#WATCH | Jakarta, Indonesia: During the banquet lunch hosted in honour of PM Narendra Modi, Indonesian President Prabowo Subianto says, "... I also want to admit to your excellency (PM Modi), I follow your career and I copy many of your programs. I don't mind admitting because if it succeeds for hundreds of millions of people with the same background as Indonesia, the same problems...India has achieved many progress. So I openly admit that I follow your career and I copy a lot of your programs. And it's proving to be successful for us. So thank you very much."
(Source: ANI/DD)
@drsunita02 From a distance, anyone would think so, and I'm not denying that. But this isn't a small local business dealing in pennies. Everything is on record here. Float cash is given in the morning, and total cash has to be tallied at closing. You have to account for any excess cash,
समाजवादी पार्टी (सपा) के एक प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा अभी हाल ही में ब्राह्मण समाज को लेकर की गयी अभद्र, अशोभनीय एवं आपत्तिजनक टिप्पणी व बयानबाज़ी आदि को लेकर हर तरफ उपजा भारी आक्रोश व उसकी तीव्र निन्दा स्वाभाविक ही है तथा इस विवाद के फलस्वरूप पुलिस द्वारा मुक़दमा दर्ज किये जाने के बाद भी यह मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। किन्तु संकीर्ण जातिवादी राजनीति करने वाली सपा के नेतृत्व की इस मामले को लेकर ख़ामोशी से भी मामला और अधिक गंभीर होकर काफी तूल पकड़ता जा रहा है। स्थिति भी तनावपूर्ण होती जा रही है।
वैसे भी सपा प्रवक्ता के ग़ैर-ज़िम्मेदाराना बयान से ब्राह्मण समाज के आदर-सम्मान व स्वाभिमान को जो ठेस पहुँची है तो उसको गंभीरता से लेते हुये सपा मुखिया को इसका तत्काल संज्ञान लेकर ब्राह्मण समाज से छमा याचना व पश्चाताप कर लेना चाहिये तो यह संभवतः उचित होगा।
इसके अलावा, इस ताज़ा प्रकरण से लोगों की नज़र में यह भी साबित है कि सपा का ख़ासकर दलितों, अति-पिछड़ों व मुस्लिम समाज आदि की तरह ब्राह्मण समाज-विरोधी भी इनका जातिवादी चाल व चरित्र बदला नहीं है बल्कि और ज़्यादा गहरा ही हुआ है तथा इसके साथ ही, ब्राह्मण समाज के प्रति वर्तमान सरकार के रवैयों को लेकर भी जो ज़बरदस्त नाराज़गी इस समाज में देखने को मिल रही है वह भी किसी से छिपा हुआ नहीं है,
जबकि यह सर्वविदित है कि बी.एस.पी. द्वारा सर्वसमाज की तरह ब्राह्मण समाज को भी पार्टी व सरकार में भी भरपूर आदर-सम्मान देने के साथ-साथ हर स्तर पर उन्हें उचित भागीदारी भी दी गयी है अर्थात् बी.एस.पी. में यूज़ एण्ड थ्रो नहीं है बल्कि सर्वसमाज का हित हमेशा सुरक्षित रहा है।
जिसे हम सदियों से आस्था की आँखों से देखते आए थे, अब विज्ञान ने उसकी पुष्टि कर दी है।
प्रयागराज के संगम को हमेशा से गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के मिलन का स्थान माना गया है। एक त्रिवेणी, जिसमें दो नदियाँ दिखती थीं, और तीसरी सिर्फ़ श्रद्धा में बहती थी।
