Bas itni hi hasti hai meri,
Ki mera chala jaana unki zindagi me kaamyaabi k pal de gya,
Mera suspend ho jaana unke astitv ka ghamand ban gya...
Javab milega, Karaara javab milega 🔥
लोकतंत्र का चीरहरण @ECISVEEP
मौन?
छिबरामऊ में ग्राम प्रधान विपिन द्विवेदी ‘जाटव समाज’ के लोगों को वोट ना देने की धमकी दे रहा है और अपनी मर्जी के अनुसार BJP को मतदान करने का दबाव बना रहा है।
📍कन्नौज लोकसभा
!! 21 बार क्षत्रिय विहीन धरा !!
आज से कुछ वर्ष पूर्व तक परशुराम जयंती नहीं मनाई जाती थी।
न तो ब्राह्मण मनाते थे और न ही कोई अन्य जाति।
परन्तु इन कुछ वर्षों में इसे मनाने की आवश्यकता क्यों हुई?
इसे मनाने का कारण केवल जातिय श्रेष्ठता है और कुछ नहीं।।।
अब कुछ लोग कहेंगे की ये विष्णु के अवतार थे इसलिए मना रहे हैं। ये भी तो भगवान हीं थे....।
तो भई इतने वर्षों से क्यों नहीं? क्या पहले वे विष्णु के अवतार नहीं थे? क्या पहले वे भगवान नहीं थे?
क्या पहले से तुम्हें पता नहीं था?
और एक बात मैं क्लियर करना चाहता हूँ कि प्रत्येक अवतार का कुछ न कुछ उद्देश्य होता था. किन्तु परशुराम अवतार का क्या उद्देश्य था?
केवल क्षत्रियों को मारना।
अब मुद्दे पर आते हैं।
क्षत्रियों से 21 बार धरा मुक्त करने के लिए ही न परशुराम का अवतार हुआ था?
वरना उनके जीवन का कोई एक श्रेष्ठ काम बताओ?
एक - दो बार नहीं बल्कि 21 बार धरती को क्षत्रिय विहीन कर दिया।
अरे भई यदि सहस्त्रार्जुन (सहस्त्र बाहु ) ने गाय के लिए तुम्हारे पिता का वध कर दिया, तो तुमने भी क्रोध में आकर उसका वध कर दिया बात खत्म।
फिर उसके पुरे निर्दोष परिवार, सगे संबंधियों, वंश तथा क्षत्रियों का नाश कर दिया। इससे भी जी नहीं भरा तो 21 बार इस धरा को क्षत्रियों के खून से सिंचा...।
इतना क्रूर???
ऐसे निर्दयी कोई भगवान हो सकता है क्या?
इस पोस्ट के बाद ब्राह्मण तो छोड़िये, क्षत्रिय हीं हमसे सैकड़ों सवाल करेंगे। मुझे पता है सवाल क्या -क्या हो सकते हैं.
(लोगों के सवाल और मेरे जबाव )
✍️ परशुराम ने केवल हैहैयवंशी क्षत्रियों का वध किया था न कि सबका....
उत्तर - अगर हैहयवंशी क्षत्रिय का भी वध किया तो क्यों?
किसी एक की सज़ा उस पुरे हैहयवंश को क्यों?
यदि सहस्त्रबाहु ने गलती की, उसे मृत्युदंड दे दिया गया, फिर उसके पुरे परिवार और कुल को क्यों खत्म किया गया? वो भी एक दो नहीं बल्कि 21 बार।
राम ने तो केवल दोषियों को मारा।
विभीषण निर्दोष था तो उसको नहीं मारा।
( व्याख्या :- हैहयवंश को मारा यह एक मनगढंत कहानी है. क्योंकि इस वंश का जिक्र न तो वाल्मीकि रामायण में है और न ही महाभारत में। वाल्मीकि रामायण तथा रामचरित मानस में तो स्पष्ट हीं क्षत्रियों का वध लिखा है न की हैहयवंशीयों का। जनकपुर ( मिथिला )में जब शिव धनुषभंग हुआ तब परशुराम वहाँ उपस्थित हुए...। फिर लक्ष्मण और परशुराम का संवाद हुआ जिसमें परशुराम ने लक्ष्मण को धमकी भरे लहजे में क्या बोला की तू भूल रहा है तो याद कर की मैंने इन्ही परशु से 21 बार धरती कि प्यास क्षत्रियों के रक्त से बुझाई है. वहाँ उन्होंने ये तो नहीं कहा की हैहयवंशी से धरती की प्यास बुझाई है। हाँ ये बात अलग है कि क्षत्रियों के क्रोध के शिकार होने से बचने के लिए एक -आध पुराणों में बाद में ये कथा जोड़ी गई की परशुराम ने क्षत्रियों का नहीं बल्कि हैहयवंशी क्षत्रियों का वध किया....। और इस कथन में भी क्षत्रियों को नीचा हीं दिखाया.... यह कहकर की हैहयवंशी क्षत्रियों की उत्पत्ति हैय यानि घोड़े से हुई है।
कहीं कहीं तो इन पाखण्डियों ने यहाँ तक लिख डाला की जब धरा क्षत्रिय विहीन हो गई तब फिर परशुराम ने क्षत्राणीयों को बच्चा दिया.....!
