बारिश की हर बूँद स्वीकार है, मगर मासूमों पर अन्याय स्वीकार नहीं, जिन्होंने अन्याय किया वो कितने ही ताकतवर क्यों ना हो, उनके पीछे कितनी बड़ी शक्ति क्यों ना हो, लेकिन जवाब देना ही होगा।
महापुरुषों के विचार ही मेरे संघर्ष की ताक़त ह��ं। जय भीम, जय भारत।
अध्यापक भर्ती 2022 पुनः परिणाम में प्रभावित शिक्षकों के स्थायीकरण को लेकर आगामी दिनों में जयपुर में माननीय शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर जी और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी जी से शिक्षक साथियों के साथ मुलाकात का कार्यक्रम रहेगा।
@educationnagari@JATbera1@Dadarwal7
3 मिनट की झपकी एक ईमानदार इंसान की इज़्ज़त लगभग छीन लेती**
रात 2:13 बजे — सिल्वर ओक रेजिडेंसी
सिक्योरिटी गार्ड रामकिशन मुख्य गेट पर चुपचाप बैठा था।
कई वर्षों में पहली बार उससे गलती से आँख लग गई।
सिर्फ तीन मिनट के लिए।
ठीक उसी समय सोसाइटी के चेयरमैन का बेटा अपनी कार लेकर अंदर आया। उसने रामकिशन को सोते हुए देखा, मुस्कुराया, मोबाइल निकाला और वीडियो ��नाने लगा।
"देखो इस आदमी को," उसने कहा, "हमारी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेकर पैसे ले रहा है और यहाँ सो रहा है।"
कुछ ही मिनटों में वह वीडियो सोसाइटी के व्हाट्सऐप ग्रुप में डाल दिया गया।
सुबह होते-होते टिप्पणियों की बाढ़ आ गई—
❌ "इसे तुरंत नौकरी से निकाल दो।"
❌ "यह घोर लापरवाही है।"
❌ "ऐसे लोग इस काम के लायक नहीं हैं।"
150 से अधिक संदेश आए।
लेकिन एक भी व्यक्ति ने यह नहीं पूछा कि वह सो क्यों गया था।
**सुबह 6:05 बजे**
रामकिशन को सोसाइटी ऑफिस बुलाया गया।
चेयरमैन ने मेज़ पर हाथ पटकते हुए कहा—
"क्या तुम्हें यह नौकरी करनी भी है या नहीं?"
रामकिशन ने चुपचाप अपनी टोपी उतार दी।
उसकी आँखें थकान से लाल और सूजी हुई थीं।
फिर वह धीरे से बोला—
"सर, म��ंने कल दोपहर 2 बजे ड्यूटी शुरू की थी।"
"दूसरे गार्ड की तबीयत खराब थी, इसलिए एजेंसी ने उसकी शिफ्ट भी मुझे करने को कहा। बदले में 300 रुपये अतिरिक्त देने का वादा किया था।"
"रात करीब 1 बजे मैंने तीन लड़कों को पीछे की दीवार फाँदकर अंदर आने की कोशिश करते हुए भगाया।"
"फिर 1:45 बजे एक निवासी ने मुझसे अपने कुत्ते ब्रूनो के लिए दूध गर्म करने को कहा।"
"2:10 बजे जाकर मुझे एक मिनट बैठने का समय मिला... और मेरी आँख लग ��ई।"
कमरे में सन्नाटा छा गया।
रामकिशन ने आगे कहा—
"मेरी तनख्वाह 12,000 रुपये महीना है।"
"4,000 रुपये किराए में चले जाते हैं।"
"2,000 रुपये गाँव में अपने माता-पिता को भेजता हूँ।"
"बाकी से पत्नी और दो बच्चों का गुज़ारा चलता है।"
"मेरा बेटा 9वीं कक्षा में पढ़ता है।"
"मैं रोज़ उससे कहता हूँ— बेटा, मन लगाकर पढ़ाई करना। वरना ज़िंदगी तुम्हें भी किसी और के दरवाज़े पर सारी रात जागकर खड़े रहने को मजबूर कर देगी।"
