पाया नहीं वो जो खो रहा हूँ
तक़दीर को अपनी रो रहा हूँ
इस सोच में ज़िंदगी बिता दी
जागा हुआ हूँ कि सो रहा हूँ
फिर किस से उठेगा बोझ मेरा
इस फ़िक्र में ख़ुद को ढो रहा… https://t.co/anUk1hU4cm
मेरा दर्द न जाने कोई
एक तरफ़ बेटी है मेरी
एक तरफ़ मिरी माँ
दोनों मुझ को अक़्ल बताती रहती हैं
बारी बारी सबक़ पढाती रहती हैं
दो नस्लों के बीच खड़ी
मैं ख़ुद पर हँसती रहती… https://t.co/gMfXQ2hfse
आईना
लड़की सर को झुकाए बैठी
काफ़ी के प्याले में चमचा हिला रही है
लड़का हैरत और मोहब्बत की शिद्दत से पागल
लाँबी पलकों के लर्ज़ीदा सायों को
अपनी आँख से चूम रहा है
दोनों मेरी… https://t.co/nCf3Vt5nTd
Have you seen Mandar Pandhare (@mandar_pandhare ) ?⠀
The fair, well built, young guy is missing from the Dark Room Poets' Team from quite a sometimes now. ⠀
⠀
If found please contact DRP… https://t.co/O27nMQep5U
न फिर वो मैं था
न फिर वो तुम थे
न जाने कितनी मसाफ़तें दरमियाँ खड़ी थीं
उस एक लम्हे के आईने पर
न जाने कितने बरस परेशान धूल की तरह से जमे थे
जिन्हें रिफ़ाक़त समझ के हम दोनों मुतमइन… https://t.co/gkdDVJ0oS2
Dear Yugandhara,
For people who say that your name is big, show them that your heart is bigger.
You're a perfect blend of childishness and maturity! We're thankful that you've been… https://t.co/hNf3pfe0hJ
अगर हम कहें और वो मुस्कुरा दें
हम उन के लिए ज़िंदगानी लुटा दें
हर इक मोड़ पर हम ग़मों को सज़ा दें
चलो ज़िंदगी को मोहब्बत बना दें
अगर ख़ुद को भूले तो कुछ भी न भूले
कि चाहत में… https://t.co/kqR9DiTawl
Need a help? There you go!
Kuldeep will never say no!
One of our core team members, Kuldeep Shiwankar is like a guardian angel to Dark Room Poets. He's the first person we look up to… https://t.co/as3JcGadY4
तुम्हारा हिज्र मना लूँ अगर इजाज़त हो
मैं दिल किसी से लगा लूँ अगर इजाज़त हो
तुम्हारे बा'द भला क्या हैं वअदा-ओ-पैमाँ
बस अपना वक़्त गँवा लूँ अगर इजाज़त हो
तुम्हारे हिज्र की… https://t.co/W7m8GiwjXq
हम मेहनतकश जग वालों से जब अपना हिस्सा मांगेंगे,
इक खेत नहीं, इक देश नहीं, हम सारी दुनिया मांगेंगे।
यां पर्वत-पर्वत हीरे हैं, यां सागर-सागर मोती हैं,
ये सारा माल हमारा है, हम सारा… https://t.co/Buezc1KlWO
चलो मुसाफ़िर
चलो मुसाफ़िर, उदास शामों की रहगुज़र में
सितारे, ढूँडें
छलकती आँखों में ज़िंदगी के जो बच गए हैं वो ख़्वाब ढूँडें
भटकती गलियों में आबलों के गुलाब देखें
पहाड़ सोचों… https://t.co/lILvAajdem
हद
तुम्हें शायद ख़याल आएगा मेरा एक दिन लेकिन
मैं उस दिन रौशनी की हद से बाहर जा चुका हूँगा
मोहब्बत और ख़ुशी की हद से बाहर जा चुका हूँगा
जो है उस ज़िंदगी की हद से बाहर जा चुका हूँगा… https://t.co/mWLX5ji008
ज़िंदगी
न मैं मरा हूँ
न तुम मरी हो
मिले थे जब पहली बार
कितने किए थे वादे
खाई कितनी थी हम ने क़स्में
नहीं जिएँगे
जो मिल न पाए
मगर न ज़ेहनों में थीं हमारे
वो मुर्दा… https://t.co/eTzoTIWGHg
हमेशा देर कर देता हूँ
हमेशा देर कर देता हूँ मैं हर काम करने में
ज़रूरी बात कहनी हो कोई वा'दा निभाना हो
उसे आवाज़ देनी हो उसे वापस बुलाना हो
हमेशा देर कर देता हूँ मैं
मदद करनी… https://t.co/fZ4Cet2w18
मैं डरता हूँ
मैं डरता हूँ
अपने पास की चीज़ों को
छू कर शाइरी बना देने से
रोटी को मैं ने छुआ
और भूक शाइरी बन गई
उँगली चाक़ू से कट गई
और ख़ून शाइरी बन गया
गिलास हाथ से गिर… https://t.co/whQGY9spIc
मुझे कुछ याद आता है
तुम्हारे शहर को छोड़े हुए
इक्कीस दिन
इक्कीस रातें
और कुछ परकार लम्हे हो चुके हैं
मिरे आमाल-नामे पर किसी बे-जान जज़्बे का
और अधूरा जिस्म जलता है
वहाँ… https://t.co/z0HUDcUDzk
हर बार मेरे सामने आती रही हो तुम
हर बार तुम से मिल के बिछड़ता रहा हूँ मैं
तुम कौन हो ये ख़ुद भी नहीं जानती हो तुम
मैं कौन हूँ ये ख़ुद भी नहीं जानता हूँ मैं
तुम मुझ को जान कर ही… https://t.co/iwGiO64xG2
Magar aisi koi khalish bhi thi jo faqat humara nasib thi,
Ki jo rog hum ne laga liya kisi aur ko toh laga nahi.
| Ahmad Hamesh | Dark Room Poets |
#poetry#love#quotes#sad#art… https://t.co/P4g1R3ZJVo