अब हैदराबाद के CSIR-नेशनल जियोफ़िज़िकल रिसर्च इंस्टिट्यूट (NGRI) के वैज्ञानिकों ने इस पौराणिक मान्यता को एक ठोस वैज्ञानिक आधार दे दिया है। हेलीकॉप्टर से किए गए एयरबोर्न सर्वे और ज़मीन पर की गई कन्फ़र्मेटरी ड्रिलिंग के बाद, डॉ. सुभाष चंद्र की टीम ने पुष्टि की है कि गंगा और यमुना के बीच, ज़मीन से 10 से 15 मीटर नीचे, एक विशाल प्राचीन नदी दबी हुई है। इसकी चौड़ाई, गहराई और आधार स्तर, तीनों गंगा और यमुना के बराबर हैं।
यानी यह कोई छोटी सहायक धारा नहीं थी। यह स्वयं एक मुख्य नदी थी।
विज्ञान इसे "पेलियो रिवर" कहता है। आस्था इसे सरस्वती कहती है। दोनों एक ही सच की ओर इशारा कर रहे हैं।
प्रयागराज अब सिर्फ़ आस्था का संगम नहीं रहा, यह विज्ञान और परंपरा का भी संगम बन गया है। जहाँ हज़ारों वर्षों की स्मृति, और आज की तकनीक, एक ही कहानी कहती हैं।
माँ सरस्वती कभी सूखी नहीं थीं। बस छिप गई थीं। और आज, फिर से सामने आ रही हैं।
@cleanganganmcg
Few days ago- dear Riju Datta of TMC had thrown me a challenge
“If BJP wins Bengal i won’t come on tv debates and if BJP doesn’t cross 100 then Shehzad should not come”
Much like Derek’s arrogant challenge isn’t it Time to implement this challenge too?
RT so many times that it reaches Riju Datta
Video Red Ross
जाति देखकर टिकट दोगे
जाति देखकर स्कॉलरशिप दोगे
जाति देखकर कानून पास करोगे
जाति देखकर मंत्री और राष्ट्रपति बनाओगे
जाति देखकर आयोग बनाओगे
जाति देखकर मंत्रालय बाटोगे
जाति देखकर नौकरी दोगे
जाति देखकर परीक्षा में पास करोगे
जाति देखकर पार्टी अध्यक्ष बनाओगे
और फिर कहोगे, की देश में जातिवाद बढ़ रहा है।
सबसे ज़्यादा जातिवादी मानसिकता तो भारत के नेताओ की है।
लेकिन शर्म फिर भी नहीं आती। 🙏🤷🏻♂️
विरोधाभास:
१. जितनी आबादी उतना हक: आरक्षण के लिए हाँ, परिसीमन के लिए ना!
२. साउथ ने जनसंख्या नियंत्रण किया, उत्तर वाले बढ़ाते रहे: तथ्यात्मक रूप से बिलकुल गलत, साउथ की जनसंख्या उत्तर से अधिक बढ़ी है।
३. सवर्णों ने जनसंख्या नियंत्रण किया: न तो आरक्षण मिल रहा, न उनके सांसद उनकी ही बात कर पा रहे। टैक्स देते हैं, पल वो रहे हैं जिन्होंने बच्चे बढ़ाए।
४. मुसलमानों ने जनसंख्या बढ़ाई, 45% का ग्रोथ रेट: इनको तो दंड मिलना चाहिए, सांसद कम होने चाहिए।
५. हिन्दुओं की संख्या आनुपातिक रूप से वस्तुतः घटी है: टैक्स अधिक देते हैं, पल कोई और रहा है।
६. अमित शाह ने आज कहा कि मुसलमानों को धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं मिलेगा: जाति के आधार पर ओबीसी में न केवल भाजपा राज्यों में आरक्षण दे रही है मुसलमानों को, बल्कि पीएम स्वयं छाती ठेक कर इसका क्रेडिट लेते हैं।
ताऊ, आप यदि इसे केवल UGC के विरोध में देख रहे हो तो ये दूरदर्शिता का अभाव है। UGC तो वह ब्रेकिंग पॉइंट था जब सामान्य वर्ग ने कहा, कि बस करो, हो गया! अब यह लड़ाई सुप्रीम कोर्ट के स्टे की नहीं है, वो पलट ही दे, हमें कोई मतलब नहीं।
हमें इस सरकार की जातिवादी सोच से लड़ना है कि अत्यधिक तुष्टिकरण मत करो, सवर्णों में भी गरीब हैं, उसे भी देखो। जातिवादी कानूनों में हमें भी घृणा, नारेबाजी, सर कलम की धमकी और विद्वेष के कारण की जा रही हिंसा पर संरक्षण चाहिए। ऐसे कानूनों में फ़र्ज़ी पाए जाने पर विरोधी पक्ष को आर्थिक दंड का प्रावधान हो।
