को नमन है, रामभक्त जय श्री राम।
ऐसे संतो की वजह से ही सनातन हमारी संस्कृति और अस्तित्व टिका हुआ है ऐसे कई संत हैं उनका हमेशा मान रखें 🙏
सत्य सनातन धर्म की जय,जय श्रीराम, जय गोविंदा ❤️🕉️
शास्त्रों के अनुसार मनुष्य को पांच ऋण चुकाने होते हैं।
1. माता का ऋण
2. पिता का ऋण
3. गुरु का ऋण
4. धरती का ऋण
5. धर्म का ऋण
1. माता का ऋण चुकाने के लिये कन्या दान करना चाहिए।
2. पिता का ऋण चुकाने के लिए संतान उत्पति करनी चाहिए।
3. गुरु का ऋण चुकाने के लिए लोगों को शिक्षित करना चाहिए।
4. धरती का ऋण चुकाने के लिए कृषि करना चाहिए या पेड़ लगाना चाहिए।
5. धर्म का ऋण चुकाने के लिए धर्म का प्रचार प्रसार करना चाहिए।
सनातन शिक्षा, अध्यात्म व धर्म का प्रचार प्रसार करें विश्व की आधिकांश समस्याएँ स्वतः समाप्त हो जाएगी।
न फ र त नहीं हम प्रेम के आदि हैं
गर्व से कहो हम हिन्दुत्ववादी हैं 🚩
एक अति आवश्यक सुझाव 🙏
जब कभी भी भण्डारे का आयोजन करें तो कृपया उसमें एक ऐसा व्यक्ति जरूर रखें जो भण्डारे में प्रसाद ग्रहण करने आने वालों को पहले तिलक लगाए। इस प्रकार से भंडारे में आने वाला हर आदमी आदर पाकर बहुत गर्वित होगा एवं हर हिन्दू में तिलक लगाने की परम्परा फैलेगी।
मैंने अपने शहर में देखा है कि-
मंगलवार या शनिवार को बहुत जगह एक साथ भंडारा होता है, जिसमें मुसलम!न के अनगिनत बच्चे पॉलिथीन बैग लेकर बहुत सारा भोजन इकट्ठा कर अपनी मुर्गी, बकरी को खिलाने के लिए संग्रह करते हैं। अधिकांश मुसलम!न क!फिर का प्रसाद नहीं खाते बल्कि उसे घर ले जाकर पशुओं को खिलाते हैं।
यदि तिलक लगाने की परंपरा की शुरुआत कर दी जाए और तिलक लगने के बाद भंडारा प्रसाद दिया जाए तो...
दो अच्छी बातें होंगी :-
१. प्रथम- गाय खाने वाला मुसलम!न या अन्य कुपात्र भंडारे से प्रसाद लेने के लिए तिलक लगवाने से दूर भागेगा, इससे पवित्र प्रसाद (अन्नपूर्णा) का अपमान नहीं होगा।
२. दूसरा- दुबारा लाइन में लगकर बैग भरकर घर ले जाकर दुरूपयोग करने वाले तिलक लगा रहने से पहचान में आ जाएंगे।
३. प्रसाद उन सभी तक पहुचेगा जो आदर सत्कार से ग्रहण करेगा ।
४. और हिन्दू समाज में धीरे-धीरे जागृति का भाव भी जागेगा।
अपने हिंदुत्व की रक्षा व पहचान के लिए एक बहुत ही सामान्य उपाय करो- तिलक लगाने और चोटी रखने की परंपरा को पुनर्जीवित करो।
कई लोग सोशल मीडिया को बहुत हल्के में लेते हैं। लेकिन मैं आपको परिणाम बताता हूं।
इसे पढ़ने के लिए एक मिनट का समय दें :-
१. हिंदुओं की एकता से पूरा बॉलीवुड दबाव में है।
२. हिंदुओं की एकता के कारण लव जिह!द को 50% तक सीमित कर दिया गया और यह कई राज्यों में कानून बन गया।
३. हिंदुओं की एकता के कारण अब विपक्ष भी हिंदू बनने के लिए जद्दोजहद कर रहा है।
४. हिंदुओं की एकता के कारण कई जगहों पर जिह!दी कारोबार बंद हुआ है।
५. हिंदू एकता के कारण व्हाट्सएप, फेसबुक पर हमारे त्योहारों और संस्कृति के बारे में चुटकुले 80% बंद हो गए ।
६. हिंदू एकता के कारण हिंदू धर्म के खिलाफ बोलने वाले 70% लोग शांत हो गए हैं।
७. हिंदू उतने शांत नहीं हैं जितने पहले हुआ करते थे, वे हर बात का विरोध कर रहे हैं।
फेसबुक और व्हाट्सएप पर भले ही हर हिंदू के कम से कम 200 हिंदू दोस्त हों, उसके हिसाब से आप अपने विचारों को 10 लाख से ज्यादा लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
इसलिए अगर लिख नहीं सकते तो कम से कम जो बोल और लिख रहा है उसके विचारों को फॉरवर्ड, शेयर, कॉपी करते रहें।
आपके सोशल मीडिया पर हिंदू धर्म के प्रति जागरूकता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है इसलिए धर्मनिरपेक्ष हिंदू भी अपने धर्म के बारे में सोच रहे हैं।
विरोधियों ने भी हिंदुओं की ताकत पर ध्यान दिया है।
सोशल मीडिया पर मेहनत करते रहें, आपकी ताकत बढ़ रही है। मैं पूरा श्रेय मोदी, योगी को दूंगा।
इससे हिंदुओं को एक अदृश्य शक्ति मिली है ध्यान दें कि विदेशों से भी लाखों लोग हमारे धर्म में आ रहे हैं अपने लोगों को जोड़ते रहें और ऐसी धार्मिक जागरूकता पैदा करें। जाति भेद को भूल कर एक दूसरे की मदद करें यदि आप एक हैं, तो भारत स्वतः ही एक हिंदूराष्ट्र घोषित हो जाएगा।
यदि यह मैसेज अच्छा लगे तो ज्यादा से ज्यादा रिपोस्ट करें।
⚠️ Graphic Visuals ⚠️
"If Buffaloes Can Be Slaughtered, Why Not Cows?", Karnataka CONgress Minister K Venkatesh.
"Arrest, prosecute 'Gau Rakshaks', Priyank Kharge, Karnataka CONgress Minister.
Still Brave Gau Rakshaks risked their lives and caught Muslims illegally transporting slaughtered cows.
As per local Gau Rakshaks there is 800% increase in Cow smuggling and illegal killing since CONgress came to power. Farmers have lost crores due to Cow Robbery.
What have you done Freebie loving Hindus? What have you done?
Families and soldiers stood in funerals for their loved ones today, with explosions of falling rockets in the background. This is Israel’s reality—sirens cutting through the silence of our grief.