राम'नाम जपनेवालेको मारनेकी ताकात राममें भी नही. जब भक्तिकी शक्ति प्रभुको बाध्य बनती है तो भगवान मिटकर वो भक्तके दास बन जाते है. यही किस्सा हमारे हनुमानका है.
जिस सागर बिना सेतु
लांघ ना सके श्री राम
कूद गए हनुमानजी उसीको
लेकर रामका नाम
अंतमें निकला ये परिणाम
रामसे बड़ा रामका नाम!