@nishikant_dubey तो तुम बता रहे हो कि पूरा देश ये जान ले की मोदी सरकार ने अटल बिहारी वाजपाई को मारने के लिए ही उन्हें एम्स में आरक्षण के डॉक्टरों के हवाले किया था।
@Ashok_Kashmir@RajkamalBooks आज अभी मुझे फ्लिपकार्ट से दो किताबें मिलीं
1) सावरकर कालापानी और उसके बाद
2) कश्मीर और कश्मीरी पंडित
अमेजन से आने वाली जो किताबें 06 जनवरी 2026 को प्राप्त होंगी:
1) बीसवीं सदी के तानाशाह
2) उसने गांधी को क्यों मारा
3) कश्मीरनामा
खबर प्लांट की गई है कि 272 जजों और ब्यूरोक्रेट्स ने खत लिखा है कि राहुल गाँधी चुनाव आयोग को बदनाम कर रहे है
मेरा सवाल है ये 272 लोग कहाँ घुसे थे जब
⚠️पहलू अखलाक की लिंचिंग हुई थी
⚠️बहन बिलकिस के बलात्कारियों को माला पहनाई गयी
⚠️आज आशाराम खुला घूम रहा है
क्या ये बदनामी नही है?
@jpsin1 समय सीमा तो होनी ही चाहिए । फाइलों का अनुमोदन करें या ना करे तो कारण लिख कर वापस करें लेकिन फाइल पर कुंडली मार कर बैठें नहीं।
सभी शासकीय कार्यालय में समय सीमा में कार्य संपादित करने की बाध्यता है फिर इस समय सीमा से राष्ट्रपति या राज्यपाल को छूट क्यों?
दूसरे देशों में लड़ाई या आतंकी घटना होने पर भारत का स्टॉक मार्केट गिर जाता है लेकिन जब आतंकी घटना अपने ही देश हो तो स्टॉक मार्केट सेलिब्रेट करते हुए ऊपर चढ़ता है।
है न कमाल!
मोदी है तो मुमकिन है।
@AtishiAAP ये राजतंत्र नहीं है लोकतंत्र है।
वर्तमान का युग त्रेता युग नहीं है। लोकतांत्रिक राजनीति में मुख्यमंत्री की कुर्सी को अपने राम का सिंहासन मत बनाओ।
क्या ये कुर्सी हमेशा के लिए केजरीवाल की है? अगर केजरीवाल अगला चुनाव हार गए तो इस कुर्सी का क्या होगा?