इनकी जो मर्ज़ी में आया इन्होंने लिखा। क्योंकि लिखना तो इन्ही का काम था।)
!! तर्क !!
1. एक समय में विष्णु के दो अवतार कैसे?
2. परशुराम द्वारा 21 बार क्षत्रियों की हत्या के बाद वे त्रेता में राम से मिले और द्वापर में भीष्म से तो ये सब क्षत्रिय कहाँ से आये?
3. जनकपुर सभा में जब धनुष टूटने के बाद परशुराम गए तो सारे क्षत्रिय भयभीत क्यों हुए... यदि उन्होंने केवल हैहयवंशी को मारा था?
4. जब हैहयवंशीयों का नाश 21 बार कर दिया तो फिर उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश में वर्तमान में हैहयवंशी क्षत्रिय कहाँ से आये?
5. क्या एक बार में खत्म करने के बाद -बार 21 बार हत्या क्यों करनी पड़ी? क्या परशुराम एक बार में सक्षम नहीं थे या फिर क्षत्रिय कोई रक्त बीज था?
Note -लिखने का काम ब्राह्मणों का हुआ करता था इसलिए जो भी उसे ठीक लगा उसने किया।
क्षत्रियों को भरसक नीचा दिखाया।।।
✍️मेरी व्यक्तिगत सोच
परशुराम ने 100-50 क्षत्रियों को मारा होगा। लेकिन क्षत्रियों को नीचा दिखाने और परशुराम का महिमा मंडन करने के लिए जानबूझकर 21 बार वाला मैटर जोड़ा गया होगा।
क्षत्रियों को मारने का सामर्थ्य ब्राह्मणों में हो हीं नहीं सकता।
@ShriAdyaShri@RSSorg@NIA_India@PMOIndia@HinduAmerican@SuhagAShukla@RSSorg @realpanjab7 @tribal_kang
#hinduism #HinduRashtra
@TribalKang @MirchaaSingh भाई साहब मुझे तो अभी अभी गुप्त सनातनी सूत्रों से पता चला है कि महादेव ने गणेश को सिर्फ़ हाथी का सर ही लगाया था
भक्तों को शिवलिंग देने के बाद हाथी का लिंग अपनी जगह में लगा लिया था
जगह जगह शिवलिंग, कहाँ गया हाथी लिंग ?
@TribalKang @MirchaaSingh भाई साहब मुझे तो अभी अभी गुप्त सनातनी सूत्रों से पता चला है कि महादेव ने गणेश को सिर्फ़ हाथी का सर ही लगाया था
भक्तों को शिवलिंग देने के बाद हाथी का लिंग अपनी जगह में लगा लिया था
जगह जगह शिवलिंग, कहाँ गया हाथी लिंग ?
@TribalKang @MirchaaSingh भाई साहब मुझे तो अभी अभी गुप्त सनातनी सूत्रों से पता चला है कि महादेव ने गणेश को सिर्फ़ हाथी का सर ही लगाया था
भक्तों को शिवलिंग देने के बाद हाथी का लिंग अपनी जगह में लगा लिया था
जगह जगह शिवलिंग, कहाँ गया हाथी लिंग ?
@TribalKang @MirchaaSingh भाई साहब मुझे तो अभी अभी गुप्त सनातनी सूत्रों से पता चला है कि महादेव ने गणेश को सिर्फ़ हाथी का सर ही लगाया था
भक्तों को शिवलिंग देने के बाद हाथी का लिंग अपनी जगह में लगा लिया था
जगह जगह शिवलिंग, कहाँ गया हाथी लिंग ?