मुजफ्फरपुर-पटना फोरलेन पर कुछ युवकों ने थार गाड़ी को नहर में उतारकर खतरनाक स्टंट किया। घटना देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पुलिस पहुंची, लेकिन युवक गाड़ी निकालकर फरार हो गए। पुलिस उनकी पहचान कर कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
ज़रूरी काम की वजह से अचानक घर जाना पड़ रहा है। काफी समय बाद जनरल डिब्बे में सफर कर रहा हूँ।
कभी प्रतियोगी परीक्षाएँ देने जाते थे, तब अक्सर इसी जनरल कोच में सफर होता था। आज वही पुराने दिन याद आ गए।
और ये चटपटा नमकीन, मूंगफली बेचने वाले भी कम कलाकार नहीं होते। जिस सिल्वर की बाल्टी में ये सब रखते हैं, उसे बिल्कुल आपकी नाक के सामने ले आएँगे। खुशबू ऐसी कि चाहे कितनी भी इच्छा शक्ति हो, दो मिनट में घुटने टेक दे।
आख़िर मन के आगे किसकी चली है...
वैसे भी किसी ने ठीक ही कहा है... सुनो सबकी, करो मन की
जज साहब का लॉजिक तो एकदम नेक्स्ट लेवल है इनके हिसाब से तो हर बड़ा क्राइम बस एक मासूम सा एक्सपेरिमेंट है पटना और इलाहाबाद कोर्ट के फैसले सुनकर तो ऐसा लगता है कि IPC की किताब में अब संवेदनशीलता की जगह सिर्फ कॉमेडी बची है अच्छा हुआ सुप्रीम कोर्ट ने टाइम पर डांट लगा दी, वरना ये लोग तो छेड़खानी को फ्री मेडिकल चेकअप का नाम दे देते