सरकार UGC पर पीछे हट जाएगी और हर राज्य में SC/ST एक्ट के साथ जो BC एट्रोसिटी एक्ट ले कर आएगी, उसका क्या? तो यदि @BJP4India या @narendramodi जी को यह भ्रम है कि 19 मार्च के बाद हम चुप हो जाएँगे, तो ऐसा होगा नहीं।
जातिवादी घृणा से सवर्णों को और मज़हबी घृणा से हिंदुओं को सुरक्षा मिलनी ही चाहिए। बाक़ी और कोई नहीं लिखेगा, मैं लिखता रहूँगा। मुझे कोई राजनीति नहीं करनी, पर यह एक अवसर है सरकार तक अपनी बात रखने का, वो मैं रखूँगा। सरकार को क्या करना है, वो जाने।
जो भी कॉल कर रहा है, बोलता है फलाने जी तो कह रहे थे कि ‘अजीत जी को क्या हो गया है, बात कैसे हो सकती है उनसे?’
कोई सीएम ऑफिस में है, कोई उससे भी बड़े का। कोई नेता है, कोई बहुत बड़ा नेता है। नंबर सब ले सकते हैं, दो मिनट में मिल जाएगा, लेकिन उनका मानना है कि वो बात करना चाहते हैं तो मैं लालायित रहूँ कि बाप रे, फलाँ नेता के सहयोगी जी बात करना चाहते हैं।
भाई, ये टुच्चे खेल मेरे साथ मत खेलो। मैं केवल नितिन नबीन जी से बात करूँगा (क्योंकि वो बिहारी हैं, और अभी कई चुनाव बाकी हैं, राज्यसभा में भी भाजपा कमजोर दिख रही है) बाकी जिसको करना है, साले पुलिस भेज देते हो, तो पता नहीं मालूम?
घर पर आओ, भोजन करो और बात भी। बाकी इधर-उधर थर्ड-पार्टी से संदेशे मत भिजवाओ।
PS: नितिन नबीन जी का नंबर निकलवा लिया हूँ, पुष्पगुच्छ ले कर पहुँचता हूँ दीन दयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन। फिर दो बिहारी मिल कर कब्जा कर लेंगे हर जगह।
यूजीसी रोलबैक को लेकर बागपत बड़ौत तहसील में सैकड़ों लोगों ने धरना प्रदर्शन किया, प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से कानून वापस लेने की मांग की... धरने में शामिल लोगों का कहना था 'यह कानून सामान्य और अन्य वर्गों के लोगों को आपस में लड़ाने वाला है'
#UGC#BreakingNews
UGC के नियमों से जो सहमत नहीं हैं , उन्हें इसके विरोध का पूरा अधिकार है---शांतिपूर्ण विरोध - प्रदर्शन करने वालों की गिरफ्तारी या हाउस अरेस्ट पूरी तरह अनुचित है--- लोकतंत्र में विरोध के अधिकार का भी सम्मान होना चाहिए ---#UGCRollBack@rashtravaaniIND
The UGC guidelines are draconian & citizens of India have a fundamental right to protest this draconian guidelines. The fact that the Union Govt has tried to stop these protests,detained citizens & put many under house arrest is ridiculous. This shows the BJP DOES NOT CARE EITHER FOR THE GENERAL CATEGORY OR FREEDOM OF SPEECH & RIGHT TO PROTEST!
I have been told a peaceful protest planned to be held tomorrow at Ramlila Maidan against UGC Guidelines, with a demand to withdraw it, is being discouraged by authorities citing security reasons and some of those attending have been put under house arrest.
Protests are an integral part of democratic process and Delhi has seen multiple protests almost everyday, it is to peacefully gather and register their demands to a government which has been silent. Shame on Delhi Police for this partisan behaviour.