वह कुछ पल रुका।
फिर सबकी ओर देखकर बोला—
"आप लोगों ने मेरी कमजोरी के तीन मिनट रिकॉर्ड कर लिए।"
"लेकिन पिछले आठ वर्षों में मैंने जो हज़ारों रातें जागकर इस सोसाइटी की सुरक्षा की हैं, उन्हें किसी ने रिकॉर्ड नहीं किया।"
"अगर इंसान को कभी थकना ही नहीं होता, तो भगवान उसे मशीन बनाकर भेजते।"
���मरे में मौजूद कोई भी व्यक्ति उसकी आँखों में आँखें डालकर नहीं देख सका।
उस शाम सोसाइटी के नोटिस बोर्ड पर एक नया आदेश लगाया गया—
✔️ हर शिफ्ट में दो गार्ड रहेंगे
✔️ अधिकतम 8 घंटे की ड्यूटी
✔️ वेतन बढ़ाकर 18,000 रुपये किया गया
✔️ ओवरटाइम का अलग भुगतान होगा
प्रति फ्लैट अतिरिक्त खर्च: 200 रुपये प्रतिमाह
और सबसे नीचे एक पंक्ति लिखी थी—
**"हम सुरक्षा कर्मी रख सकते हैं, लेकिन किसी इंसान की पूरी ज़िंदगी नहीं खरीद सकते।"**
**रात 10:00 बजे**
काफी समय बाद पहली बार रामकिशन समय से पहले घर जा रहा था।
जैसे ही वह गेट तक पहुँचा, चेयरमैन के बेटे ने उसे रोक लिया।
उसने हेलमेट उतारा और धीरे से कहा—
"अंकल... मैंने वह वीडियो डिलीट कर दिया है।"
"और कल से आपकी रात की चाय मेरी तरफ़ से।"
रामकिशन मुस्कुरा दिया।
कभी-कभी लोग लापरवाह नहीं होते।
वे सिर्फ़ बेहद थके हुए होते हैं।
और क��ी-कभी, सिर्फ़ एक ईमानदार बातचीत ही हमें फिर से इंसानियत का एहसास करा देती है।
झारखंड के सूरज यादव याद हैं जो डिलीवरी बॉय का काम करते थे....
ग्रेजुएशन करने के बाद सूरज कॉल सेंटर में जॉब करने लगे तभी उनकी शादी पूनम से हुई।
घर के हालात खराब थे सूरज ने पत्नी से पूछा मैं कमाने जाऊं या JPSC की तैयारी करूं।
पूनम ने जवाब दिया आप ��ढ़ने जाइए, खर्च की चिंता मत करिए. साल 2020 तक पूनम के मायके वाले पूनम को आर्थिक सहयोग करते रहे।
फिर सूरज के घर एक बेटा हुआ जिम्मेदारी का बोझ बढा, लेकिन फिर पूनम ने सूरज से JPSC की तैयारी के लिए कहा
साल 2022 में JPSC की परीक्षा हुई लेकिन मेंस में सात अंकों की कमी के कारण पास नहीं कर सके
इसी दौरान ससुराल में साली की शादी थी लिहाजा वहां से आर्थिक सहायता मिलना बंद हो गया। फिर से संकट आया कि कमाया जाए या फिर JPSC की तैयारी की जाए।
पत्नी का वही जवाब था JPSC की तैयारी।
अब सूरज ने डिलीवरी बॉय और रै���ीडो की नौकरी के साथ-साथ JPSC की तैयारी करना शुरू किया।
उन्हें झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (जेपीएससी) की परीक्षा में 110वीं रैंक मिली है. और सूरज यादव डिप्टी कलेक्टर बन गए
अब सभी लेवल 2 प्रभावितों का घर से बाहर निकलने का समय आ गया है इसलिए सभी बीकानेर चलो माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी आप इतने नेक दिल इंसान होकर भी हमारे से ये सब करवा रहे हों cencus का काम पूरा हुआ है स��चा थोड़ा रेस्ट कर लेंगे लेकिन किस्मत में नहीं है @saten_08 @JaatMohit001